तुंगभद्रा बांध के 33 नए क्रेस्ट गेट: 15 मई को उद्घाटन, 7.50 लाख किसानों की आजीविका सुरक्षित — डीके शिवकुमार
सारांश
Key Takeaways
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री एवं सिंचाई मंत्री डी.के. शिवकुमार ने 3 मई 2026 को विजयनगर में तुंगभद्रा बांध का निरीक्षण करने के बाद घोषणा की कि बांध के 33 नए क्रेस्ट गेट लगाने का कार्य लगभग पूरा हो चुका है और 15 मई को इसका औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा। शिवकुमार ने कहा कि इस परियोजना से 7.50 लाख किसानों की आजीविका सुरक्षित हुई है।
मुख्य घटनाक्रम
शिवकुमार ने पत्रकारों को बताया, ''तुंगभद्रा बांध के सभी 33 नए गेट लगाए जा चुके हैं और अब केवल थोड़ा सा काम बाकी है। इसे 7 मई तक पूरा करने और 15 मई को उद्घाटन की तैयारी के निर्देश दिए गए हैं।'' उन्होंने कहा कि चार जिलों के किसानों को उद्घाटन कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाएगा।
वर्तमान में बांध में 10.50 टीएमसी पानी उपलब्ध है। शिवकुमार के अनुसार, यदि पर्याप्त वर्षा होती है तो दो महीनों में 44 टीएमसी पानी संग्रहीत हो जाएगा। अब तक इस परियोजना पर ₹54 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं, जिसे कर्नाटक और आंध्र प्रदेश 64:34 के अनुपात में वहन कर रहे हैं।
परियोजना का महत्व
शिवकुमार ने इस कार्य को राष्ट्रीय स्तर पर एक मॉडल बताते हुए कहा, ''33 गेट लगाने का काम देश के लिए एक मॉडल है। पूरा देश इस काम को देख रहा था।'' उन्होंने बताया कि जब 19वां क्रेस्ट गेट क्षतिग्रस्त हुआ था, तब विशेषज्ञों की राय ली गई और उनके मार्गदर्शन में काम किया गया। शिवकुमार ने यह भी कहा कि नए गेट अगले 50 वर्षों तक बिना किसी परेशानी के काम करेंगे।
उन्होंने बांध प्रशासन को दी गई स्वायत्तता का भी उल्लेख किया और कहा कि किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप न हो, यह सुनिश्चित किया गया है। इसके अतिरिक्त, अन्य परियोजनाओं की सुरक्षा के लिए ₹300 करोड़ आवंटित किए गए हैं। चेन बदलने का कार्य चेन्नई की एक संस्था को सौंपा गया है और पहली खेप जल्द आने की उम्मीद है।
किसानों की भूमिका और सरकार की सराहना
शिवकुमार ने किसानों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा, ''किसानों ने हमारी स्थिति समझी और अपनी एक फसल का त्याग किया। मैं उनके सहयोग को सलाम करता हूं।'' उन्होंने आलोचकों को भी जवाब देते हुए कहा कि जो लोग राजनीतिक आलोचना करते हैं, वे आदतन बोलते हैं क्योंकि उन्होंने कभी ऐसा काम नहीं किया।
नवाली परियोजना और आंध्र प्रदेश से गतिरोध
नवाली बैलेंसिंग रिजर्वायर और गाद (सिल्ट) हटाने के मुद्दे पर शिवकुमार ने कहा कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री इस विषय पर चर्चा के लिए समय नहीं दे रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया, ''आंध्र सीएम बोर्ड स्तर पर चर्चा के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। उन्हें अभी ज्यादा पानी मिल रहा है, इसलिए वे रुचि नहीं ले रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि जो भी निर्णय होगा, वह बोर्ड स्तर पर लिया जाएगा।
चीन मॉडल पर गाद हटाने के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि यह सरल कार्य नहीं है और इसके लिए ग्लोबल टेंडर निकालना होगा। बांध की ऊंचाई बढ़ाने के प्रश्न पर उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार मौजूदा प्रणाली में ही जल संरक्षण के उपाय खोज रही है।
क्या होगा आगे
राज्य में लंबित 86,000 फाइलों के संदर्भ में शिवकुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कैबिनेट में इस पर चर्चा की है और सभी फाइलों को शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए गए हैं। तुंगभद्रा बांध का 15 मई 2026 को प्रस्तावित उद्घाटन क्षेत्र के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर होगा।