ईरान के उपराष्ट्रपति का बयान: अमेरिका से समझौता संभव, इजरायल की भागीदारी से होगा संकट

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ईरान के उपराष्ट्रपति का बयान: अमेरिका से समझौता संभव, इजरायल की भागीदारी से होगा संकट

सारांश

ईरान के फर्स्ट उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा अरेफ ने कहा है कि अमेरिका-ईरान वार्ता में इजरायल शामिल नहीं हुआ तो समझौता संभव है। पाकिस्तान में प्रस्तावित वार्ता की तैयारी हो रही है।

Key Takeaways

  • ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता संभव है।
  • इजरायल की भागीदारी से डील पर प्रभाव पड़ेगा।
  • ईरान ने सीजफायर स्वीकार किया है।
  • अंतरराष्ट्रीय समुदाय से जिम्मेदारी का रुख अपनाने की अपील।
  • जर्मनी का समर्थन युद्ध समाप्ति के लिए।

नई दिल्ली, 11 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में वार्ता की योजना बनाई गई है। एक महीने से अधिक समय तक चल रहे पश्चिम एशिया के संघर्ष और होर्मुज संकट के बाद, इस वार्ता पर पूरी दुनिया की निगाहें हैं। इस बीच, ईरान के फर्स्ट उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा अरेफ ने कहा कि अमेरिका-ईरान के बीच समझौता संभव है, लेकिन यदि इजरायल शामिल हुआ, तो कोई डील नहीं होगी।

फर्स्ट उपराष्ट्रपति अरेफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "यदि हम इस्लामाबाद में 'अमेरिका फर्स्ट' के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा करते हैं, तो एक लाभकारी समझौता होने की संभावना है। लेकिन, अगर हमारा सामना 'इजरायल फर्स्ट' के प्रतिनिधियों से होता है, तो डील नहीं होगी; हम अपनी सुरक्षा को पहले से भी अधिक मजबूती से सुनिश्चित करेंगे और पूरी दुनिया को अधिक कीमत चुकानी पड़ेगी।"

ईरान के सरकारी टीवी के अनुसार, अमेरिका के साथ बातचीत से पहले, ईरान के एक प्रतिनिधिमंडल ने इस्लामाबाद में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की है। इस मीटिंग की पुष्टि करते हुए, ईरान के सरकारी प्रसारक ने कहा कि इस मीटिंग के बाद ईरान-अमेरिका वार्ता के लिए प्रारूप निर्धारित किए जाएंगे।

इसके अतिरिक्त, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने वैश्विक समुदाय से आग्रह किया है कि वे ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमलों को लेकर जिम्मेदारी का रुख अपनाएं और हमलावरों को जवाबदेह ठहराएं।

जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल के साथ टेलीफोन वार्ता में, अराघची ने ईरान के खिलाफ हालिया सैन्य घटनाक्रम की जानकारी साझा की। तस्त्रीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों की रक्षा के लिए सभी देशों को सक्रिय और जिम्मेदार भूमिका निभाने की सलाह दी।

अराघची ने पहले भी अमेरिका पर अपनी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के उल्लंघन का आरोप लगाया। मेहर न्यूज के अनुसार, उन्होंने कहा कि ईरान ने संघर्ष समाप्त करने, होने वाले नुकसान की भरपाई और हमलावरों को जवाबदेह ठहराने की शर्तों पर सीजफायर स्वीकार किया है। इसे उन्होंने एक "जिम्मेदार कदम" बताया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसा होनी चाहिए।

वहीं, जर्मनी के विदेश मंत्री वाडेफुल ने भी युद्ध समाप्ति का समर्थन किया और विशेष रूप से लेबनान में इजरायली हमलों को रोकने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधिमंडलों के बीच प्रस्तावित वार्ता से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने में मदद मिलेगी।

Point of View

NationPress
11/04/2026

Frequently Asked Questions

अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता कब होने वाली है?
यह वार्ता पाकिस्तान में होने की योजना है, लेकिन अभी तारीख की पुष्टि नहीं हुई है।
ईरान के उपराष्ट्रपति ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि अमेरिका-ईरान के बीच डील संभव है, लेकिन इजरायल की भागीदारी से यह प्रभावित होगी।
अरेफ का क्या कहना है?
उन्होंने कहा कि इजरायल के साथ कोई डील नहीं होगी और ईरान अपनी सुरक्षा को मजबूत करेगा।
क्या सीजफायर स्वीकार किया गया है?
हाँ, ईरान ने संघर्ष समाप्त करने और नुकसान की भरपाई की शर्तों पर सीजफायर स्वीकार किया है।
जर्मनी के विदेश मंत्री ने क्या कहा?
उन्होंने युद्ध समाप्ति का समर्थन किया और लेबनान में इजरायली हमलों को रोकने की आवश्यकता पर बल दिया।
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