ईरान के आईआरजीसी खुफिया प्रमुख मेजर जनरल खदेमी की हत्या: अमेरिका और इजरायल पर आरोप
सारांश
Key Takeaways
- खदेमी की हत्या ने ईरान की सुरक्षा स्थिति को प्रभावित किया है।
- ईरान ने अमेरिका और इजरायल को दोषी ठहराया है।
- यह घटना वैश्विक राजनीति में बदलाव ला सकती है।
- खदेमी का योगदान ईरान की सुरक्षा नीतियों में महत्वपूर्ण रहा है।
- ईरान का रुख इस हमले के प्रति कड़ा हो सकता है।
तेहरान/तेल अवीव, ६ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की खुफिया विंग के प्रमुख मेजर जनरल खदेमी की मौत हो गई है। ईरानी स्टेट मीडिया ने इसकी पुष्टि की है।
ईरान ने इस हमले के लिए अमेरिका और इजरायल को दोषी ठहराते हुए इसे देश की स्थिरता को कमजोर करने की साजिश करार दिया है। आईआरजीसी के जनसंपर्क विभाग ने सोमवार को यह जानकारी दी।
बयान में कहा गया है कि मेजर जनरल खदेमी ने खुफिया और सुरक्षा क्षेत्रों में क्रांति, शासन और इस्लामी मातृभूमि की रक्षा के लिए लगभग आधी सदी तक ईमानदारी और साहस के साथ योगदान दिया है।
तस्नीम न्यूज एजेंसी ने खदेमी की मौत को क्रांति की हत्या बताते हुए बताया कि ब्रिगेडियर खदेमी, जो रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की खुफिया शाखा के एक प्रभावशाली और शिक्षित प्रमुख थे, सोमवार सुबह एक अमेरिकी-इजरायली हमले में शहीद हो गए।
ईरान ने खदेमी की मौत को बड़ा नुकसान बताते हुए कहा कि उनकी विरासत देश की सुरक्षा नीतियों को आगे भी मार्गदर्शन करेगी। उनके अंतिम संस्कार की आधिकारिक घोषणा जल्द ही की जाएगी।
इजरायली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने भी खुफिया प्रमुख खदेमी के मारे जाने की पुष्टि की है।
द टाइम्स ऑफ इजरायल ने रक्षा मंत्री का बयान प्रकाशित किया, जिसमें कहा गया है कि आईडीएफ चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल आयल जमीर के साथ 'एक समीक्षा बैठक' के दौरान इस हमले की जानकारी दी गई।
ईरान के शीर्ष अधिकारियों की मौत की पुष्टि की यह एक नई श्रृंखला है। २८ फरवरी से शुरू हुए संघर्ष के एक महीने से ज्यादा हो चुके हैं। पहले अमेरिकी-इजरायली हवाई हमले में ही ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत हो गई थी। उनके साथ कई कमांडर्स भी मारे गए। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख अली लारीजानी, नौसेना कमांडर अलीरेजा तंगसीरी, ब्रिगेडियर जनरल और चीफ ऑफ द जनरल स्टाफ के सलाहकार जमशेद इशाकी समेत कई बड़े नाम मारे गए हैं।