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आईएईए प्रमुख राफेल ग्रॉसी का जापोरिजिया के पास युद्धविराम पालन का आह्वान, रूसी इंजीनियर घायल

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आईएईए प्रमुख राफेल ग्रॉसी का जापोरिजिया के पास युद्धविराम पालन का आह्वान, रूसी इंजीनियर घायल

सारांश

जापोरिजिया परमाणु संयंत्र के पास युद्धविराम के दौरान रूसी इंजीनियरों के घायल होने और ड्रोन हमले के आरोपों के बीच आईएईए प्रमुख ग्रॉसी ने अधिकतम संयम की माँग की। दो महीने से बंद पड़ी 750 kV डिनिप्रोव्स्का लाइन की मरम्मत शुरू — यूरोप के सबसे बड़े परमाणु संयंत्र की सुरक्षा दाँव पर।

मुख्य बातें

आईएईए महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने 6 जून 2026 को जापोरिजिया परमाणु संयंत्र के पास अधिकतम सैन्य संयम और युद्धविराम पालन का आह्वान किया।
रोसाटॉम प्रमुख एलेक्सी लिकाचेव के अनुसार यूक्रेनी ड्रोन हमले में संयंत्र के 3 इंजीनियर घायल , जिनमें से 2 की हालत गंभीर ।
24 मार्च से बंद पड़ी 750 किलोवोल्ट डिनिप्रोव्स्का ट्रांसमिशन लाइन की मरम्मत युद्धविराम के तहत शुरू।
संयंत्र मार्च 2022 से रूस के नियंत्रण में है; बिजली कटौती पर 6 बंद रिएक्टरों की कूलिंग के लिए डीजल जनरेटर पर निर्भरता।
आईएईए के अनुसार घटना की जाँच जारी; यूक्रेन ने युद्धविराम प्रतिबद्धता दोहराई।

अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने 6 जून 2026 को जापोरिजिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र के निकट अधिकतम सैन्य संयम बरतने और स्थानीय युद्धविराम का पूर्ण पालन करने का कड़ा आह्वान किया। यह बयान उस घटना के बाद आया जब बारूदी सुरंगें हटाने के दौरान कथित तौर पर कुछ रूसी सैन्यकर्मी घायल हो गए।

मुख्य घटनाक्रम

आईएईए ने शुक्रवार को पुष्टि की कि रूस और यूक्रेन के बीच हुए स्थानीय युद्धविराम के शुक्रवार के चरण में बारूदी सुरंगें हटाने के दौरान कुछ रूसी सैन्यकर्मियों के घायल होने की सूचना मिली है। रूस की सरकारी परमाणु निगम रोसाटॉम के महानिदेशक एलेक्सी लिकाचेव ने बताया कि संयंत्र पर यूक्रेनी ड्रोन हमलों में तीन इंजीनियर घायल हुए हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई गई है। आईएईए के अनुसार, इस घटना की जाँच जारी है और यूक्रेनी पक्ष ने युद्धविराम के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

बिजली लाइन की मरम्मत और परमाणु सुरक्षा

इसी दिन आईएईए ने जापोरिजिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र के पास अग्रिम मोर्चे पर अपने द्वारा कराए गए स्थानीय युद्धविराम की शुरुआत की घोषणा की, जिससे संयंत्र की महत्वपूर्ण बिजली लाइन की मरम्मत संभव हो सकी। विशेषज्ञ 750 किलोवोल्ट की डिनिप्रोव्स्का ट्रांसमिशन लाइन को बहाल करने में जुटे हैं, जो 24 मार्च से बंद पड़ी थी — यानी दो महीने से अधिक समय से।

ग्रॉसी ने कहा कि संयंत्र से जुड़ी इस बिजली लाइन की बहाली परमाणु सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम होगा, जो सभी पक्षों के हित में है। डिनिप्रोव्स्का लाइन संयंत्र की बाहरी बिजली आपूर्ति प्रणाली की रीढ़ है और इसकी बहाली से बिजली की विश्वसनीयता में सुधार और परमाणु व विकिरण सुरक्षा को बल मिलने की उम्मीद है।

आपातकालीन डीजल जनरेटर पर निर्भरता का खतरा

गौरतलब है कि सैन्य संघर्षों के दौरान बिजली कटौती की स्थिति में जापोरिजिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र को अपने छह बंद रिएक्टरों को ठंडा रखने के लिए आपातकालीन डीजल जनरेटरों पर निर्भर रहना पड़ता है। परमाणु विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति दीर्घकालिक रूप से अत्यंत जोखिमपूर्ण है, क्योंकि डीजल आपूर्ति बाधित होने पर रिएक्टर कूलिंग प्रणाली विफल हो सकती है।

