इजरायल और लेबनान के बीच वार्ता जल्द, नेतन्याहू ने दिए निर्देश
सारांश
Key Takeaways
- नेतन्याहू ने लेबनान के साथ संवाद का निर्देश दिया है।
- बातचीत का उद्देश्य हिज़्बुल्लाह का निरस्त्रीकरण है।
- ईरान की चेतावनी से क्षेत्रीय स्थिरता पर प्रश्न उठते हैं।
नई दिल्ली, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। लेबनान में बढ़ते सैन्य हमलों और संघर्ष-विराम के उल्लंघनों के बीच तनाव में वृद्धि के मद्देनजर, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने लेबनान के साथ सीधे संवादस्थायी शांति की स्थापना पर केंद्रित होगी।
नेतन्याहू ने कहा है कि सरकार को शीघ्र वार्ता शुरू करने का निर्देश दिया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वह लेबनान के साथ संवाद में रुचि रखते हैं।
इजरायल के गवर्नमेंट प्रेस ऑफिस ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर बताया है कि, ''प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल के साथ बातचीत शुरू करने के लिए लेबनान के अनुरोध को ध्यान में रखते हुए, मैंने सरकारी मीटिंग में यथाशीघ्र सीधी बातचीत शुरू करने का निर्देश दिया।''
प्रधानमंत्री ने कहा, ''इजरायल, लेबनान के प्रधानमंत्री द्वारा गुरुवार को बेरूत को डीमिलिटराइज करने के लिए की गई अपील की सराहना करता है।''
यह ध्यान देने योग्य है कि इजरायल के हमलों ने क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। ईरान ने भी चेतावनी दी है कि यदि ये कार्रवाइयाँ जारी रहीं, तो हमारी उंगलियां ट्रिगर पर हैं।
ईरान ने बार-बार लेबनान के खिलाफ की गई आक्रामक कार्रवाइयों को संघर्ष-विराम समझौते का उल्लंघन बताया है। उनका कहना है कि इन कार्रवाइयों का जारी रहना बातचीत को बेकार बना देगा। ईरान अपने लेबनानी भाइयों और बहनों को कभी नहीं छोड़ेगा। यह एक धोखे और संभावित समझौतों के प्रति प्रतिबद्धता की कमी का संकेत है।
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, ''लेबनान में इजरायल का फिर से घुसपैठ करना, प्रारंभिक संघर्ष-विराम समझौते का उल्लंघन है। यह धोखेबाजी और भविष्य के संभावित समझौतों के प्रति प्रतिबद्धता की कमी का एक खतरनाक संकेत है।''
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका-इजरायल युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस इस्लामाबाद जाने की योजना बना रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के सीजफायर पर सहमति के बाद, दोनों देशों के मध्य पाकिस्तान में वार्ता हो रही है।
इस बीच, ईरानी डेलिगेशन के पाकिस्तान पहुंचने की खबर पर पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रेजा अमीरी मोगादम ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी, लेकिन बाद में उन्होंने अपना पोस्ट डिलीट कर दिया।