मुकुंदपुर नाला हादसा: 2 साल की बच्ची की मौत पर 'आप' विधायक संजीव झा ने एमसीडी को ठहराया जिम्मेदार

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मुकुंदपुर नाला हादसा: 2 साल की बच्ची की मौत पर 'आप' विधायक संजीव झा ने एमसीडी को ठहराया जिम्मेदार

सारांश

दिल्ली के मुकुंदपुर में खुले नाले में गिरकर दो साल की बच्ची की मौत ने एमसीडी की प्रशासनिक लापरवाही को फिर उजागर किया है। AAP विधायक संजीव झा का आरोप है कि जुलाई 2025 में हस्तांतरण के बाद भी निगम ने नाला ढकने की जहमत नहीं उठाई — और उनकी बार-बार की चेतावनियाँ अनसुनी रहीं।

मुख्य बातें

मुकुंदपुर पार्ट-2 , दिल्ली में खुले नाले में गिरकर दो साल की बच्ची की दर्दनाक मौत हुई।
AAP विधायक संजीव झा ने 6 मई को पीड़ित परिवार से मुलाकात कर एमसीडी को जिम्मेदार ठहराया।
30 जुलाई 2025 को बाढ़ एवं सिंचाई विभाग ने पत्र के माध्यम से नाले का हस्तांतरण एमसीडी को किया था।
झा ने दावा किया कि उन्होंने पहले ही कई बार विभागों को नाले की खतरनाक स्थिति से आगाह किया था।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा बाढ़ विभाग के अभियंता पर की गई कार्रवाई पर झा ने सवाल उठाए।
विभाग ने आश्वासन दिया है कि 4 से 5 दिनों में नाले को ढक दिया जाएगा।

दिल्ली के मुकुंदपुर पार्ट-2 इलाके में खुले नाले में गिरकर दो साल की मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के बुराड़ी विधायक संजीव झा ने बुधवार, 6 मई को पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और इस हादसे के लिए भाजपा (BJP) शासित नगर निगम दिल्ली (एमसीडी) को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया।

हादसे का पूरा घटनाक्रम

झा के अनुसार, जिस नाले में बच्ची गिरी, वह एमसीडी के अधिकार क्षेत्र में आता है। उन्होंने बताया कि 30 जुलाई 2025 को बाढ़ एवं सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता ने पत्र लिखकर इस नाले के हस्तांतरण की औपचारिक जानकारी दी थी। इससे पहले 6 जुलाई 2025 को नाले की सफाई भी कराई गई थी।

विधायक झा ने आरोप लगाया कि हस्तांतरण के बाद एमसीडी ने न तो नाले की नियमित सफाई सुनिश्चित की और न ही खुले हिस्सों को ढकने की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने खुद कई बार संबंधित विभागों को पत्र और फोन के माध्यम से आगाह किया था कि नाला खुला है और इससे हादसा हो सकता है, लेकिन उनकी चेतावनियों को नजरअंदाज किया गया।

मुख्यमंत्री की कार्रवाई पर सवाल

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा बाढ़ एवं सिंचाई विभाग के अभियंता पर कार्रवाई किए जाने पर झा ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि जाँच में उस विभाग की कोई भूमिका सामने आती है तो कार्रवाई उचित है, लेकिन प्रथम दृष्टया जिम्मेदारी एमसीडी की बनती है। झा ने आरोप लगाया कि सरकार निगम के अधिकारियों को बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के स्थानीय पार्षद, जो उसी जोन के चेयरमैन भी हैं, अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहे हैं और इलाके में साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब है।

पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की माँग

AAP विधायक ने सरकार से माँग की कि पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि केवल प्रशासनिक कार्रवाई से परिवार की क्षति की भरपाई नहीं हो सकती, इसलिए सरकार को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए आर्थिक सहायता प्रदान करनी चाहिए।

आगे क्या होगा

संजीव झा ने बताया कि उन्होंने बाढ़ एवं सिंचाई विभाग को पुनः पत्र लिखकर नाले को ढकने का अनुरोध किया है। विभाग की ओर से आश्वासन मिला है कि चार से पाँच दिनों के भीतर नाले को ढक दिया जाएगा। गौरतलब है कि यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब दिल्ली में मानसून पूर्व खुले नालों और जल-निकासी व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए जाते रहे हैं। झा ने स्पष्ट किया कि भविष्य में हादसों को रोकने के लिए यह कदम जरूरी है, लेकिन जो नुकसान हो चुका है उसकी भरपाई किसी भी तरह संभव नहीं है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि दिल्ली में नागरिक बुनियादी ढाँचे की पुरानी उपेक्षा का नतीजा है। सवाल यह नहीं कि नाला किस विभाग के अधीन था — सवाल यह है कि हस्तांतरण के महीनों बाद भी खुला नाला ढका क्यों नहीं गया, जबकि जनप्रतिनिधि खुद चेतावनी दे चुके थे। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच एक मासूम की जान जाना यह दर्शाता है कि जवाबदेही तंत्र पूरी तरह विफल है — और जब तक जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं होगी, ऐसे हादसे दोहराते रहेंगे।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुकुंदपुर नाला हादसा क्या है?
दिल्ली के मुकुंदपुर पार्ट-2 इलाके में एक खुले नाले में गिरकर दो साल की बच्ची की मौत हो गई। यह नाला जुलाई 2025 में बाढ़ एवं सिंचाई विभाग से एमसीडी को हस्तांतरित किया गया था, लेकिन इसे ढका नहीं गया था।
इस हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है?
AAP विधायक संजीव झा ने एमसीडी को जिम्मेदार ठहराया है, क्योंकि नाला उनके अधिकार क्षेत्र में था। हालाँकि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बाढ़ एवं सिंचाई विभाग के अभियंता पर कार्रवाई की है, जिस पर झा ने सवाल उठाए हैं।
संजीव झा ने क्या माँगें रखी हैं?
AAP विधायक संजीव झा ने पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की माँग की है। उन्होंने सरकार से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए आर्थिक सहायता प्रदान करने का भी आग्रह किया है।
नाले को कब तक ढका जाएगा?
बाढ़ एवं सिंचाई विभाग ने आश्वासन दिया है कि चार से पाँच दिनों के भीतर नाले को ढक दिया जाएगा। विधायक झा ने इसके लिए विभाग को पुनः पत्र लिखा है।
नाला एमसीडी को कब सौंपा गया था?
30 जुलाई 2025 को बाढ़ एवं सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता ने पत्र लिखकर नाले के हस्तांतरण की जानकारी दी थी। इससे पहले 6 जुलाई 2025 को नाले की सफाई भी कराई गई थी।
राष्ट्र प्रेस
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