चेरनोबिल परमाणु भंडारण सुविधा पर रूसी 'शाहेद' ड्रोन हमला, जेलेंस्की ने बताया — रेडिएशन स्तर अभी सामान्य
सारांश
मुख्य बातें
रूस ने 7 जून 2026 को यूक्रेन के चेरनोबिल परमाणु ऊर्जा संयंत्र के विशेष क्षेत्र में स्थित केंद्रीय खर्च हो चुके ईंधन भंडारण सुविधा पर एक 'शाहेद' ड्रोन से हमला किया। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इस हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि यह एक बेहद संवेदनशील परमाणु ढाँचे को जानबूझकर निशाना बनाने का प्रयास था। अधिकारियों के अनुसार, अभी तक विकिरण (रेडिएशन) का स्तर सामान्य सीमा से ऊपर नहीं पाया गया है।
हमले का विवरण
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर बताया कि एक 'शाहेद' ड्रोन ने केंद्रीय खर्च हो चुके ईंधन भंडारण सुविधा की एक इमारत को सीधे निशाना बनाया। उन्होंने इसे 'बेहद निंदनीय हमला' करार देते हुए कहा, 'यह एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील परमाणु ढाँचा है और रूस की तरफ से किया गया एक बेहद निंदनीय हमला है।' यूक्रेनी आपातकालीन बचाव दलों ने हमले के तुरंत बाद सुविधा में लगी आग को बुझा दिया।
रेडिएशन की स्थिति और सरकारी प्रतिक्रिया
यूक्रेन के विदेश मंत्रालय, ऊर्जा मंत्रालय और सभी संबंधित सेवाएँ अंतरराष्ट्रीय साझेदारों को इस घटना की तत्काल जानकारी देने में जुटी हैं। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि विकिरण स्तर फिलहाल सामान्य सीमा के भीतर है, लेकिन उन्होंने चेताया कि 'रूस की बेखौफता बढ़ती जा रही है, जो पहले ही सारी हदें पार कर चुकी हैं।'
व्यापक हमलों का संदर्भ
जेलेंस्की के अनुसार, पिछली रात रूस ने यूक्रेन के 13 क्षेत्रों में नागरिक ठिकानों पर भी हमले किए। गौरतलब है कि केवल पिछले एक सप्ताह में रूस ने यूक्रेन पर 88 मिसाइलें, 3,250 से अधिक हमलावर ड्रोन और लगभग 1,800 गाइडेड हवाई बम दागे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब युद्धविराम की संभावनाएँ लगातार धुंधली होती जा रही हैं।
रूस का पलटवार और पुतिन का इनकार
एक दिन पहले रूसी वायु रक्षा बल ने लेनिनग्राद इलाके में 144 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराने का दावा किया। वहाँ के गवर्नर अलेक्जेंडर ड्रोज्डेंको के अनुसार कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ, हालाँकि कई जिलों में ड्रोन का मलबा गिरने से घरों को आंशिक क्षति की खबर है। इस बीच, राष्ट्रपति जेलेंस्की द्वारा युद्ध समाप्त करने के उद्देश्य से बातचीत का प्रस्ताव दिए जाने के बावजूद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने फिलहाल आमने-सामने की बैठक की संभावना को खारिज कर दिया है।
आगे क्या होगा
जेलेंस्की ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया है कि 'दुनिया को अब ऐसे नए और कड़े कदम उठाने की जरूरत है, ताकि रूस को यह महसूस हो कि उसका यह आतंकवादी युद्ध उसी पर भारी पड़ेगा।' परमाणु सुविधा पर इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) और पश्चिमी देशों की प्रतिक्रिया पर सबकी नजरें टिकी हैं।