नवरात्र के छठे दिन: यमुना छठ पर द्विपुष्कर योग और अभिजित मुहूर्त की विशेषताएँ

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नवरात्र के छठे दिन: यमुना छठ पर द्विपुष्कर योग और अभिजित मुहूर्त की विशेषताएँ

सारांश

24 मार्च को चैत्र नवरात्र का छठा दिन है, जब मां कात्यायनी की पूजा के साथ यमुना छठ का पर्व मनाया जाता है। इस दिन विशेष मुहूर्त और योग का महत्व है। जानें इसके बारे में विस्तार से।

Key Takeaways

  • यमुना छठ का पर्व 24 मार्च को मनाया जाएगा।
  • इस दिन मां कात्यायनी की पूजा का महत्व है।
  • द्विपुष्कर योग का विशेष समय है।
  • अभिजित और विजय मुहूर्त की जानकारी महत्वपूर्ण है।
  • राहुकाल और अशुभ समय के बारे में जानना आवश्यक है।

नई दिल्ली, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। चैत्र नवरात्र का 24 मार्च को छठवां दिन है। इस दिन मां कात्यायनी की पूजा के साथ-साथ यमुना छठ या यमुना जन्मोत्सव भी मनाया जाता है। यह पर्व विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के मथुरा-वृंदावन में भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जाता है।

मान्यता है कि इसी दिन देवी यमुना पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं, इसलिए इसे यमुना जन्मोत्सव के रूप में भी जाना जाता है। यह पर्व चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को पड़ती है। यमुना छठ पर भक्त सुबह स्नान कर यमुना जी की पूजा करते हैं। नदी के तट पर सूर्य को अर्घ्य देते हैं माता यमुना से वरदान मांगते हैं। मथुरा-वृंदावन में इस दिन विशेष तौर पर लोग पीले वस्त्र पहनकर यमुना स्नान करते हैं और फल-मिठाई का प्रसाद चढ़ाते हैं। शाम को यमुना जी की विशेष आरती और भजन होते हैं।

मंगलवार को तिथि षष्ठी शाम 4:07 बजे तक है। हालांकि, उदयातिथि के अनुसार, पूरे दिन षष्ठी तिथि ही रहेगी। नक्षत्र रोहिणी शाम 7:04 बजे तक है।

वहीं, मंगलवार को सूर्योदय 6:21 बजे और सूर्यास्त 6:34 बजे होगा। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:46 बजे से 5:34 बजे तक है। अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:03 बजे से 12:52 बजे तक रहेगा। विजय मुहूर्त 2:30 बजे से 3:19 बजे तक है। वहीं, गोधूलि मुहूर्त शाम 6:33 बजे से 6:57 बजे तक, अमृत काल शाम 4:06 बजे से 5:35 बजे तक रहेगा।

खास बात है कि मंगलवार को द्विपुष्कर योग भी है, जो 7:04 बजे से अगले दिन सुबह 6:20 बजे तक रहेगा। वहीं, रवि योग सुबह 6:21 बजे से 7:04 बजे तक है।

अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल 3:31 बजे से 5:03 बजे तक, यमगंड 9:24 बजे से 10:56 बजे तक, गुलिक काल दोपहर 12:28 बजे से 1:59 बजे तक है। दुर्मुहूर्त 8:47 बजे से 9:36 बजे तक और विडाल योग 6:21 बजे से 7:04 बजे तक रहेगा।

Point of View

जो मथुरा-वृंदावन में खास उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह समय भक्तों के लिए विशेष पूजा और आरती का अवसर प्रस्तुत करता है।
NationPress
23/03/2026

Frequently Asked Questions

यमुना छठ क्या है?
यमुना छठ एक पर्व है, जो देवी यमुना के अवतरण को समर्पित है। इसे विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के मथुरा-वृंदावन में मनाया जाता है।
छठे दिन का महत्व क्या है?
यह दिन मां कात्यायनी की पूजा के लिए विशेष है और यमुना जी की आराधना का अवसर प्रदान करता है।
इस दिन के विशेष मुहूर्त क्या हैं?
इस दिन अभिजित मुहूर्त, विजय मुहूर्त और द्विपुष्कर योग का महत्व है।
यमुना छठ पर क्या करना चाहिए?
भक्त इस दिन यमुना जी की पूजा करते हैं, स्नान करते हैं और अर्घ्य अर्पित करते हैं।
राहुकाल कब है?
राहुकाल 3:31 बजे से 5:03 बजे तक रहेगा।
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