ब्रिटेन में पाकिस्तानी मूल के गैंग्स द्वारा बच्चों का शोषण: एक गंभीर रिपोर्ट

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ब्रिटेन में पाकिस्तानी मूल के गैंग्स द्वारा बच्चों का शोषण: एक गंभीर रिपोर्ट

सारांश

ब्रिटेन में पाकिस्तानी मूल के गैंग्स द्वारा बच्चों के शोषण का मामला गंभीर रूप से बढ़ रहा है। सांसद केटी लैम ने इस पर एक राष्ट्रीय जांच की मांग की है। जानें, कैसे ये गैंग्स बच्चों को निशाना बनाते हैं और किस तरह से ये घटनाएं समाज को प्रभावित कर रही हैं।

Key Takeaways

  • ब्रिटेन में पाकिस्तानी मूल के गैंग्स द्वारा बच्चों का शोषण एक गंभीर समस्या है।
  • 1990 से 2010 के बीच 1400 से अधिक पीड़ित हुए हैं।
  • सांसद केटी लैम ने राष्ट्रीय जांच की मांग की है।
  • समाज को जागरूक होने और कार्रवाई करने की आवश्यकता है।
  • पुलिस की समय पर कार्रवाई की कमी भी एक बड़ा कारण है।

लंदन, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ब्रिटेन की कंजर्वेटिव पार्टी की सांसद केटी लैम ने यूके में ग्रूमिंग गैंग्स पर व्यापक राष्ट्रीय जांच का आह्वान किया है। यह एक गंभीर मुद्दे की ओर इशारा करता है, जिसमें पाकिस्तानी मूल के कुछ ब्रिटिश गैंग्स ने 1990 के दशक से 2010 के दशक तक कमजोर बच्चों, विशेषकर वाइट और सिख लड़कियों, का लगातार शोषण किया। इससे रोदरहैम, रोचडेल और टेलफोर्ड जैसे शहरों में लोगों की जिंदगी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

खालसा वॉक्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, अपराधी 11 सालमीठी बातें, शराब, ड्रग्स या छोटे उपहारों से फंसाते थे। धीरे-धीरे विश्वास स्थापित करके उन्हें दबाव और डर में डाल देते थे। पीड़ित लड़कियों को फ्लैट्स या दुकानों में ले जाया जाता था, जहाँ कई लोग बार-बार उनका शोषण करते थे।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि रोदरहैम में 1997 से 2013 के बीच लगभग 1,400 पीड़ितों के मामले सामने आए, जो इस समस्या की गंभीरता को दर्शाते हैं। इनमें से कई लड़कियां कमजोर पारिवारिक पृष्ठभूमि या देखभाल केंद्रों में रह रही थीं। टैक्सी ड्राइवर जैसे लोग, जो उनकी दिनचर्या को जानते थे, उन्हें आसानी से निशाना बनाते थे। कई आरोपी डिलीवरी ड्राइवर या दुकानों में काम करने वाले आम लोगों की तरह दिखते थे और रात में खुलेआम अपराध करते थे।

रिपोर्ट के अनुसार, रोदरहैम में कई वर्षों तक यह शोषण चलता रहा और 1991 से ही इसकी शिकायतें अनसुनी होती रहीं। अब “ऑपरेशन स्टोववुड” नामक एक व्यापक जांच में 1,100 से अधिक पीड़ितों की पहचान की गई है और इसके मुकदमे 2027 तक चलेंगे।

रोचडेल में 2012 में नौ लोगों को छोटी लड़कियों की तस्करी के लिए दोषी ठहराया गया था। रिपोर्ट में कहा गया कि एक लड़की के साथ एक रात में 20 लोगों ने शोषण किया। 2025 में सात और लोगों को सजा मिली, जिनकी कुल सजा 174 साल थी।

रिपोर्ट के अनुसार, 1970 के दशक से टेलफोर्ड में गरीबी के कारण लगभग 1,000 लोग शोषण का शिकार हुए। ऑक्सफोर्ड में “ऑपरेशन बुलफिंच” के तहत 1998 से 2012 के बीच हुए मामलों में 22 लोगों को सजा मिली।

हडर्सफील्ड में 20 लोगों को 11 साल120 से अधिक बार बलात्कार के लिए दोषी पाया गया, जबकि न्यूकैसल में भी ऐसे कई मामले सामने आए। ग्रेटर मैनचेस्टर के आंकड़ों के अनुसार, समूह में होने वाले शोषण के 52%25 मामलों में एशियाई, विशेषकर पाकिस्तानी मूल के लोग शामिल थे।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि इस साल हाउंसलो में सिख समुदाय की एक रैली के दौरान लगभग 200 लोगों ने मिलकर 16 साल34 साल

यह घटना यह दर्शाती है कि जब संस्थाएँ काम नहीं करतीं, तब लोग स्वयं सहायता के लिए आगे आते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसे मामलों का समाधान करने के लिए जागरूकता, सही डेटा, बेहतर प्रशिक्षण और पीड़ितों की बात सुनना अत्यंत आवश्यक है। पीड़ित ही बदलाव की मांग कर रहे हैं ताकि ऐसी घटनाएं फिर से न हों।

Point of View

जहां पाकिस्तानी मूल के गैंग्स ने दशकों तक बच्चों का शोषण किया है। समाज के हर वर्ग को इस मुद्दे पर जागरूक होना चाहिए और ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
NationPress
10/04/2026

Frequently Asked Questions

ब्रिटेन में बच्चों के शोषण के मामले क्यों बढ़ रहे हैं?
बच्चों के शोषण के मामले बढ़ने के पीछे कई कारण हैं, जैसे कमजोर पारिवारिक स्थिति और सही निगरानी का अभाव।
सांसद केटी लैम ने इस पर क्या कार्रवाई की है?
सांसद केटी लैम ने यूके में ग्रूमिंग गैंग्स पर राष्ट्रीय जांच की मांग की है।
क्या पुलिस ने समय पर कार्रवाई की थी?
रिपोर्ट में कहा गया है कि कई मौकों पर पुलिस ने समय पर कार्रवाई नहीं की, जिससे पीड़ितों को और अधिक खतरा हुआ।
इन गैंग्स के शिकार कौन होते हैं?
इन गैंग्स के शिकार मुख्यतः कमजोर पारिवारिक स्थिति में रहने वाले बच्चे होते हैं।
क्या इस मामले में कोई न्याय मिला?
कई मामलों में न्याय मिला है, परंतु यह प्रक्रिया धीमी है और कई पीड़ित अभी भी न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
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