क्या यूक्रेन ने राष्ट्रपति पुतिन के आवास पर हमले का जवाब ओरेशनिक हाइपरसोनिक मिसाइल से दिया?
सारांश
Key Takeaways
- ओरेशनिक मिसाइल की गति आवाज़ से 10 गुना अधिक है।
- रूस ने यूक्रेन में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
- हमले में ड्रोन और लंबी दूरी के हथियारों का उपयोग हुआ।
- यह मिसाइल न्यूक्लियर वॉरहेड ले जाने में सक्षम है।
- रूस अपनी सैन्य ताकत को प्रदर्शित कर रहा है।
मास्को, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। रूस ने यह दावा किया है कि उसने राष्ट्रपति पुतिन के आवास पर कीव द्वारा किए गए ड्रोन हमले का जवाब ओरेशनिक हाइपरसोनिक मिसाइल के माध्यम से दिया है।
इंटरमीडिएट-रेंज ओरेशनिक एक ऐसी मिसाइल है, जिसके बारे में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का कहना है कि इसे इंटरसेप्ट करना असंभव है क्योंकि इसकी कथित गति आवाज़ की गति से 10 गुना अधिक है।
यह मिसाइल न्यूक्लियर वॉरहेड ले जाने में सक्षम है, हालांकि इस हमले में इस्तेमाल की गई मिसाइल में ऐसा कोई संकेत नहीं था।
रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इस हमले में यूक्रेन में महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया। रूस ने अटैक ड्रोन और लंबी दूरी के ज़मीन और समुद्र से मार करने वाले हथियारों का भी उपयोग किया।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "गुरुवार देर रात टारगेट हिट किए गए।" यह टारगेट वह ड्रोन फैसिलिटी थी, जहां से बने ड्रोन ने पुतिन के आवास को निशाना बनाया था।
स्थानीय मीडिया ने भी इस टारगेट अटैक की जानकारी दी है।
हमले का एक वीडियो जारी किया गया है, जिसमें ओरेशनिक ने पश्चिमी यूक्रेन में अपने टारगेट पर हमला करते हुए दिखाया गया है। बर्फ से ढके इस लैंडस्केप में, ऐसा लग रहा था कि छह फ्लैश जमीन पर गिर रहे थे, जिसके बाद एक जोरदार धमाका हुआ और फिर कई धमाके हुए।
ओरेशनिक नाम को लेकर काफी जिज्ञासा है, क्योंकि इसे पारंपरिक हथियारों से अलग श्रेणी में रखा जा रहा है। आसान भाषा में समझें तो ओरेशनिक रूस की नई पीढ़ी की लंबी दूरी की स्ट्राइक क्षमता से जुड़ा सिस्टम है, जिसे खास तौर पर रणनीतिक दबाव बनाने और दुश्मन की गहरी सैन्य संरचनाओं को निशाना बनाने के लिए विकसित किया गया है।
रूसी सैन्य शब्दावली में ‘ओरेशनिक’ का अर्थ ‘हेजल ट्री’ से जुड़ा माना जाता है, लेकिन हथियारों के नाम अक्सर प्रतीकात्मक होते हैं। इसकी तकनीकी क्षमता अधिक महत्वपूर्ण होती है। उपलब्ध जानकारियों के अनुसार, ओरेशनिक को एक तेज गति, लंबी रेंज और सटीकता को जोड़ने वाले प्लेटफार्म के रूप में देखा जा रहा है। इसे पारंपरिक या विशेष वारहेड के साथ इस्तेमाल किए जाने की संभावना बताई जाती है, हालाँकि इसकी पूरी तकनीकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
ओरेशनिक जैसे सिस्टम का उद्देश्य सिर्फ हमला करना नहीं, बल्कि डिटरेंस (निरोधक प्रभाव) पैदा करना होता है। इसका मतलब है कि दुश्मन यह समझे कि रूस के पास ऐसी क्षमता है जो उसके एयर डिफेंस और रणनीतिक ठिकानों को चुनौती दे सकती है। यही कारण है कि ऐसे हथियारों के परीक्षण या उपयोग की खबरें राजनीतिक और सैन्य संदेश के रूप में भी देखी जाती हैं।