भारत-फ्रांस क्रिटिकल मिनरल्स सहयोग: नई दिल्ली में पहली संयुक्त कार्य समूह बैठक संपन्न
सारांश
मुख्य बातें
भारत और फ्रांस ने क्रिटिकल मिनरल्स (महत्वपूर्ण खनिजों) के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को ठोस रूप देते हुए 6 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में पहली संयुक्त कार्य समूह (Joint Working Group) बैठक आयोजित की। फ्रांस के रणनीतिक खनिज एवं धातु आपूर्ति के अंतर-मंत्रालयी प्रतिनिधि बेंजामिन गैलेजोट ने 6 और 7 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय राजधानी का दौरा किया और इस ऐतिहासिक बैठक की सह-अध्यक्षता की। यह दौरा फरवरी 2026 में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा के दौरान हस्ताक्षरित संयुक्त आशय घोषणा का अगला व्यावहारिक चरण है।
बैठक में क्या हुआ
भारत की ओर से बैठक की सह-अध्यक्षता खनन मंत्रालय के राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन के संयुक्त सचिव कदम संदीप वसंत ने की। दोनों पक्षों ने क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ तत्वों की खोज, प्रोसेसिंग, रिसाइक्लिंग तथा टिकाऊ सप्लाई चेन विकसित करने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। बैठक में भारत, फ्रांस और अन्य प्रमुख देशों में संयुक्त सहयोग परियोजनाओं की संभावनाओं को भी तलाशा गया।
संस्थागत भागीदारी
बैठक में फ्रांस की ब्यूरो ऑफ जियोलॉजिकल एंड माइनिंग रिसर्च (BRGM) और भारत के भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। दोनों संस्थानों ने दीर्घकालिक सहयोग को विस्तार देने और क्रिटिकल मिनरल्स की संपूर्ण वैल्यू चेन में ज्ञान एवं विशेषज्ञता के आदान-प्रदान के नए अवसरों पर चर्चा की। गौरतलब है कि BRGM और GSI के बीच सहयोग पहले से जारी है, और यह बैठक उसे नई संरचनात्मक दिशा देती है।
उच्च-स्तरीय बैठकें और उद्योग संवाद
नई दिल्ली प्रवास के दौरान बेंजामिन गैलेजोट ने भारत के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पवन कपूर से मुलाकात की, जो इस सहयोग के रणनीतिक महत्व को रेखांकित करती है। इसके अतिरिक्त उन्होंने भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों की भारतीय कंपनियों के प्रतिनिधियों से भी संवाद किया, जिसमें खनन, उद्योग और निवेश से जुड़े सहयोग के अवसरों पर विचार हुआ।
फरवरी 2026 की आशय घोषणा का क्रियान्वयन
यह पूरी प्रक्रिया फरवरी 2026 में राष्ट्रपति मैक्रों की भारत यात्रा के दौरान हस्ताक्षरित भारत-फ्रांस क्रिटिकल मिनरल्स सहयोग संयुक्त आशय घोषणा के अंतर्गत है। उस घोषणा के तहत दोनों देश खनिज खोज, खनन, अनुसंधान, नवाचार, वैल्यू चेन के विविधीकरण, सप्लाई चेन सुदृढ़ीकरण और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में साझा कार्य के लिए सहमत हुए थे। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर क्रिटिकल मिनरल्स की सुरक्षित आपूर्ति को लेकर प्रतिस्पर्धा तेज़ हो रही है और भारत अपनी खनिज निर्भरता को विविधीकृत करने की दिशा में सक्रिय है।
फ्रांस का रणनीतिक खनिज ढाँचा
फ्रांस का रणनीतिक खनिज एवं धातु आपूर्ति अंतर-मंत्रालयी प्रतिनिधिमंडल दिसंबर 2022 में स्थापित किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य फ्रांस के लिए रणनीतिक खनिजों और धातुओं की सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित करना तथा विभिन्न मंत्रालयों के बीच समन्वय के ज़रिए औद्योगिक, ऊर्जा और रणनीतिक ज़रूरतों के लिए मज़बूत सप्लाई चेन तैयार करना है। आगे दोनों देशों के बीच इस सहयोग के और गहरे होने की उम्मीद है।