जापोरिजिया न्यूक्लियर प्लांट की विकिरण प्रयोगशाला पर यूक्रेनी ड्रोन हमला, आईएईए ने परमाणु सुरक्षा पर जताई गंभीर चिंता
सारांश
यूरोप के सबसे बड़े परमाणु संयंत्र जापोरिजिया की विकिरण निगरानी प्रयोगशाला पर यूक्रेनी ड्रोन हमले का दावा — यह महज एक इमारत पर हमला नहीं, बल्कि उस प्रणाली पर प्रहार है जो आपात स्थिति में विकिरण रिसाव की पहली चेतावनी देती है। आईएईए ने गंभीर चिंता जताई है।
मुख्य बातें
3 मई को जापोरिजिया न्यूक्लियर पावर प्लांट की बाहरी विकिरण निगरानी प्रयोगशाला पर यूक्रेनी ड्रोन हमले का दावा।
प्लांट प्रबंधन के अनुसार उपकरणों को कोई गंभीर नुकसान नहीं , कोई हताहत नहीं।
आईएईए ने हमले की पुष्टि की और प्रभावित स्थल तक पहुँचने की अनुमति माँगी।
आईएईए महानिदेशक राफेल मारियानो ग्रोसी ने चेताया कि परमाणु स्थलों पर हमले सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं।
पिछले महीने भी इसी प्लांट पर ड्रोन हमले में एक ड्राइवर की मौत हो चुकी है।
यह संयंत्र यूरोप का सबसे बड़ा और दुनिया के दस सबसे बड़े परमाणु संयंत्रों में शामिल है।
जापोरिजिया न्यूक्लियर पावर प्लांट की बाहरी विकिरण निगरानी प्रयोगशाला पर रविवार, 3 मई को यूक्रेनी सशस्त्र बलों ने कथित तौर पर ड्रोन से हमला किया, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने परमाणु सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। प्लांट प्रबंधन के बयान के अनुसार, इस हमले में उपकरणों को कोई गंभीर क्षति नहीं हुई और किसी के घायल होने की भी सूचना नहीं है।
हमले का विवरण
रूसी सरकारी समाचार एजेंसी तास ने प्लांट प्रबंधन के हवाले से बताया कि यूक्रेनी सेना ने दोपहर के समय प्लांट की बाहरी विकिरण निगरानी प्रयोगशाला को ड्रोन से निशाना बनाया। प्रबंधन ने अपने बयान में कहा,
संपादकीय दृष्टिकोण
तो किसी भी परमाणु आपात स्थिति में प्रारंभिक चेतावनी तंत्र ध्वस्त हो सकता है। आईएईए की चेतावनियाँ बार-बार आती हैं, लेकिन युद्धरत पक्षों पर उनका व्यावहारिक असर अब तक सीमित रहा है। गौरतलब है कि पिछले महीने भी इसी संयंत्र पर हमले में एक व्यक्ति की जान गई थी — यह दर्शाता है कि चेतावनियाँ निरंतर हैं पर कार्रवाई अपर्याप्त। अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए असली सवाल यह है कि परमाणु सुरक्षा को युद्धविराम वार्ता से अलग रखना कब तक संभव होगा।
RashtraPress
26 जून 2026
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जापोरिजिया न्यूक्लियर पावर प्लांट पर 3 मई को क्या हुआ?
3 मई को यूक्रेनी सशस्त्र बलों ने कथित तौर पर जापोरिजिया न्यूक्लियर पावर प्लांट की बाहरी विकिरण निगरानी प्रयोगशाला पर ड्रोन से हमला किया। प्लांट प्रबंधन के अनुसार उपकरणों को कोई गंभीर नुकसान नहीं हुआ और कोई हताहत नहीं हुआ।
आईएईए ने इस हमले पर क्या कहा?
आईएईए ने पुष्टि की कि उसे प्लांट से इस हमले की जानकारी मिली है और उसकी टीम ने प्रभावित स्थल तक पहुँचने की अनुमति माँगी है। महानिदेशक राफेल मारियानो ग्रोसी ने चेताया कि परमाणु स्थलों के आसपास किसी भी तरह के हमले परमाणु सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं।
विकिरण निगरानी प्रयोगशाला का क्या काम है?
यह प्रयोगशाला प्लांट के आसपास के इलाके में लगातार विकिरण स्तर पर नज़र रखती है, मौसम संबंधी डेटा एकत्र करती है और किसी आपात स्थिति में संभावित प्रभाव का आकलन करने में सहायता करती है। इसके बाधित होने से आपात स्थिति में समय पर प्रतिक्रिया कठिन हो सकती है।
जापोरिजिया परमाणु संयंत्र पर पहले भी हमले हुए हैं?
हाँ, पिछले महीने भी इसी संयंत्र पर एक ड्रोन हमले में एक ड्राइवर की मौत हो गई थी। प्लांट के अनुसार, यूक्रेनी सशस्त्र बलों की ओर से संयंत्र के आसपास और सैटेलाइट शहर एनरगोडार में भी हमले होते रहे हैं।
जापोरिजिया न्यूक्लियर पावर प्लांट कितना बड़ा है?
जापोरिजिया न्यूक्लियर पावर प्लांट यूरोप का सबसे बड़ा परमाणु बिजली संयंत्र है और दुनिया के दस सबसे बड़े परमाणु संयंत्रों में भी शामिल है। यह फरवरी 2022 में रूसी कब्ज़े के बाद से अंतरराष्ट्रीय चिंता का केंद्र बना हुआ है।