मुकुंदपुर में खुले नाले में गिरी 2 वर्षीय आश्वी की मौत, प्रशासनिक लापरवाही पर भड़के लोग

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मुकुंदपुर में खुले नाले में गिरी 2 वर्षीय आश्वी की मौत, प्रशासनिक लापरवाही पर भड़के लोग

सारांश

दिल्ली के मुकुंदपुर में 2 वर्षीय आश्वी की खुले नाले में गिरकर मौत ने एक बार फिर शहरी प्रशासन की नाकामी उजागर की है। बार-बार शिकायत के बावजूद नाला ढका नहीं गया — और एक मासूम की जान चली गई। यह अकेली घटना नहीं, एक चेतावनी है।

Key Takeaways

2 वर्षीय आश्वी की 3 मई, रविवार को मुकुंदपुर, ईशु विहार, दिल्ली में खुले नाले में गिरने से मौत हुई। बच्ची घर के बाहर खेलते समय लापता हुई; नाले में दलदल में फँसी मिली, अस्पताल में मृत घोषित की गई। स्थानीय निवासियों के अनुसार यह नाला लंबे समय से बिना ढक्कन के खुला है और पहले भी दुर्घटनाएँ हो चुकी हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद संबंधित विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है; निवासियों ने दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की माँग की।

नई दिल्ली के आउटर नॉर्थ दिल्ली स्थित मुकुंदपुर इलाके में रविवार, 3 मई को एक दर्दनाक हादसे में 2 वर्षीय आश्वी की खुले नाले में गिरने से मौत हो गई। बुराड़ी विधानसभा क्षेत्र के ईशु विहार में हुई इस घटना ने पूरे इलाके को शोक और आक्रोश में डुबो दिया है। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर जाँच शुरू कर दी है।

घटनाक्रम: कैसे हुआ यह हादसा

ईशु विहार निवासी आश्वी रविवार दोपहर अपने घर के बाहर खेल रही थी, जब वह अचानक लापता हो गई। परिजनों ने आसपास काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। कुछ देर बाद परिवार को पास के गहरे नाले पर संदेह हुआ।

स्थानीय लोगों की मदद से नाले में खोजबीन की गई, जहाँ बच्ची दलदल में फँसी मिली। उसे तुरंत बाहर निकालकर नज़दीकी सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

खुला नाला: पहले भी हो चुके हैं हादसे

स्थानीय निवासियों के अनुसार, ईशु विहार का यह नाला लंबे समय से बिना ढक्कन के खुला पड़ा है और पहले भी कई बार दुर्घटनाओं की वजह बन चुका है। लोगों का कहना है कि इससे पहले भी कई बच्चे इस नाले में गिर चुके हैं, हालाँकि उन्हें समय रहते बचा लिया गया था।

निवासियों ने बताया कि नाला काफी गहरा है और बिना ढक्कन के खुला होने के कारण हमेशा खतरा बना रहता है। कई बार शिकायत करने के बावजूद संबंधित विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।

प्रशासनिक लापरवाही पर आक्रोश

स्थानीय निवासियों ने इस हादसे के लिए संबंधित विभाग की लापरवाही को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते नाले को ढक दिया जाता या पर्याप्त सुरक्षा उपाय किए जाते, तो इस मासूम की जान बचाई जा सकती थी।

गुस्साए लोगों ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की है। यह घटना एक बार फिर शहरी बुनियादी ढाँचे की उपेक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही की कमी को उजागर करती है।

पुलिस जाँच जारी

पुलिस के अनुसार, रविवार दोपहर हादसे की सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुँची। फिलहाल हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी विस्तृत जाँच की जा रही है। यह घटना दिल्ली के उन सैकड़ों खुले नालों की ओर ध्यान दिलाती है जो घनी आबादी वाले इलाकों में आज भी बिना सुरक्षा उपायों के मौजूद हैं।

Point of View

तो यह लापरवाही नहीं, जवाबदेही का संकट है। दिल्ली के घनी आबादी वाले इलाकों में दर्जनों ऐसे खुले नाले हैं जो नियमित रूप से खतरा बनते हैं, फिर भी बजट और राजनीतिक इच्छाशक्ति दोनों की कमी बनी रहती है। एक 2 वर्षीय बच्ची की मौत के बाद भी यदि केवल जाँच तक सीमित रहा गया और ढाँचागत सुधार नहीं हुए, तो अगला हादसा तय है।
NationPress
03/05/2026

Frequently Asked Questions

दिल्ली के मुकुंदपुर में नाले में गिरने से किसकी मौत हुई?
दिल्ली के मुकुंदपुर स्थित ईशु विहार में 2 वर्षीय आश्वी की खुले नाले में गिरने से मौत हुई। यह घटना 3 मई, रविवार को हुई जब वह घर के बाहर खेल रही थी।
क्या इस नाले को लेकर पहले भी शिकायतें हुई थीं?
हाँ, स्थानीय निवासियों के अनुसार यह नाला लंबे समय से बिना ढक्कन के खुला है और पहले भी कई बच्चे इसमें गिर चुके हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद संबंधित विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
इस मामले में पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
पुलिस रविवार दोपहर सूचना मिलते ही मौके पर पहुँची और हादसे की जाँच शुरू कर दी है। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी विस्तृत जाँच जारी है।
स्थानीय लोगों ने क्या माँग की है?
स्थानीय निवासियों ने संबंधित विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की है। उनका कहना है कि समय रहते नाला ढका जाता तो इस मासूम की जान बचाई जा सकती थी।
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