कोस्टा रिका के फैसले पर बेंजामिन नेतन्याहू ने की सराहना, आतंकवाद के खिलाफ ठोस कदम
सारांश
Key Takeaways
- कोस्टा रिका ने कई समूहों को आतंकवादी घोषित किया।
- नेतन्याहू ने इसे वैश्विक संदेश बताया।
- पाकिस्तान को चेतावनी दी गई।
- लेबनान में इजरायल ने हमला किया।
- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा हुई।
नई दिल्ली, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कोस्टा रिका के राष्ट्रपति रोड्रिगो चावेस रोबल्स के उस निर्णय की प्रशंसा की है, जिसमें उन्होंने आईआरजीसी, हिज्बुल्लाह, हमास और हूती को आतंकवादी संगठन घोषित किया। नेतन्याहू ने इसे आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत वैश्विक संदेश बताया।
नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा, "मैं कोस्टा रिका के राष्ट्रपति रोड्रिगो चावेस रोबल्स की सराहना करता हूं कि उन्होंने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी), हिज्बुल्लाह, हमास और हूती को आतंकवादी संगठन घोषित किया है।"
उनका कहना है कि यह आतंकवाद के खिलाफ एक स्पष्ट बयान है। आतंकवाद मध्य-पूर्व और पूरे विश्व के लिए एक खतरा है। ईरानी शासन और उसके नरसंहारकारी गुर्गों का मुकाबला करने के लिए ऐसे दृढ़ कदम बेहद आवश्यक हैं।
इजरायल की सुरक्षा को लेकर नेतन्याहू का रुख स्पष्ट है। उन्होंने अमेरिका-ईरान युद्ध विराम का समर्थन किया, लेकिन यह भी स्पष्ट कर दिया कि यह सीजफायर लेबनान पर लागू नहीं होता।
अमेरिका-ईरान सीजफायर की घोषणा के कुछ घंटे बाद ही इजरायल ने लेबनान में हिज्बुल्लाह पर बड़ा हमला कर दिया, जिस पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी निंदा हुई। पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इजरायल के इस हमले को लेकर कुछ ऐसा कहा, जिससे नेतन्याहू भड़क उठे।
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने पाकिस्तान को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि इजरायल के विनाश की बातें बर्दाश्त नहीं की जा सकतीं। उन्होंने लिखा, "पाकिस्तान के रक्षा मंत्री का इजरायल को खत्म करने का आह्वान बहुत बुरा है। यह ऐसा बयान है जिसे किसी भी सरकार से बर्दाश्त नहीं किया जा सकता, खासकर उस सरकार से जो शांति के लिए न्यूट्रल आर्बिटर होने का दावा करती है।"
पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक्स पर लिखा, "इजरायल बुरा है और इंसानियत के लिए श्राप है। इस्लामाबाद में शांति वार्ता चल रही है, जबकि लेबनान में नरसंहार हो रहा है। इजरायल बेगुनाह नागरिकों को मार रहा है, पहले गाजा, फिर ईरान और अब लेबनान, खून-खराबा लगातार जारी है।"