फ्रांस के नीस में जून में भारत की डीप टेक प्रदर्शनी, PM मोदी और मैक्रों होंगे उद्घाटन में
सारांश
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नई दिल्ली, 5 मई (राष्ट्र प्रेस)। भारत मंडपम में आयोजित आईआईटी मद्रास टेक समिट के उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने भाग लिया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की — फ्रांस के नीस शहर में अगले महीने भारत की 'डीप टेक्नोलॉजी' की एक व्यापक प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों दोनों करेंगे।
आईआईटी मद्रास की भूमिका और उपलब्धियाँ
धर्मेंद्र प्रधान ने आईआईटी मद्रास को एक जिम्मेदार शैक्षणिक संस्था के रूप में सराहा और कहा कि संस्थान को 'इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस' का दर्जा मिलने के बाद से अपने दायित्वों को गंभीरता से निभाया है। उन्होंने बताया कि संस्थान ने कई 'सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस' स्थापित किए हैं, जो देश में शोध और नवाचार को नई दिशा दे रहे हैं। गौरतलब है कि ये केंद्र अत्याधुनिक तकनीकों में अनुसंधान के लिए एक महत्वपूर्ण आधार बन गए हैं।
केंद्र सरकार की शोध पारिस्थितिकी तंत्र की प्रतिबद्धता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार शोध के क्षेत्र में एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है, ऐसा धर्मेंद्र प्रधान ने कहा। उन्होंने इस पहल को 'भारत निर्माण' की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया और जोर दिया कि आईआईटी मद्रास द्वारा उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए नवाचार के क्षेत्र में नए-नए शोध प्रकल्पों पर काम किया जा रहा है। यह दृष्टिकोण भारत को वैश्विक तकनीकी नेतृत्व की ओर ले जाने का एक कदम है।
डीप टेक्नोलॉजी प्रदर्शनी: भारत का वैश्विक मंच
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि फ्रांस के नीस शहर में आयोजित होने वाली यह डीप टेक्नोलॉजी प्रदर्शनी भारत की तकनीकी क्षमता को विश्व मंच पर प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। इस प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों का उपस्थिति भारत-फ्रांस द्विपक्षीय संबंधों और तकनीकी सहयोग को मजबूत करने का संकेत है।
डिजिटल क्रांति और जनता तक तकनीक की पहुँच
केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने भारत की तकनीकी प्रगति पर जोर दिया और कहा कि देश एक ऐसे मुकाम पर है, जहां वह जटिल समस्याओं का समाधान आसानी से कर सकता है। उन्होंने विभिन्न तकनीकी सूचकांकों में भारत के प्रभावशाली प्रदर्शन की ओर इशारा किया, जो देश की डिजिटल क्षमता को दर्शाता है। चौधरी ने कहा कि डिजिटल क्रांति के कारण समाज के हर वर्ग तक तकनीक की पहुँच हो गई है — उदाहरण के लिए, एक 65 वर्षीय महिला, जिसने औपचारिक शिक्षा पूरी नहीं की, वह भी यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के माध्यम से बैंकिंग सेवाओं का उपयोग कर रही है।
पश्चिम बंगाल के चुनावों और विकास की बात
जयंत चौधरी ने पश्चिम बंगाल के हाल के चुनाव परिणामों का संदर्भ देते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) को मिला जनादेश यह स्पष्ट संकेत है कि जनता विकास चाहती है और आगे बढ़ना चाहती है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल देश की आर्थिक शक्ति का एक महत्वपूर्ण केंद्र है और वहां की जनता ने अपने भविष्य को ध्यान में रखते हुए फैसला किया है।