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जापोरिज्जिया न्यूक्लियर प्लांट पर ड्रोन हमला: रोसाटॉम प्रमुख बोले — 'परमाणु दुर्घटना एक कदम दूर'

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जापोरिज्जिया न्यूक्लियर प्लांट पर ड्रोन हमला: रोसाटॉम प्रमुख बोले — 'परमाणु दुर्घटना एक कदम दूर'

सारांश

यूरोप के सबसे बड़े परमाणु संयंत्र जापोरिज्जिया की टर्बाइन बिल्डिंग पर यूक्रेनी ड्रोन का हमला — रोसाटॉम प्रमुख ने इसे परमाणु इतिहास का पहला जानबूझकर हमला करार दिया और चेताया कि दुनिया एक वैश्विक परमाणु दुर्घटना से महज एक कदम दूर है।

मुख्य बातें

जापोरिज्जिया एनपीपी की यूनिट 6 की टर्बाइन बिल्डिंग पर शनिवार दोपहर यूक्रेनी लड़ाकू ड्रोन ने हमला किया।
ड्रोन को फाइबर ऑप्टिक्स से नियंत्रित किया गया था, जो हमले की जानबूझकर प्रकृति की पुष्टि करता है।
रोसाटॉम प्रमुख एलेक्सी लिखाचेव ने इसे परमाणु संयंत्र के मुख्य उपकरण पर अंतरराष्ट्रीय इतिहास का पहला लक्षित हमला बताया।
टर्बाइन की दीवार में छेद हुआ; मुख्य उपकरणों को कोई नुकसान नहीं।
इस महीने की शुरुआत में भी संयंत्र की रेडिएशन मॉनिटरिंग लैब पर ड्रोन हमला हो चुका है।
लिखाचेव ने चेताया कि यह घटना रूस और यूक्रेन से बहुत दूर रहने वाले लोगों को भी प्रभावित कर सकती है।

जापोरिज्जिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र (एनपीपी) — जो यूरोप का सबसे बड़ा और दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र है — पर शनिवार दोपहर एक यूक्रेनी लड़ाकू ड्रोन ने हमला किया, जिसने यूनिट 6 की टर्बाइन बिल्डिंग को निशाना बनाया। रूस की सरकारी परमाणु ऊर्जा कंपनी रोसाटॉम के महानिदेशक एलेक्सी लिखाचेव ने इसे अंतरराष्ट्रीय इतिहास में किसी परमाणु संयंत्र के मुख्य उपकरण पर पहला जानबूझकर किया गया हमला बताया।

हमले का विवरण

लिखाचेव के बयान के अनुसार, ड्रोन ने यूनिट 6 की टर्बाइन बिल्डिंग पर प्रहार किया, जिससे बाद में धमाका हुआ। धमाके से टर्बाइन की दीवार में एक छेद हो गया, हालाँकि मुख्य उपकरणों को कोई नुकसान नहीं पहुँचा। उन्होंने यह भी बताया कि ड्रोन को फाइबर ऑप्टिक्स से नियंत्रित किया गया था, जिससे यह किसी दुर्घटनावश हुई घटना नहीं, बल्कि पूर्व नियोजित हमला साबित होता है।

लिखाचेव ने कहा, 'यूक्रेनी सेना बार-बार न सिर्फ रेड लाइन, बल्कि कॉमन सेंस की हदें भी पार कर रही है। हमें आगे क्या उम्मीद करनी चाहिए? सीधे टर्बाइन पर हमला? रिएक्टर हॉल पर? रिएक्टर और उसके सेफ्टी सिस्टम पर?'

