चैत्र नवरात्र के पांचवें दिन झंडेवाला माता मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़, स्कंद माता की भक्ति में लीन
सारांश
Key Takeaways
- चैत्र नवरात्र का पांचवां दिन स्कंद माता को समर्पित है।
- मंदिर में भक्तों की बढ़ती हुई भीड़ दर्शाती है आस्था की गहराई।
- भक्ति और श्रद्धा से पूजा करने पर मां प्रसन्न होती हैं।
- नवरात्र का समय जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता लाने वाला होता है।
- मंदिर का माहौल भक्तिमय और शांति प्रदान करने वाला है।
नई दिल्ली, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। चैत्र नवरात्र का यह पांचवां दिन है और सुबह से ही झंडेवाला माता मंदिर में भक्तों की संख्या में भारी वृद्धि देखने को मिल रही है। यहां आने वाले सभी लोग मां के दर्शन और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए बेहद उत्साहित हैं। मंदिर का वातावरण अत्यंत भव्य और भक्ति से भरा हुआ है। भक्त अपने-अपने नंबर की बारी का धैर्यपूर्वक इंतजार कर रहे हैं और बिना किसी कठिनाई के दर्शन कर रहे हैं।
मंदिर के पुजारी अंबिका प्रसाद पंत ने जानकारी देते हुए बताया कि नवरात्र का यह दिन मां दुर्गा के पंचम स्वरूप, स्कंदमाता को समर्पित है। स्कंदमाता भगवान कार्तिकेय की माता हैं और उनका यह रूप ममता, प्रेम और वात्सल्य से ओत-प्रोत है। विशेष रूप से महिलाएं जो संतान की इच्छा रखती हैं, वे आज के दिन माता की पूजा करती हैं और उनसे संतान का आशीर्वाद प्राप्त करती हैं।
पुजारी ने आगे कहा कि पूजा के लिए सबसे महत्वपूर्ण है श्रद्धा। हर व्यक्ति अपनी आर्थिक स्थिति और सुविधाओं के अनुसार पूजा करता है, लेकिन यदि मन में सच्ची भक्ति और विश्वास है, तो माता जरूर प्रसन्न होती हैं। उन्होंने मंत्र भी सुनाया "या देवी सर्वभूतेषु श्रद्धा रूपेण संस्थिता…" और बताया कि माता को बाहरी दिखावे से ज्यादा अंतर्मन की भावना प्रिय होती है।
मंदिर में आए एक श्रद्धालु ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यहां का माहौल बहुत ही अच्छा है। यहां की व्यवस्थाएं भी अद्भुत हैं, जिससे लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि लोग बारी में लगकर आराम से दर्शन कर रहे हैं और मंदिर की सजावट भी बेहद आकर्षक है। चारों ओर भक्ति का उत्सव है, जो मन को बहुत शांति प्रदान करता है।
वहीं, एक अन्य श्रद्धालु ने बताया कि वह बचपन से ही नवरात्र में यहां आते आए हैं। उन्होंने कहा कि नवरात्र के हर दिन की सुबह का जो माहौल होता है, वह बहुत खास होता है। उनके अनुसार, ये दिन जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता लेकर आते हैं। ऐसा लगता है जैसे हर नवरात्र के साथ जीवन में एक नया बदलाव आता है, एक नई शुरुआत होती है।
उन्होंने आगे कहा कि मां के दर्शन के बाद मन हल्का और खुश हो जाता है। एक अलग सुकून मिलता है, जिसे शब्दों में नहीं कह सकते। यही वजह है कि वह हर साल नवरात्र में यहां आना नहीं छोड़ते।