मां भगवती का आगमन: सुरेंद्रनाथ अवधूत ने नवरात्रि के उपाय बताए

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मां भगवती का आगमन: सुरेंद्रनाथ अवधूत ने नवरात्रि के उपाय बताए

सारांश

चैत्र नवरात्रि का महोत्सव नजदीक है। सुरेंद्रनाथ अवधूत ने बताया कि इस बार मां भगवती पालकी पर आ रही हैं, जिससे प्राकृतिक आपदाओं की आशंका है। जानें नवरात्रि के दौरान पूजा के उपाय।

Key Takeaways

  • चैत्र नवरात्रि का शुभ आरंभ 19 मार्च से होगा।
  • घटस्थापना का अभिजीत मुहूर्त 12:05 से 12:53 बजे तक है।
  • मां भगवती का आगमन पालकी पर होगा, जो चिंता का विषय है।
  • व्रत के दौरान हल्का-फुल्का सात्विक भोजन करें।
  • भक्तों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।

नई दिल्ली, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। चैत्र नवरात्रि का शुभ पर्व अब निकट आ रहा है। माता रानी के इस पावन अवसर से पहले कालकाजी मंदिर के पीठाधीश्वर सुरेंद्रनाथ अवधूत ने राष्ट्र प्रेस के साथ विशेष चर्चा में बताया कि नवरात्रि के दौरान विशेष ग्रह-नक्षत्रों के कारण की गई पूजा का फल अत्यधिक मिलता है।

उन्होंने कहा, "नवरात्र का यह पावन अवसर शक्ति की उपासना का एक महत्वपूर्ण पर्व है। इस समय ब्रह्मांड में बनने वाले विशेष योगों के कारण की गई उपासना विशेष फलदायी होती है। आयुर्वेद में इसे 'यमदंष्ट्र काल' कहा गया है, जब रोगों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में सात्विक व्रत और हल्का भोजन करने से शरीर में नई ऊर्जा आती है। यही वजह है कि इसे शक्ति की उपासना का प्रमुख पर्व माना गया है। इस बार, वासंतिक नवरात्रि का शुभारंभ 19 मार्च से हो रहा है और यह 27 मार्च तक चलेगा।"

उन्होंने आगे बताया कि इस बार प्रतिपदा तिथि होने के कारण घटस्थापना (कलश स्थापना) का अभिजीत मुहूर्त 19 मार्च को दोपहर 12:05 से 12:53 बजे तक सबसे शुभ रहेगा। पूजा स्थल को स्वच्छ करना और वहां एक चौकोर वेदी बनाना आवश्यक है, जहां मां दुर्गा की मूर्ति स्थापित करनी है। रोज सुबह 5:45 से 6:45 बजे तक नित्य पूजा करें। सक्षम लोग विद्वानों से नवचंडी या सतचंडी पाठ करवाएं।

पीठाधीश्वर सुरेंद्रनाथ अवधूत ने बताया कि इस बार मां भगवती पालकी पर सवार होकर आ रही हैं। शास्त्रों में ऐसा आगमन शुभ नहीं माना जाता और इससे प्राकृतिक आपदाओं या उथल-पुथल की आशंका जताई जा रही है। इसलिए भक्तों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

उन्होंने कहा, "व्रत के दौरान हल्का-फुल्का सात्विक भोजन करना चाहिए। तला-भुना खाना सेहत के लिए ठीक नहीं है। नौ दिन पूर्ण व्रत रखना सर्वोत्तम है, लेकिन यदि संभव न हो तो कम से कम सप्तमी, अष्टमी और नवमी को विशेष पूजन अवश्य करें। इससे मां का आशीर्वाद प्राप्त होता है।"

उन्होंने अंत में कालकाजी मंदिर में व्यवस्थाओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा, "नवरात्रि के दौरान मां कालकाजी मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ होती है, हालांकि भक्तों की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग की जाती है। इस बार तीन अतिरिक्त लाइनें लगाई जाएंगी। नवरात्रि के दौरान भीड़ पर नियंत्रण के लिए पुलिस तैनात रहेगी, ताकि भक्त सुरक्षित दर्शन कर सकें। मंदिर प्रशासन ने भक्तों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं।

Point of View

मां भगवती का आगमन इस बार पालकी पर हो रहा है, जो भक्तों के लिए चिंता का विषय है।
NationPress
17/03/2026

Frequently Asked Questions

नवरात्रि कब शुरू हो रही है?
वासंतिक नवरात्रि का शुभारंभ 19 मार्च से हो रहा है और यह 27 मार्च तक चलेगा।
घटस्थापना का शुभ मुहूर्त क्या है?
घटस्थापना का अभिजीत मुहूर्त 19 मार्च को दोपहर 12:05 से 12:53 बजे तक है।
मां भगवती का इस बार आगमन कैसे होगा?
इस बार मां भगवती पालकी पर सवार होकर आ रही हैं, जो शुभ नहीं माना जाता।
क्या व्रत के दौरान आहार में बदलाव करना चाहिए?
व्रत के दौरान हल्का-फुल्का सात्विक भोजन करना चाहिए और तला-भुना खाना सेहत के लिए ठीक नहीं है।
नवरात्रि में भक्तों के लिए क्या व्यवस्थाएं की गई हैं?
नवरात्रि के दौरान मंदिर में भक्तों की सुविधा के लिए विशेष बैरिकेडिंग और पुलिस की तैनाती की जाएगी।
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