चैत्र नवरात्र पर भक्तों की उमड़ती भीड़, मां कालका और कुष्मांडा के दर्शन का अद्भुत अनुभव
सारांश
Key Takeaways
- चैत्र नवरात्र का महत्व और मां कुष्मांडा की पूजा
- दिल्ली के प्रमुख मंदिरों की व्यवस्थाएं
- भक्तों की श्रद्धा और अनुभव
नई दिल्ली, 22 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। चैत्र नवरात्र के चौथे दिन, देश भर में मां कुष्मांडा की विशेष पूजा का आयोजन किया गया है। दिल्ली के प्रमुख मंदिरों, कालकाजी मंदिर और झंडेवालान मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई।
भक्त ब्रह्म मुहूर्त से ही मां के दर्शन के लिए कतार में खड़े हैं और प्रात: काल की आरती में शामिल होकर मां की कृपा प्राप्त कर रहे हैं।
रविवार होने के कारण, मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या और भी बढ़ गई है। झंडेवालान मंदिर में भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं, जहां भक्त अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। भक्तों के सुलभ दर्शन के लिए मंदिर प्रशासन ने विशेष प्रबंध किए हैं। एक भक्त ने बताया कि वे पिछले 20 वर्षों से इसी मंदिर में मां के दर्शन कर रहे हैं। मां झंडेवालान हर भक्त की मुराद पूरी करती हैं और यहां से कोई भी खाली हाथ नहीं लौटता।
एक अन्य भक्त ने कहा कि नवरात्र के अवसर पर मंदिर को सुंदरता से सजाया गया है और दर्शन की व्यवस्था भी बेहतरीन की गई है। हालांकि, भीड़ अधिक है, लेकिन दर्शन करने में कोई कठिनाई नहीं हो रही है।
वहीं, कालकाजी मंदिर में भी भक्तों की संख्या अधिक है। सुबह से ही यहां दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी हुई हैं। मंदिर के ट्रस्टी ने बताया, "यहां की सभी व्यवस्थाएं, जैसे स्वयंसेवक, बैरिकेडिंग, रोशनी, घोषणाएं और सीसीटीवी, श्री कालकाजी मंदिर परवंदक सुधार समिति द्वारा की गई हैं। यहां देवी की महिमा अद्वितीय है। पिछले बार की तुलना में इस बार भीड़ थोड़ी कम है, लेकिन शनिवार को भक्तों की भारी संख्या आई थी।"
कालका मां के दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं ने अद्भुत अनुभव किया और अपनी मनोकामनाओं के लिए भेंट अर्पित की। एक महिला श्रद्धालु ने कहा, "मैं हर शनिवार मां के दर्शन के लिए आती हूं और नवरात्र में रोजाना दर्शन के लिए आ रही हूं। मां कालका की मान्यता बहुत है और उनके चमत्कारों के बारे में सभी जानते हैं।" एक अन्य महिला श्रद्धालु ने कहा, "भीड़ होने के बावजूद, मंदिर में दर्शन करने में कोई दिक्कत नहीं हो रही। मंदिर प्रशासन ने अच्छे से इंतजाम किए हैं।"