क्या आईएईए महानिदेशक ग्रॉसी ने ईरानी विदेश मंत्री से फोन पर बातचीत की?
सारांश
Key Takeaways
- आईएईए के महानिदेशक और ईरानी विदेश मंत्री के बीच बातचीत हुई।
- ईरान ने अपने परमाणु ऊर्जा अधिकारों की सुरक्षा पर जोर दिया।
- दोनों पक्षों ने संवाद और रचनात्मकता की आवश्यकता पर बल दिया।
- अगला कदम ड्राफ्ट प्रस्ताव को अंतिम रूप देना है।
- ओमान अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता कर रहा है।
तेहरान, 22 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने रविवार को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत की। ईरान के विदेश मंत्रालय ने शनिवार शाम को इस बातचीत की जानकारी दी।
मंत्रालय के अनुसार, दोनों ने ईरान और अमेरिका के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता से जुड़ी नई घटनाओं पर चर्चा की।
अराघची ने ईरान की रचनात्मक भूमिका पर जोर दिया और कहा कि ईरान शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में अपने वैध अधिकारों को संरक्षित करने के लिए कूटनीति का सहारा लेने के लिए प्रतिबद्ध है, जो कि परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप है।
ग्रॉसी ने जेनेवा वार्ता को "सकारात्मक" बताते हुए आईएईए की ओर से वार्ता ढांचे के विकास में सहयोग प्रदान करने की इच्छा व्यक्त की। दोनों ने रचनात्मक सहभागिता और संवाद के महत्व पर जोर दिया ताकि एक स्थायी समझौते तक पहुंचा जा सके।
यह दोनों की एक सप्ताह में दूसरी टेलीफोन वार्ता है। बुधवार को भी उन्होंने जेनेवा वार्ता के परिणामों और वार्ता तंत्र पर चर्चा की थी। ईरान ने कहा कि अगला कदम एक ड्राफ्ट प्रस्ताव को अंतिम रूप देना है, जो अमेरिकी प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ को सौंपा जाएगा, और संभवतः एक सप्ताह में गंभीर वार्ता शुरू हो सकती है। मेहर न्यूज के अनुसार, दोनों के बीच क्षेत्रीय विकासों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई, जिसमें ईरान ने निष्पक्ष समझौते की आवश्यकता पर बल दिया।
16 फरवरी को भी अराघची ने जिनेवा में अमेरिका से दूसरे दौर की अप्रत्यक्ष बातचीत से पहले ग्रॉसी से मुलाकात की थी। ईरान ने अमेरिका के साथ होने वाली परमाणु वार्ता के दूसरे दौर से ठीक पहले महत्वपूर्ण कूटनीतिक चर्चा की। ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था आईएईए के अधिकारियों से महत्वपूर्ण मुलाकात की थी। यह बैठक अमेरिका के साथ बातचीत से पहले रणनीतिक तैयारी और अपने रुख को स्पष्ट करने के उद्देश्य से की गई थी, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई चर्चाओं और अटकलों का जन्म हुआ।
बैठक के बाद, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "मैं एक सही और बराबरी का समझौता करने के लिए असली विचार के साथ जिनेवा में हूं।" ईरान प्रतिबंध में राहत के बदले समझौते के लिए तैयार है।
बता दें कि ओमान, अमेरिका और ईरान के बीच समझौता कराने की कोशिश कर रहा है। ओमान की राजधानी मस्कट में ईरान और अमेरिका की पहले दौर की बातचीत हुई थी। इसके बाद स्विट्जरलैंड के शहर जिनेवा में अमेरिका-ईरान ने मुलाकात की।
इसके बाद अराघची ने कहा था कि वार्ता सकारात्मक रही। उन्होंने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच "जिनेवा में बहुत अच्छी बातचीत हुई," और वे ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम और तेहरान के खिलाफ अमेरिका के प्रतिबंधों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर सके।
हालांकि इसके बाद अमेरिका की ओर से ऐसे बयान और टिप्पणियां आईं जो इस वार्ता की सफलता पर प्रश्नचिन्ह लगाती थीं। 19 फरवरी को बोर्ड ऑफ पीस की बैठक में संबोधन के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तो यहां तक कह दिया था कि वे ईरान को 10 दिन का समय दे रहे हैं।