पीएम मोदी के फ्रांस दौरे से पहले नई राफेल डील और रक्षा सहयोग पर बड़े संकेत
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी फ्रांस दौरे से पहले फ्रांसीसी कूटनीतिक सूत्रों ने नई राफेल डील और भारत-फ्रांस रक्षा एवं औद्योगिक सहयोग में बड़ी प्रगति के संकेत दिए हैं। सूत्रों ने इस साझेदारी को पारंपरिक खरीदार-विक्रेता संबंधों से कहीं आगे, एक बराबरी की भागीदारी करार दिया है। इस दौरे में रक्षा, परमाणु ऊर्जा और क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दे एजेंडे में सबसे ऊपर रहने की उम्मीद है।
दौरे की पृष्ठभूमि और महत्व
विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव पीयूष श्रीवास्तव ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी अपने फ्रांस दौरे की शुरुआत नीस से करेंगे। यह दौरा फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के निमंत्रण पर हो रहा है और मोदी का यह सातवाँ आधिकारिक फ्रांस दौरा है। उन्होंने कहा कि इस द्विपक्षीय संबंध की विशेषता अपनापन, भरोसा, नियमित संपर्क और दोनों नेताओं के बीच मजबूत व्यक्तिगत तालमेल रही है। गौरतलब है कि इसी वर्ष फरवरी में राष्ट्रपति मैक्रों एआई समिट के लिए मुंबई आए थे।
रक्षा सहयोग: 'मेक इन इंडिया' केंद्र में
फ्रांसीसी कूटनीतिक सूत्रों ने स्पष्ट किया कि नई रक्षा डील पिछली डील्स से अलग होगी। सूत्रों के अनुसार, 'मेक इन इंडिया' और स्थानीय हथियारों का एकीकरण इसका अभिन्न हिस्सा होगा। उन्होंने कहा, 'फ्रांस सरकार रक्षा में मेक इन इंडिया के लिए प्रतिबद्ध है। पिछले दस सालों में रक्षा तकनीक के क्षेत्र में संबंध काफी परिपक्व हुए हैं।'
प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पर सूत्रों ने जोर देते हुए कहा, 'यह क्लाइंट-कस्टमर का संबंध नहीं है — यह बराबर का संबंध है। पिछले 10 वर्षों में हमने यह साबित किया है।' इस बयान को रक्षा विश्लेषक भारत-फ्रांस संबंधों में एक गुणात्मक बदलाव के रूप में देख रहे हैं।
सिविल परमाणु सहयोग: नई संभावनाएँ
इस दौरे में सिविल न्यूक्लियर कोऑपरेशन भी विशेष रूप से चर्चा में रहने की उम्मीद है। फ्रांसीसी अधिकारियों ने संकेत दिया कि भारत के शांति कानून ने निजी क्षेत्र की भागीदारी के लिए नए द्वार खोले हैं। सूत्रों ने कहा, 'शांति कानून बहुत अच्छा है — यह भारतीय प्राइवेट सेक्टर को भी इसमें शामिल करता है।' उन्होंने बताया कि इस कानून के पास होने के बाद से फ्रांसीसी यूटिलिटी कंपनी ने बड़े भारतीय खिलाड़ियों के साथ सक्रिय बातचीत शुरू कर दी है।
आगे क्या होगा
फ्रांसीसी कूटनीतिक सूत्रों ने उम्मीद जताई कि वर्ष के अंत तक सहयोग की स्पष्ट तस्वीर सामने आ जाएगी। उनके शब्दों में, 'हम एक नए फेज की शुरुआत में हैं।' दौरे के दौरान इनोवेशन, क्षेत्रीय सुरक्षा और द्विपक्षीय व्यापार के मुद्दे भी एजेंडे पर रहेंगे। यह दौरा भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को एक नई ऊँचाई पर ले जाने का अवसर माना जा रहा है।