11 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या भारत-फ्रांस हमारी पृथ्वी की बेहतरी के लिए मिलकर काम करते रहेंगे?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या भारत-फ्रांस हमारी पृथ्वी की बेहतरी के लिए मिलकर काम करते रहेंगे?

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी7 शिखर सम्मेलन में फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों के साथ संवाद करते हुए भारत-फ्रांस संबंधों की मजबूती और वैश्विक सुरक्षा पर जोर दिया। इस बैठक में आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता और विभिन्न मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ। जानें दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग के बारे में।

मुख्य बातें

भारत और फ्रांस के बीच मजबूत संबंधों की पुष्टि।
आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता का संदेश।
जी7 शिखर सम्मेलन में कई देशों के नेताओं से मुलाकात।
द्विपक्षीय साझेदारी में नई संभावनाओं की खोज।
वैश्विक सुरक्षा के लिए भारत की प्रतिबद्धता।

कनानास्किस (कनाडा), 18 जून (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से बातचीत करके अपनी खुशी का इजहार किया।

भारत और फ्रांस के बीच के मजबूत संबंधों को उजागर करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने अपने 'एक्स' अकाउंट पर लिखा, "मेरे मित्र, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ बातचीत और विभिन्न मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करना हमेशा खुशी की बात होती है। भारत और फ्रांस हमारी पृथ्वी की बेहतरी के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।"

इस वर्ष अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद मैक्रों ने 12 जून को प्रधानमंत्री मोदी से फोन पर बातचीत की थी। उन्होंने इस दुखद समय में फ्रांस, भारत और उसके लोगों के साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया।

मैक्रों ने यह भी कहा कि फ्रांस अपने सहयोगियों के साथ खड़ा रहेगा और जहां भी जरूरत होगी, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगा।

फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा, "मैंने मंगलवार को हुए कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले के बारे में पीएम नरेंद्र मोदी से बात की है। इस हमले में कई निर्दोष नागरिकों की दुखद मौत हुई है। फ्रांस इस दुख की घड़ी में भारत और उसके लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है। फ्रांस अपने सहयोगियों के साथ मिलकर, जहां भी आवश्यकता होगी, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगा।"

मैक्रों के साथ यह बैठक कनानास्किस में 51वें जी7 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी की कई उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठकों में से एक थी। यहां उन्होंने मैक्सिको, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, फ्रांस और कनाडा के नेताओं से मुलाकात की। इसमें वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता जाहिर की गई।

भारत और फ्रांस ने रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे कर लिए हैं। फ्रांस के साथ भारत के संबंध गहरे विश्वास और प्रतिबद्धता पर आधारित हैं।

पीएम मोदी ने इससे पहले मंगलवार को जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान यूके के पीएम कीर स्टार्मर से मुलाकात की थी।

पीएम मोदी ने कीर स्टार्मर से मुलाकात के बाद 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, "प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के साथ एक विशेष बातचीत! भारत और यूके के संबंध मजबूत हो रहे हैं, जो व्यापार और वाणिज्य जैसे क्षेत्रों में हमारी प्रगति में झलकता है। हम इस दोस्ती को और भी गति देने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।"

पीएम मोदी ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति के साथ मुलाकात के बाद 'एक्स' पर लिखा, "कनाडा में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्यांग और मेरी बैठक हुई। भारत और रिपब्लिक ऑफ कोरिया कॉमर्स, इन्वेस्टमेंट, टेक्नोलॉजी, ग्रीन हाइड्रोजन, जहाज निर्माण और अन्य क्षेत्रों में मिलकर काम करना चाहते हैं।"

'एक्स' पर एक अन्य पोस्ट में पीएम मोदी ने जर्मन चांसलर के साथ मुलाकात के बाद लिखा, "कनाडा में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ बातचीत करके बहुत खुशी हुई। भारत और जर्मनी घनिष्ठ मित्र हैं, जो साझा मूल्यों से जुड़े हैं। इस वर्ष हम अपनी रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे कर रहे हैं। हमने चर्चा की है कि आईटी, मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर्स, सस्टेनेबिलिटी, रिसर्च और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में और भी अधिक निकटता से कैसे काम किया जाए। चांसलर मर्ज और मैंने रक्षा और सुरक्षा संबंधों को गहरा करने पर भी चर्चा की। हम आतंकवाद का मुकाबला करने और आतंकी वित्तपोषण पर प्रहार करने जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करना जारी रखेंगे।"

मेक्सिको की राष्ट्रपति के साथ मुलाकात के बाद पीएम मोदी ने 'एक्स' पर लिखा, "मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम के साथ बहुत अच्छी बैठक हुई। दो शताब्दियों में पहली महिला मैक्सिकन राष्ट्रपति बनने पर उन्हें व्यक्तिगत रूप से बधाई दी। हम दोनों आने वाले समय में भारत-मेक्सिको संबंधों में अपार संभावनाएं देखते हैं, खासकर एग्रीकल्चर, सेमीकंडक्टर्स, क्रिटिकल मिनरल्स, हेल्थकेयर और अन्य क्षेत्रों में। हमने लोगों के बीच आपसी संबंधों को बढ़ाने के तरीकों पर भी बात की।"

पीएम मोदी ने मंगलवार को जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानी से भी अलग-अलग मुलाकात की।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता का भी संकेत है। भारत के लिए यह एक अवसर है कि वह अपने सहयोगियों के साथ मिलकर वैश्विक चुनौतियों का सामना कर सके।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जी7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने किससे बात की?
प्रधानमंत्री मोदी ने जी7 शिखर सम्मेलन में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से बातचीत की।
भारत और फ्रांस के संबंधों की खासियत क्या है?
भारत और फ्रांस के संबंध गहरे विश्वास और रणनीतिक साझेदारी पर आधारित हैं।
मैक्रों ने मोदी से किस मुद्दे पर बात की?
मैक्रों ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता और भारत के साथ सहयोग के विषय पर बात की।
भारत और फ्रांस ने कितने वर्षों की साझेदारी पूरी की है?
भारत और फ्रांस ने रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे कर लिए हैं।
पीएम मोदी ने जी7 सम्मेलन में और किससे मुलाकात की?
पीएम मोदी ने जी7 सम्मेलन में यूके के पीएम कीर स्टार्मर, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति और जर्मन चांसलर से भी मुलाकात की।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 12 महीने पहले
  8. 1 साल पहले