फ्रांस के नीस में जून में भारत की डीप टेक प्रदर्शनी, PM मोदी और मैक्रों होंगे उद्घाटन में

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फ्रांस के नीस में जून में भारत की डीप टेक प्रदर्शनी, PM मोदी और मैक्रों होंगे उद्घाटन में

सारांश

भारत जून में फ्रांस के नीस में अपनी डीप टेक्नोलॉजी क्षमता का प्रदर्शन करने जा रहा है। PM मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों का इस प्रदर्शनी का उद्घाटन करना द्विपक्षीय संबंधों और तकनीकी सहयोग को नई ऊँचाई देने का संकेत है।

मुख्य बातें

धर्मेंद्र प्रधान ने घोषणा की कि जून में फ्रांस के नीस शहर में भारत की डीप टेक्नोलॉजी प्रदर्शनी होगी।
PM मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों इस प्रदर्शनी का संयुक्त उद्घाटन करेंगे।
आईआईटी मद्रास को 'इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस' का दर्जा मिलने के बाद से अनुसंधान में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
जयंत चौधरी ने कहा कि UPI जैसी डिजिटल सेवाओं ने समाज के सभी वर्गों तक तकनीक की पहुँच सुनिश्चित की है।
भारत की तकनीकी प्रगति को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करना द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने का एक प्रयास है।

नई दिल्ली, 5 मई (राष्ट्र प्रेस)। भारत मंडपम में आयोजित आईआईटी मद्रास टेक समिट के उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने भाग लिया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की — फ्रांस के नीस शहर में अगले महीने भारत की 'डीप टेक्नोलॉजी' की एक व्यापक प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों दोनों करेंगे।

आईआईटी मद्रास की भूमिका और उपलब्धियाँ

धर्मेंद्र प्रधान ने आईआईटी मद्रास को एक जिम्मेदार शैक्षणिक संस्था के रूप में सराहा और कहा कि संस्थान को 'इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस' का दर्जा मिलने के बाद से अपने दायित्वों को गंभीरता से निभाया है। उन्होंने बताया कि संस्थान ने कई 'सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस' स्थापित किए हैं, जो देश में शोध और नवाचार को नई दिशा दे रहे हैं। गौरतलब है कि ये केंद्र अत्याधुनिक तकनीकों में अनुसंधान के लिए एक महत्वपूर्ण आधार बन गए हैं।

केंद्र सरकार की शोध पारिस्थितिकी तंत्र की प्रतिबद्धता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार शोध के क्षेत्र में एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है, ऐसा धर्मेंद्र प्रधान ने कहा। उन्होंने इस पहल को 'भारत निर्माण' की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया और जोर दिया कि आईआईटी मद्रास द्वारा उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए नवाचार के क्षेत्र में नए-नए शोध प्रकल्पों पर काम किया जा रहा है। यह दृष्टिकोण भारत को वैश्विक तकनीकी नेतृत्व की ओर ले जाने का एक कदम है।

डीप टेक्नोलॉजी प्रदर्शनी: भारत का वैश्विक मंच

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि फ्रांस के नीस शहर में आयोजित होने वाली यह डीप टेक्नोलॉजी प्रदर्शनी भारत की तकनीकी क्षमता को विश्व मंच पर प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। इस प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों का उपस्थिति भारत-फ्रांस द्विपक्षीय संबंधों और तकनीकी सहयोग को मजबूत करने का संकेत है।

डिजिटल क्रांति और जनता तक तकनीक की पहुँच

केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने भारत की तकनीकी प्रगति पर जोर दिया और कहा कि देश एक ऐसे मुकाम पर है, जहां वह जटिल समस्याओं का समाधान आसानी से कर सकता है। उन्होंने विभिन्न तकनीकी सूचकांकों में भारत के प्रभावशाली प्रदर्शन की ओर इशारा किया, जो देश की डिजिटल क्षमता को दर्शाता है। चौधरी ने कहा कि डिजिटल क्रांति के कारण समाज के हर वर्ग तक तकनीक की पहुँच हो गई है — उदाहरण के लिए, एक 65 वर्षीय महिला, जिसने औपचारिक शिक्षा पूरी नहीं की, वह भी यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के माध्यम से बैंकिंग सेवाओं का उपयोग कर रही है।

पश्चिम बंगाल के चुनावों और विकास की बात

जयंत चौधरी ने पश्चिम बंगाल के हाल के चुनाव परिणामों का संदर्भ देते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) को मिला जनादेश यह स्पष्ट संकेत है कि जनता विकास चाहती है और आगे बढ़ना चाहती है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल देश की आर्थिक शक्ति का एक महत्वपूर्ण केंद्र है और वहां की जनता ने अपने भविष्य को ध्यान में रखते हुए फैसला किया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके सफल होने के लिए वास्तविक परिणाम की ज़रूरत है। आईआईटी मद्रास और अन्य संस्थानों की अनुसंधान को वाणिज्यिक और सामाजिक प्रभाव में रूपांतरित करना एक लंबी यात्रा है। डीप टेक क्षेत्र में भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा अभी भी चीन, अमेरिका और यूरोपीय देशों से पीछे है। इसलिए, जबकि यह प्रदर्शनी भारत के तकनीकी आत्मविश्वास को दर्शाता है, असली चुनौती यह है कि क्या भारत डीप टेक में वास्तविक नेतृत्व स्थापित कर सकता है या यह केवल एक राजनीतिक प्रदर्शन बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत की डीप टेक्नोलॉजी प्रदर्शनी कहाँ और कब होगी?
यह प्रदर्शनी जून 2026 में फ्रांस के नीस शहर में आयोजित की जाएगी। इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों दोनों मिलकर करेंगे।
यह प्रदर्शनी भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
यह प्रदर्शनी भारत की तकनीकी क्षमता और नवाचार को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। इसके माध्यम से भारत अपनी डीप टेक्नोलॉजी में विशेषज्ञता को दुनिया के सामने लाएगा और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करेगा।
आईआईटी मद्रास को 'इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस' का दर्जा क्या है?
यह भारत सरकार द्वारा दिया गया एक प्रतिष्ठित दर्जा है, जो शीर्ष शैक्षणिक संस्थानों को स्वायत्तता और वित्तीय सहायता प्रदान करता है। इससे संस्था को अनुसंधान और नवाचार में अधिक स्वतंत्रता मिलती है।
डिजिटल क्रांति ने भारत में कैसे तकनीक की पहुँच बढ़ाई है?
डिजिटल क्रांति के कारण UPI, डिजिटल बैंकिंग और अन्य तकनीकें समाज के हर वर्ग तक पहुँच गई हैं। यहाँ तक कि कम शिक्षित और बुजुर्ग लोग भी इन सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं, जिससे वित्तीय समावेशन में वृद्धि हुई है।
फ्रांस के साथ भारत का तकनीकी सहयोग क्या है?
भारत और फ्रांस के बीच तकनीकी सहयोग में अनुसंधान, शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में साझेदारी शामिल है। यह प्रदर्शनी इस सहयोग को और गहरा करने का एक प्रयास है।
राष्ट्र प्रेस
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