वैश्विक परमाणु सुरक्षा पर खतरा

रोसाटॉम प्रमुख ने चेतावनी दी कि दुनिया एक ऐसी घटना के एक कदम और करीब आ गई है जिसका असर रूस और यूक्रेन की सीमाओं से कहीं दूर रहने वाले लोगों पर भी पड़ सकता है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर इस खतरे को पर्याप्त गंभीरता से न लेने का आरोप लगाया।

लिखाचेव ने कहा, 'हम बार-बार अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान यूक्रेनी पक्ष के बेहद खतरनाक आचरण की ओर दिलाते हैं। ऐसा लगता है कि बहुत से लोग परमाणु संयंत्र पर हमलों को गंभीरता से नहीं लेते, लेकिन जो लोग अभी भी खुद को पूरी तरह सुरक्षित समझते हैं, वे भी इससे अछूते नहीं रहेंगे।'

पहले भी हो चुके हैं हमले

यह कोई पहली घटना नहीं है। मई 2026 की शुरुआत में जापोरिज्जिया एनपीपी की बाहरी रेडिएशन मॉनिटरिंग लैब पर भी यूक्रेनी सेना ने ड्रोन से हमला किया था। इस बार मुख्य उपकरण को निशाना बनाया जाना, विशेषज्ञों के अनुसार, संघर्ष की तीव्रता में एक गंभीर वृद्धि का संकेत है।

गौरतलब है कि जापोरिज्जिया एनपीपी 2022 से रूसी नियंत्रण में है और तब से इस संयंत्र की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) लगातार चिंता जताती रही है।

आगे क्या होगा

इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ने की संभावना है कि IAEA संयंत्र की सुरक्षा स्थिति की तत्काल समीक्षा करे। रोसाटॉम प्रमुख के बयान से स्पष्ट है कि रूस इस घटना को कूटनीतिक और सैन्य दोनों स्तरों पर उठाएगा। यूक्रेन की ओर से अभी तक इस हमले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो अगला कदम रिएक्टर हॉल हो सकता है — और उस स्थिति में चेर्नोबिल या फुकुशिमा जैसी तुलना महज अतिशयोक्ति नहीं रहेगी।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जापोरिज्जिया परमाणु संयंत्र पर ड्रोन हमला कब और कैसे हुआ?
शनिवार दोपहर एक यूक्रेनी लड़ाकू ड्रोन ने जापोरिज्जिया एनपीपी की यूनिट 6 की टर्बाइन बिल्डिंग पर हमला किया, जिससे धमाका हुआ और दीवार में छेद हो गया। ड्रोन को फाइबर ऑप्टिक्स से नियंत्रित किया गया था, जो इसे पूर्व नियोजित हमला साबित करता है।
जापोरिज्जिया परमाणु संयंत्र कितना बड़ा है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
जापोरिज्जिया एनपीपी यूरोप का सबसे बड़ा और कुल क्षमता के हिसाब से दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र है। यह 2022 से रूसी नियंत्रण में है और इस पर कोई भी परमाणु दुर्घटना पूरे यूरोप को प्रभावित कर सकती है।
रोसाटॉम प्रमुख एलेक्सी लिखाचेव ने इस हमले पर क्या कहा?
लिखाचेव ने इसे परमाणु संयंत्र के मुख्य उपकरण पर अंतरराष्ट्रीय इतिहास का पहला जानबूझकर लक्षित हमला बताया। उन्होंने चेताया कि दुनिया एक ऐसी परमाणु दुर्घटना के एक कदम करीब है जिसका असर रूस और यूक्रेन की सीमाओं से बहुत दूर तक पड़ेगा।
क्या इससे पहले भी जापोरिज्जिया संयंत्र पर हमले हुए हैं?
हाँ, मई 2026 की शुरुआत में जापोरिज्जिया एनपीपी की बाहरी रेडिएशन मॉनिटरिंग लैब पर भी यूक्रेनी सेना ने ड्रोन से हमला किया था। इस बार मुख्य उपकरण को निशाना बनाया जाना, संघर्ष की बढ़ती तीव्रता का संकेत है।
इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय की क्या भूमिका होनी चाहिए?
रोसाटॉम प्रमुख के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय समुदाय परमाणु संयंत्र पर हमलों को पर्याप्त गंभीरता से नहीं ले रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि IAEA को संयंत्र की सुरक्षा स्थिति की तत्काल समीक्षा करनी चाहिए और सभी पक्षों पर परमाणु प्रतिष्ठानों के पास लड़ाई बंद करने का दबाव बनाना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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