बुशहर परमाणु संयंत्र पर हमले से रूस में खलबली: 'क्रूर कृत्य' की चेतावनी और कर्मियों की निकासी में तेजी
सारांश
Key Takeaways
- रूस ने कर्मियों की निकासी तेज की है।
- बुशहर संयंत्र पर हमले की कड़ी निंदा।
- परमाणु दुर्घटना का खतरा बढ़ा।
- अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कार्रवाई की अपील।
- क्षेत्रीय अस्थिरता का संभावित खतरा।
मास्को, ४ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ईरान के बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर बढ़ते संकट के मद्देनजर, रूस ने अपने कर्मियों की सुरक्षित निकासी को तेज कर दिया है। इस संयंत्र पर हुए हमले की कड़ी निंदा की गई है। रूस की सरकारी परमाणु कंपनी रोसाटॉम ने चेतावनी दी है कि वर्तमान स्थिति में परमाणु दुर्घटना का खतरा बढ़ रहा है।
रूसी समाचार एजेंसियों के अनुसार, रोसाटॉम ने शनिवार को संयंत्र से अपने अतिरिक्त १९८ कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा। यह प्रक्रिया फरवरी के अंत में ईरान में युद्ध प्रारंभ होने के बाद से निरंतर जारी है।
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने बताया कि संयंत्र के सुरक्षा स्टाफ के एक सदस्य की प्रोजेक्टाइल के टुकड़ों से मौत हो गई, जबकि एक इमारत को शॉकवेव और प्रोजेक्टाइल के मलबे से नुकसान हुआ।
रोसाटॉम के प्रमुख एलेक्सी लिखाचेव ने कहा कि संयंत्र के आसपास की स्थिति "बेहद खराब" हो रही है। उन्होंने यह भी बताया कि मारे गए कर्मचारी का संबंध ईरान से था।
रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने बुशहर संयंत्र पर हुए हमले को "दुष्टतापूर्ण कृत्य" कहा है और इसकी कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा, "हम इस कृत्य की सख्त निंदा करते हैं, जिससे जानमाल का नुकसान हुआ है।"
जखारोवा ने जोर देकर कहा कि ईरान के परमाणु ठिकानों, विशेषकर बुशहर संयंत्र, पर हमले तुरंत रोके जाने चाहिए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी इस दिशा में कदम उठाने की अपील की।
इससे पहले, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी दी थी कि संयंत्र के आस-पास अमेरिका और इजरायल के हमले न केवल ईरान बल्कि पूरे खाड़ी क्षेत्र के लिए खतरा उत्पन्न कर सकते हैं।
गौरतलब है कि इस हमले की जिम्मेदारी अभी तक अमेरिका या इजरायली सेना ने नहीं ली है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि परमाणु संयंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचता है, तो इसके दूरगामी पर्यावरणीय और मानवीय परिणाम हो सकते हैं, जिससे क्षेत्रीय अस्थिरता और बढ़ सकती है।