क्या रांची में नाले में गिरे दो भाईयों की कहानी आपको विचलित करती है?

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क्या रांची में नाले में गिरे दो भाईयों की कहानी आपको विचलित करती है?

सारांश

रांची में एक दिल दहला देने वाली घटना में, दो भाई नाले में गिर गए। एक को मां ने बचा लिया, जबकि दूसरे की जान चली गई। यह घटना नाले के खुला रहने और सुरक्षा की कमी को उजागर करती है। क्या इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कुछ किया जाएगा?

मुख्य बातें

दुर्भाग्यपूर्ण घटना में एक बच्चे की जान चली गई।
सुरक्षा की कमी ने इस हादसे को जन्म दिया।
स्थानीय लोगों ने नाले को ढकने की मांग की है।
मां ने अपने बेटे को बचाने की कोशिश की।
इस घटना ने पूरे इलाके में शोक का माहौल पैदा किया।

रांची, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। रांची के सदर थाना क्षेत्र में मंगलवार को दो छोटे भाई एक नाले में गिर गए। इनमें से दो साल के बच्चे की जान चली गई, जबकि बड़े भाई को समय पर बचा लिया गया।

जानकारी के अनुसार, मौलाना आजाद कॉलोनी के रोड नंबर–7 पर दोनों बच्चे खेलते-खेलते पास मौजूद खुले और गहरे नाले के किनारे पहुंच गए। तभी उनका संतुलन बिगड़ गया और वे नाले में गिर पड़े।

पानी का बहाव तेज होने के कारण दोनों बच्चे तेजी से बहने लगे। बच्चों की मां की नज़र जैसे ही डूबते बच्चों पर पड़ी, उन्होंने तुरंत नाले में कूदने का फ़ैसला किया। मां ने तीन साल के मो. अरहान का हाथ पकड़कर उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन पानी के तेज बहाव के कारण दो साल के मो. फरहान की मां की पकड़ से छूट गया।

मां की चीख़ सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया। स्थानीय लोगों की मदद से अरहान को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन फरहान को बचाने की कोशिशें विफल रहीं। बाद में बच्चे को बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सदर थाना प्रभारी कुलदीप ने बताया कि दोनों भाई खेलते समय नाले में गिर गए थे। बड़े भाई को तो सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन छोटे भाई की मौत गंदे पानी के पेट में जाने के कारण हुई।

इस घटना के बाद मौलाना आजाद कॉलोनी में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि इलाके में कई स्थानों पर खुले नाले हैं, जिन्हें ढकने की मांग कई बार की गई, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया। लोगों का कहना है कि यदि नाला ढका होता, तो यह हादसा टाला जा सकता था।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह घटना न केवल एक परिवार के लिए एक त्रासदी है, बल्कि यह हमें यह भी याद दिलाती है कि समाज में सुरक्षा की कितनी कमी है। यदि नाले को समय पर ढका गया होता, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था। हमें इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या घटना के समय बच्चों की मां वहां मौजूद थी?
जी हां, बच्चों की मां मौके पर मौजूद थी और उन्होंने तुरंत नाले में कूदकर अपने बड़े बेटे को बचाया।
क्या दोनों भाई अकेले खेल रहे थे?
हां, दोनों भाई घर के बाहर खेल रहे थे और खेलते-खेलते नाले के पास पहुंच गए।
क्या इलाके में नाले को ढकने की कोई व्यवस्था है?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके में कई खुले नाले हैं जिन्हें ढकने की मांग की गई है, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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