चैत्र नवरात्र का स्वागत: घटस्थापना के शुभ मुहूर्त की जानकारी

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चैत्र नवरात्र का स्वागत: घटस्थापना के शुभ मुहूर्त की जानकारी

सारांश

चैत्र नवरात्र का पर्व १९ मार्च से शुरू होने वाला है। घटस्थापना के लिए शुभ मुहूर्त जानें ताकि आप अपनी आराधना सही समय पर कर सकें।

Key Takeaways

  • चैत्र नवरात्र १९ मार्च से शुरू हो रहे हैं।
  • घटस्थापना का शुभ मुहूर्त ६:52 से 7:43 तक है।
  • अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:05 से 12:53 तक है।
  • नवरात्र का पर्व मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा के लिए है।
  • राहुकाल का समय 2 बजे से 3:30 बजे तक है।

नई दिल्ली, १८ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। आदिशक्ति की आराधना का पर्व नवरात्र इस गुरुवार से शुरू हो रहा है। चैत्र मास की शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से नौ दिनों तक मां दुर्गा की पूजा का यह खास अवसर है। इस बार चैत्र नवरात्र गुरुवार, १९ मार्च से आरंभ हो रहे हैं। नवरात्र के पहले दिन घटस्थापना का विशेष महत्व होता है, जिसमें कलश स्थापित कर भगवती की पूजा की जाती है।

चैत्र नवरात्र में भक्त नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा करते हैं। घटस्थापना के साथ जौ बोने की परंपरा भी है, जिसे ज्वारा कहा जाता है। यह पर्व राम नवमी के साथ समाप्त होगा, जब मां दुर्गा की विजय का उत्सव मनाया जाता है।

दृक पंचांग के अनुसार, घटस्थापना के लिए शुभ मुहूर्त गुरुवार की सुबह ६ बजकर ५२ मिनट से सुबह ७ बजकर ४३ मिनट तक है। वहीं, अभिजित मुहूर्त में घटस्थापना दोपहर १२ बजकर ५ मिनट से दोपहर १२ बजकर ५३ मिनट तक हो सकती है। यह समय अत्यंत शुभ माना जाता है। यदि मुख्य मुहूर्त में संभव न हो तो अभिजित मुहूर्त का लाभ उठाया जा सकता है। धर्म शास्त्रों के अनुसार, घटस्थापना का कार्य सूर्योदय के बाद और उचित मुहूर्त में करना चाहिए।

१९ मार्च को सूर्योदय सुबह ६ बजकर २६ मिनट पर और सूर्यास्त शाम ६ बजकर ३२ मिनट पर होगा। अमावस्या तिथि सुबह ६ बजकर ५२ मिनट तक रहेगी, इसके बाद प्रतिपदा शुरू होगी जो अगले दिन सुबह ४ बजकर ५२ मिनट तक चलेगी। नक्षत्र उत्तर भाद्रपद है, जो अगले दिन सुबह ४ बजकर ५ मिनट तक रहेगा, फिर रेवती शुरू होगा।

गुरुवार के शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह ४ बजकर ५१ मिनट से ५ बजकर ३९ मिनट तक, विजय मुहूर्त दोपहर २ बजकर ३० मिनट से ३ बजकर १८ मिनट तक, गोधूलि मुहूर्त शाम ६ बजकर २९ मिनट से ६ बजकर ५३ मिनट तक है। अमृतकाल रात ११ बजकर ३२ मिनट से देर रात १ बजकर ३ मिनट तक रहेगा।

नवरात्र के पहले दिन अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल दोपहर २ बजे से ३ बजकर ३० मिनट तक, यमगंड सुबह ६ बजकर २६ मिनट से ७ बजकर ५७ मिनट तक है। गुलिक काल सुबह ९ बजकर २८ मिनट से १० बजकर ५८ मिनट तक और दुर्मुहूर्त सुबह १० बजकर २८ मिनट से ११ बजकर १७ मिनट है।

Point of View

बल्कि समाज में एकता और श्रद्धा का प्रतीक भी है। घटस्थापना का मुहूर्त भक्तों के लिए महत्वपूर्ण है, जिससे वे अपनी आराधना सही समय पर कर सकें।
NationPress
19/03/2026

Frequently Asked Questions

घटस्थापना का शुभ मुहूर्त कब है?
घटस्थापना का शुभ मुहूर्त १९ मार्च को सुबह ६ बजकर ५२ मिनट से ७ बजकर ४३ मिनट तक है।
अभिजित मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त दोपहर १२ बजकर ५ मिनट से १२ बजकर ५३ मिनट तक है, जो घटस्थापना के लिए शुभ माना जाता है।
नवरात्र कब समाप्त होंगे?
नवरात्र पर्व राम नवमी के साथ समाप्त होगा।
क्या समय नवरात्र में पूजा के लिए उचित है?
घटस्थापना का कार्य सूर्योदय के बाद उचित मुहूर्त में करना चाहिए।
राहुकाल का समय क्या है?
राहुकाल दोपहर २ बजे से ३ बजकर ३० मिनट तक है।
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