यह ऐसे समय में आया है जब यूरोप का सबसे बड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र मार्च 2022 से रूस के नियंत्रण में है और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय लगातार वहाँ परमाणु दुर्घटना की आशंका को लेकर चिंतित रहा है।

आईएईए की भूमिका और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया

आईएईए ने इस युद्धविराम की मध्यस्थता में सक्रिय भूमिका निभाई है। महानिदेशक ग्रॉसी ने एक बार फिर जोर दिया कि 750 किलोवोल्ट मुख्य बिजली लाइन की मरम्मत न केवल तकनीकी आवश्यकता है, बल्कि यह क्षेत्रीय परमाणु सुरक्षा की अनिवार्य शर्त भी है। यह Nवीं बार है जब आईएईए ने दोनों पक्षों से संयंत्र के आसपास सैन्य गतिविधियाँ सीमित करने की अपील की है।

आगे की राह

संयंत्र संचालकों ने पुष्टि की है कि डिनिप्रोव्स्का लाइन पर मरम्मत कार्य शुरू हो चुका है। युद्धविराम की निरंतरता और इस कार्य की सफलता पर ही संयंत्र की दीर्घकालिक परमाणु सुरक्षा निर्भर करती है। आईएईए की जाँच टीम घटनाक्रम पर नज़र बनाए हुए है और अगली रिपोर्ट शीघ्र अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ज़मीन पर उतने टिकाऊ नहीं हैं — और परमाणु सुरक्षा के मामले में एक भी चूक की कीमत अकल्पनीय हो सकती है। आईएईए की मध्यस्थता सराहनीय है, लेकिन सवाल यह है कि बिना किसी बाध्यकारी अनुपालन तंत्र के ये अपीलें कितनी प्रभावी हैं। डीजल जनरेटर पर दो महीने से अधिक की निर्भरता एक परमाणु संयंत्र के लिए स्वीकार्य स्थिति नहीं है — और मुख्यधारा की कवरेज इस दीर्घकालिक जोखिम को अक्सर रोज़ाना की घटनाओं के शोर में दफन कर देती है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जापोरिजिया परमाणु संयंत्र के पास युद्धविराम क्यों किया गया?
यह युद्धविराम आईएईए की मध्यस्थता में संयंत्र की महत्वपूर्ण 750 किलोवोल्ट डिनिप्रोव्स्का बिजली लाइन की मरम्मत के लिए किया गया, जो 24 मार्च से बंद थी। इस लाइन की बहाली परमाणु सुरक्षा के लिए अनिवार्य मानी जा रही है।
रोसाटॉम के इंजीनियर कैसे घायल हुए?
रोसाटॉम महानिदेशक एलेक्सी लिकाचेव के अनुसार, जापोरिजिया संयंत्र पर यूक्रेनी ड्रोन हमलों में तीन इंजीनियर घायल हुए, जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई गई। आईएईए ने कहा है कि घटना की जाँच जारी है।
जापोरिजिया संयंत्र में बिजली आपूर्ति बाधित होने पर क्या खतरा है?
बिजली कटौती की स्थिति में संयंत्र के छह बंद रिएक्टरों को ठंडा रखने के लिए आपातकालीन डीजल जनरेटरों पर निर्भर रहना पड़ता है। डीजल आपूर्ति बाधित होने पर रिएक्टर कूलिंग प्रणाली विफल हो सकती है, जो गंभीर परमाणु दुर्घटना का कारण बन सकती है।
जापोरिजिया परमाणु संयंत्र किसके नियंत्रण में है?
यूरोप का सबसे बड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र मार्च 2022 से रूस के नियंत्रण में है। आईएईए की निगरानी टीम वहाँ तैनात है और नियमित रूप से सुरक्षा स्थिति की रिपोर्ट करती है।
डिनिप्रोव्स्का ट्रांसमिशन लाइन की मरम्मत से क्या फायदा होगा?
750 किलोवोल्ट डिनिप्रोव्स्का लाइन की बहाली से संयंत्र की बाहरी बिजली आपूर्ति में विश्वसनीयता बढ़ेगी और डीजल जनरेटर पर निर्भरता कम होगी। आईएईए के अनुसार, यह परमाणु एवं विकिरण सुरक्षा दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण सकारात्मक कदम है।
राष्ट्र प्रेस
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