चैत्र नवरात्र की महानवमी: भक्तों का मां सिद्धिदात्री के प्रति अटूट विश्वास

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चैत्र नवरात्र की महानवमी: भक्तों का मां सिद्धिदात्री के प्रति अटूट विश्वास

सारांश

चैत्र नवरात्र की महानवमी पर दिल्ली के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है। भक्त माता सिद्धिदात्री की आराधना में लीन हैं। जानें इस खास दिन की विशेषताएँ।

मुख्य बातें

महानवमी पर भक्तों की भारी भीड़ मां सिद्धिदात्री की आराधना का महत्व कन्या पूजन की विशेष परंपरा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भक्ति का माहौल और जयकारे

नई दिल्ली, 27 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। शुक्रवार को चैत्र नवरात्र की महानवमी के अवसर पर दिल्ली के देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। झंडेवालान और कालकाजी मंदिर में भक्तों की लंबी कतारें लग गई हैं। सभी लोग माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए पहुंचे हैं।

झंडेवालान मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया था और चारों ओर भक्ति का माहौल फैला हुआ था। यहां के पुजारी परमेश्वर जी ने सभी श्रद्धालुओं को नव संवत्सर और राम नवमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बताया कि आज का दिन विशेष है क्योंकि एक ओर भगवान राम का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर नवरात्र का नौवां दिन है, जिसे मां सिद्धिदात्री को समर्पित माना जाता है।

पंडित जी ने कहा कि मां सिद्धिदात्री सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करती हैं। आज के दिन कंचक पूजन का विशेष महत्व है। जो लोग पूरे नौ दिन व्रत रखते हैं, वे आज कन्या पूजन करके अपना व्रत खोलते हैं। इस दौरान छोटी कन्याओं को माता का रूप मानकर उनकी पूजा की जाती है, उन्हें भोजन कराया जाता है और कपड़े, फल या दक्षिणा दी जाती है।

मंदिर में आए एक श्रद्धालु ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, "यहां आकर बहुत अच्छा लगता है। मैं हर साल नवरात्र में पूरे नौ दिन आती हूं। सुबह-सुबह मंदिर आकर पूजा करती हूं और नवमी के दिन कन्या पूजन करती हूं। माता रानी से जो भी मांगो, वह जरूर पूरा करती हैं। कई बार तो बिना मांगे भी बहुत कुछ मिल जाता है।"

एक अन्य भक्त ने कहा, "आज तो हम सुबह तीन बजे ही उठ गए थे ताकि समय पर मंदिर पहुंच सकें। यहां आकर मन को बहुत शांति मिलती है। हम पूरे नौ दिन व्रत रखते हैं और माता के दरबार में आकर ही अपना व्रत खोलते हैं।"

उधर, कालकाजी मंदिर में भी श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हुई हैं, जो माता के दर्शन का इंतजार कर रहे हैं। मंदिर परिसर में 'जय माता दी' के जयकारे गूंज रहे हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि समाज में एकता और श्रद्धा को भी प्रदर्शित करता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महानवमी का क्या महत्व है?
महानवमी का दिन मां सिद्धिदात्री को समर्पित होता है, जो सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करती हैं।
कन्या पूजन का क्या अर्थ है?
कन्या पूजन का अर्थ है छोटी कन्याओं को मां का रूप मानकर उनकी पूजा करना। यह नवरात्र के अंतिम दिन किया जाता है।
राष्ट्र प्रेस