रूस ने 'सरमत' ICBM का सफल परीक्षण किया, पुतिन बोले — यह दुनिया का सबसे शक्तिशाली हथियार
सारांश
मुख्य बातें
रूस के स्ट्रेटेजिक मिसाइल फोर्सेज के कमांडर सर्गेई कराकायेव के अनुसार, रूस ने 'सरमत' इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) का सफल परीक्षण किया है। कराकायेव ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को सौंपी रिपोर्ट में बताया कि परीक्षण के नतीजे मिसाइल के तय तकनीकी मानकों पर पूरी तरह खरे उतरे हैं।
परीक्षण के प्रमुख नतीजे
कराकायेव ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि 'सरमत' मिसाइल सिस्टम के परीक्षण में उसकी उड़ान क्षमता, मारक क्षमता, लॉन्च की तैयारी और सुरक्षा उपायों की पुष्टि हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि यह मिसाइल ग्राउंड-बेस्ड स्ट्रेटेजिक न्यूक्लियर फोर्सेज की ताकत को और मज़बूत करेगी, जिससे लक्ष्यों को नष्ट करने की क्षमता बढ़ेगी और रणनीतिक सुरक्षा बनाए रखने में मदद मिलेगी।
पुतिन के दावे — चार गुना ताकत, दोगुनी सटीकता
राष्ट्रपति पुतिन ने इस सफल परीक्षण पर रूसी सेना को बधाई दी और दावा किया कि यह दुनिया का सबसे शक्तिशाली हथियार सिस्टम है। उनके अनुसार, इस मिसाइल की ताकत किसी भी मौजूदा पश्चिमी हथियार से चार गुना अधिक है। पुतिन ने कहा कि यह मिसाइल न केवल बैलिस्टिक बल्कि सबऑर्बिटल ट्रैजेक्टरी पर भी उड़ सकती है, जिससे 35,000 किलोमीटर से अधिक की रेंज मिलती है। साथ ही उन्होंने कहा कि इसकी सटीकता और सभी मौजूदा व भविष्य के एंटी-मिसाइल डिफेंस सिस्टम को भेदने की क्षमता दोगुनी हो जाती है।
सोवियत विरासत और तकनीकी पृष्ठभूमि
पुतिन ने 'सरमत' की तुलना सोवियत दौर की 'वोएवोडा' मिसाइल सिस्टम से की। आरएस-28 सरमत एक एडवांस्ड ग्राउंड-बेस्ड साइलो-बेस्ड मिसाइल सिस्टम है, जो न्यूक्लियर वॉरहेड और भारी लिक्विड-प्रोपेलेंट के साथ ICBM ले जाने में सक्षम है। इस पर 2000 के दशक से विकास कार्य जारी है। इस सिस्टम की पहली सफल लॉन्चिंग 20 अप्रैल 2022 को रूस के आर्कान्जेस्क क्षेत्र स्थित प्लेसेट्सक कॉस्मोड्रोम से की गई थी।
अमेरिकी ABM संधि से निकासी और रूसी रणनीति
पुतिन ने इस संदर्भ में याद दिलाया कि 2002 में जब अमेरिका ने एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल संधि से बाहर निकलने का फैसला किया, तब रूस को अपनी रणनीतिक सुरक्षा और शक्ति संतुलन बनाए रखने के लिए नई व्यवस्था पर काम करना पड़ा। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक परमाणु निरस्त्रीकरण वार्ताएँ लगभग ठप हैं और रूस-पश्चिम तनाव अपने उच्चतम स्तर पर है।
तैनाती की समयसीमा
पुतिन ने घोषणा की कि 'सरमत' सिस्टम को इस वर्ष के अंत तक तैनात किया जाएगा। गौरतलब है कि यह रूस की परमाणु त्रयी को नई पीढ़ी के हथियारों से लैस करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसे मॉस्को अपनी सामरिक प्रतिरोध क्षमता की रीढ़ मानता है।