16 जुलाई 2026
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जापोरिज्जिया परमाणु संयंत्र पर ड्रोन हमला, आईएईए प्रमुख ग्रॉसी बोले — 'आग से खेलना बंद करो'

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जापोरिज्जिया परमाणु संयंत्र पर ड्रोन हमला, आईएईए प्रमुख ग्रॉसी बोले — 'आग से खेलना बंद करो'

सारांश

यूरोप के सबसे बड़े परमाणु संयंत्र जापोरिज्जिया की यूनिट 6 पर कथित ड्रोन हमले ने वैश्विक परमाणु सुरक्षा की बहस फिर छेड़ दी है। अप्रैल 2024 के बाद यह पहला ऐसा हमला है और आईएईए प्रमुख की 'आग से खेलने' वाली चेतावनी बताती है कि यह संघर्ष अब परमाणु जोखिम की नई सीमा तक पहुँच चुका है।

मुख्य बातें

जापोरिज्जिया परमाणु संयंत्र की यूनिट 6 के टरबाइन सेक्शन पर कथित ड्रोन हमले में विस्फोट हुआ, दीवार में छेद हुआ।
आईएईए महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने परमाणु केंद्रों पर हमले को 'आग से खेलने' जैसा बताया।
रोसाटॉम ने पुष्टि की — कोई हताहत नहीं, महत्वपूर्ण उपकरणों को कोई बड़ा नुकसान नहीं।
अप्रैल 2024 के बाद जेडएनपीपी परिसर में यह पहला कथित ड्रोन हमला है।
रोसाटॉम CEO एलेक्सी लिखाचेव ने कहा — पहली बार परमाणु संयंत्र के महत्वपूर्ण उपकरणों को जानबूझकर निशाना बनाया गया।
आईएईए की टीम ने नुकसान के मौके पर आकलन के लिए प्रभावित भवन तक पहुँच की अनुमति माँगी है।

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने 31 मई 2026 को जापोरिज्जिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र (जेडएनपीपी) के टरबाइन भवन पर हुए कथित ड्रोन हमले पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि परमाणु प्रतिष्ठानों को निशाना बनाना 'आग से खेलने' के समान है। रूस की सरकारी परमाणु कंपनी रोसाटॉम ने पुष्टि की कि एक यूक्रेनी ड्रोन ने संयंत्र की यूनिट 6 के टरबाइन सेक्शन को निशाना बनाया, जिससे विस्फोट हुआ और संरचना को नुकसान पहुंचा।

हमले का विवरण

रोसाटॉम के अनुसार, शनिवार को एक यूक्रेनी ड्रोन ने जेडएनपीपी की यूनिट 6 के टरबाइन सेक्शन पर हमला किया, जिससे वहाँ विस्फोट हुआ और टरबाइन भवन की एक दीवार में छेद हो गया। कंपनी ने यह भी बताया कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ और महत्वपूर्ण उपकरणों को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा। घटना की जानकारी तत्काल आईएईए को दे दी गई।

आईएईए की प्रतिक्रिया

राफेल ग्रॉसी ने कहा, 'किसी भी परमाणु केंद्र से या उसके खिलाफ किसी भी तरह का हमला नहीं होना चाहिए।' उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील दोहराई ताकि परमाणु सुरक्षा और संरक्षा को कोई खतरा न हो। आईएईए ने यह भी बताया कि संयंत्र में तैनात उसकी निगरानी टीम ने प्रभावित टरबाइन भवन तक पहुँच की अनुमति माँगी है, जिससे नुकसान का मौके पर जाकर आकलन किया जा सके।

ऐतिहासिक संदर्भ

आईएईए के अनुसार, अप्रैल 2024 के बाद यह पहली बार है जब जेडएनपीपी परिसर के भीतर किसी ड्रोन हमले की सूचना सामने आई है। गौरतलब है कि मार्च 2022 से यह संयंत्र रूस के नियंत्रण में है और रूस-यूक्रेन संघर्ष की शुरुआत के बाद से आईएईए इस क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों को लेकर बार-बार चेतावनी दे चुका है।

रोसाटॉम प्रमुख का बयान

रोसाटॉम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एलेक्सी लिखाचेव ने कहा कि यह पहली बार है जब किसी परमाणु संयंत्र के महत्वपूर्ण उपकरणों को जानबूझकर निशाना बनाया गया, जिससे विस्फोट हुआ और टरबाइन सेक्शन की संरचना को नुकसान पहुंचा। संयंत्र ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर कहा, 'परमाणु केंद्रों पर ऐसे हमले बेहद गैर-जिम्मेदाराना हैं और परमाणु सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं। किसी परमाणु संयंत्र के बुनियादी ढाँचे पर हमला अप्रत्याशित परिणाम ला सकता है और पूरे क्षेत्र की सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है।'

आगे की स्थिति

जापोरिज्जिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र यूरोप के सबसे बड़े परमाणु बिजली संयंत्रों में से एक है। आईएईए की टीम संयंत्र परिसर में मौजूद है और नुकसान के आकलन की अनुमति का इंतजार कर रही है। यह घटना ऐसे समय में आई है जब रूस-यूक्रेन संघर्ष में परमाणु सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंताएँ पहले से ही अपने उच्चतम स्तर पर हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन परमाणु सुरक्षा के लिए बाध्यकारी तंत्र अब भी अनुपस्थित है — और यही सबसे बड़ी विफलता है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जापोरिज्जिया परमाणु संयंत्र पर ड्रोन हमले में क्या हुआ?
कथित तौर पर एक यूक्रेनी ड्रोन ने संयंत्र की यूनिट 6 के टरबाइन सेक्शन को निशाना बनाया, जिससे विस्फोट हुआ और टरबाइन भवन की एक दीवार में छेद हो गया। रोसाटॉम ने पुष्टि की कि कोई हताहत नहीं हुआ और महत्वपूर्ण उपकरणों को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा।
आईएईए ने इस हमले पर क्या कहा?
आईएईए महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने कहा कि किसी भी परमाणु केंद्र पर हमला 'आग से खेलने' जैसा है और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की। आईएईए की संयंत्र में मौजूद टीम ने नुकसान के आकलन के लिए प्रभावित भवन तक पहुँच की अनुमति माँगी है।
क्या जापोरिज्जिया संयंत्र पर पहले भी हमला हुआ है?
आईएईए के अनुसार, अप्रैल 2024 के बाद यह पहली बार है जब जेडएनपीपी परिसर के भीतर किसी ड्रोन हमले की सूचना सामने आई है। मार्च 2022 से संयंत्र रूस के नियंत्रण में है और तब से इस क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों को लेकर आईएईए कई बार चेतावनी दे चुका है।
जापोरिज्जिया परमाणु संयंत्र का महत्व क्यों है?
जापोरिज्जिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र यूरोप के सबसे बड़े परमाणु बिजली संयंत्रों में से एक है। यह मार्च 2022 से रूस के नियंत्रण में है और रूस-यूक्रेन संघर्ष के दौरान इसकी सुरक्षा अंतरराष्ट्रीय चिंता का प्रमुख विषय बनी हुई है।
रोसाटॉम के CEO ने इस हमले को लेकर क्या कहा?
रोसाटॉम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एलेक्सी लिखाचेव ने कहा कि यह पहली बार है जब किसी परमाणु संयंत्र के महत्वपूर्ण उपकरणों को जानबूझकर निशाना बनाया गया, जिससे विस्फोट हुआ और टरबाइन सेक्शन की संरचना को नुकसान पहुंचा।
राष्ट्र प्रेस
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