मां चीची देवी मंदिर में चैत्र नवरात्र की तैयारियाँ, पुजारी ने बताया घटस्थापना का शुभ समय
सारांश
Key Takeaways
- मां चीची देवी मंदिर में चैत्र नवरात्र की तैयारी चल रही है।
- घटस्थापना का शुभ मुहूर्त 19 मार्च को सुबह 6 बजकर 40 मिनट है।
- मंदिर की सजावट फूलों से की गई है।
- भक्तों के लिए दर्शन की व्यवस्था की जा रही है।
- मंदिर का इतिहास मां सती की उंगली से जुड़ा है।
सांबा, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। 19 मार्च से मां भगवती के चैत्र नवरात्र का आरंभ होने जा रहा है, जिसके चलते देशभर के मंदिरों में साज-सजावट का काम तेजी से चल रहा है।
सांबा के मां चीची देवी मंदिर में नवरात्र का माहौल विशेष रूप से देखने को मिल रहा है। मंदिर को खूबसूरत फूलों से सजाया जा रहा है और भक्तों का आना जारी है। इस बीच, मंदिर के मुख्य पुजारी ने घटस्थापना के लिए महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है।
पुजारी बंसी लाल ने बताया कि गुरुवार, 19 मार्च को सुबह 6 बजकर 40 मिनट के बाद शुभ मुहूर्त शुरू होगा। कई भक्तों के बीच यह भ्रम था कि मां की पूजा कब करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सवेरे 6 बजकर 40 मिनट के बाद मां भगवती की आराधना की जा सकती है।
पुजारी ने आगे कहा, "चीची देवी मंदिर की कमेटी ने मंदिर की सजावट बेहतरीन तरीके से की है। मेरी सभी से विनती है कि चैत्र नवरात्र में मां की विशेष कृपा पाने के लिए अवश्य मंदिर आएं। भक्त यदि मां के नौ दिन उनकी आराधना करें, तो उनकी मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होंगी।"
ज्ञात हो कि जम्मू-कश्मीर के सांबा में स्थित मां भगवती का चीची देवी मंदिर एक प्राचीन और चमत्कारी स्थल है। माना जाता है कि यहां मां सती की सबसे छोटी उंगली गिरी थी, जिसके परिणामस्वरूप इस दिव्य और शक्तिशाली मंदिर की स्थापना हुई। छोटी उंगली गिरने के कारण इस मंदिर का नाम चीची देवी मंदिर पड़ा। यहां चैत्र और शारदीय दोनों नवरात्रों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है।
सांबा में स्थित होने के कारण इस मंदिर को मां वैष्णो देवी मंदिर से भी जोड़ा जाता है। कहा जाता है कि इसी स्थान पर माता वैष्णो देवी ने त्रिकुट पर्वत पर स्थान लेने से पहले कुछ समय बिताया था। इसलिए इसे वैष्णो देवी का पहला दर्शन भी माना जाता है।