चैत्र नवरात्र का पांचवां दिन: मां स्कंदमाता की पूजा से प्राप्त करें संतान सुख एवं ज्ञान

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चैत्र नवरात्र का पांचवां दिन: मां स्कंदमाता की पूजा से प्राप्त करें संतान सुख एवं ज्ञान

सारांश

चैत्र नवरात्र का यह दिन मां स्कंदमाता की पूजा का है, जो भक्तों को संतान सुख, ज्ञान और समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। जानें इस पावन पर्व की विशेषताएँ और पूजा विधियाँ।

Key Takeaways

  • मां स्कंदमाता का स्वरूप मातृत्व, शक्ति और करुणा का प्रतीक है।
  • इस दिन की पूजा से संतान सुख की प्राप्ति होती है।
  • भक्तगण कमल पुष्प, फल और मिठाइयों का भोग अर्पित करते हैं।

नोएडा, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। चैत्र नवरात्र का पांचवां दिन मां दुर्गा के पांचवे स्वरूप, मां स्कंदमाता की आराधना के लिए समर्पित होता है। इस दिन देश भर के मंदिरों और घरों में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन होता है, जहाँ भक्त पूर्ण श्रद्धा के साथ मां का स्मरण करते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां स्कंदमाता भगवान कार्तिकेय की माता हैं, जिन्हें स्कंद भी कहा जाता है। इसी कारण उनका नाम स्कंदमाता पड़ा। मां का स्वरूप अत्यंत दिव्य और मनमोहक होता है। वे सिंह पर विराजमान रहती हैं और चार भुजाओं से सुशोभित होती हैं। उनकी एक भुजा में बाल रूप में भगवान कार्तिकेय होते हैं, जबकि अन्य हाथों में कमल पुष्प और वरमुद्रा होती है।

उनका यह स्वरूप मातृत्व, शक्ति और करुणा का अद्भुत संगम दर्शाता है। मां कमल के आसन पर भी विराजमान होती हैं, इसलिए उन्हें ‘पद्मासना देवी’ भी कहा जाता है। धार्मिक ग्रंथों और मान्यताओं के अनुसार, मां स्कंदमाता की सच्चे मन से पूजा करने पर संतान से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं। नि:संतान दंपतियों को संतान प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है और संतान की उन्नति और सुख-समृद्धि की भी कामना पूरी होती है।

इसके साथ ही, मां की कृपा से भक्तों को ज्ञान, बुद्धि और विवेक की प्राप्ति होती है, जिससे जीवन में सकारात्मकता और संतुलन बना रहता है। नवरात्रि के पांचवे दिन विशेष रूप से पीले या सफेद रंग के वस्त्र पहनने की परंपरा है। भक्तगण मां को कमल पुष्प, फल और मिठाइयों का भोग अर्पित करते हैं और दुर्गा सप्तशती का पाठ कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। मंदिरों में भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों की भी धूम रहती है।

इस शुभ अवसर पर लोग अपने प्रियजनों को शुभकामनाएं देते हैं और मां स्कंदमाता की कृपा की कामना करते हैं। आस्था और विश्वास के इस पर्व में मां की भक्ति से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का संचार होता है।

Point of View

NationPress
24/03/2026

Frequently Asked Questions

मां स्कंदमाता की पूजा का महत्व क्या है?
मां स्कंदमाता की पूजा से भक्तों को संतान सुख, ज्ञान और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।
नवरात्रि के इस दिन कौन-से रंग पहनने चाहिए?
इस दिन पीले या सफेद रंग के वस्त्र पहनने की परंपरा है।
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