29 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या 24 जनवरी का पंचांग गुप्त नवरात्रि के छठे दिन स्कंद षष्ठी का शुभ-अशुभ समय बताता है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या 24 जनवरी का पंचांग गुप्त नवरात्रि के छठे दिन स्कंद षष्ठी का शुभ-अशुभ समय बताता है?

सारांश

गुप्त नवरात्रि का छठा दिन 24 जनवरी को है, जब माता के छठे रूप की पूजा की जाएगी। जानें स्कंद षष्ठी का महत्व और इस दिन की शुभ-अशुभ समय की जानकारी।

मुख्य बातें

गुप्त नवरात्रि का महत्व और पूजा विधि स्कंद षष्ठी का विशेष महत्व शुभ और अशुभ समय की जानकारी तांत्रिक साधना के लिए उपयुक्त समय भक्ति भाव से की गई पूजा का फल

नई दिल्ली, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। गुप्त नवरात्रि का महत्वपूर्ण पर्व चल रहा है, जो भगवती दुर्गा और दस महाविद्याओं की गुप्त आराधना के लिए समर्पित है। यह नवरात्रि मुख्यत: तांत्रिक साधकों द्वारा मनाई जाती है। शनिवार को गुप्त नवरात्रि का छठा दिन है, जब माता के छठे रूप की पूजा की जाती है। इसके साथ ही इस दिन स्कंद षष्ठी भी है।

दृक पंचांग के अनुसार, शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि 24 जनवरी की रात 12 बजकर 39 मिनट से शुरू होकर अगले दिन 25 जनवरी तक रहेगी, जिसके बाद सप्तमी तिथि शुरू होगी। नक्षत्र उत्तर भाद्रपद दोपहर 2 बजकर 16 मिनट तक रहेगा, उसके बाद रेवती नक्षत्र का आगमन होगा। करण कौलव दोपहर 1 बजकर 15 मिनट तक और फिर तैतिल रहेगा। चंद्रमा मीन राशि में स्थित रहेंगे। सूर्योदय 7 बजकर 13 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 5 बजकर 54 मिनट पर होगा।

माघ माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि पर शुभ मुहूर्त की जानकारी दें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 26 मिनट से 6 बजकर 20 मिनट तक, अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 12 मिनट से 12 बजकर 55 मिनट तक, विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 20 मिनट से 3 बजकर 3 मिनट तक रहेगा। अमृत काल सुबह 9 बजकर 31 मिनट से 11 बजकर 6 मिनट तक, रवि योग सुबह 7 बजकर 13 मिनट से 10 बजकर 56 मिनट तक जारी रहेगा।

अशुभ समय की जानकारी भी आवश्यक है। राहुकाल सुबह 9 बजकर 53 मिनट से 11 बजकर 13 मिनट तक, यमगंड दोपहर 1 बजकर 53 मिनट से 3 बजकर 13 मिनट तक रहेगा। शनिवार को पूरा दिन पंचक है, इसलिए नए या शुभ कार्य करने से बचें।

शनिवार को स्कंद षष्ठी भी है, जो भगवान कार्तिकेय (स्कंद या मुरुगन) को समर्पित एक विशेष दिन है। यह हर महीने शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि पर मनाया जाता है। इस दिन भगवान स्कंद की पूजा, व्रत और कवच पाठ के लिए समर्पित है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भक्ति भाव से की गई पूजा भगवान को प्रसन्न करती है और इससे साहस, विजय, सुख-समृद्धि के आशीर्वाद के साथ-साथ नकारात्मकता से मुक्ति मिलती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और सही समय का ज्ञान उन्हें अपने कार्यों में सफलता दिलाने में सहायक हो सकता है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुप्त नवरात्रि का महत्व क्या है?
गुप्त नवरात्रि देवी दुर्गा और दस महाविद्याओं की आराधना का समय है, जो विशेष रूप से तांत्रिक साधकों द्वारा मनाया जाता है।
स्कंद षष्ठी कब मनाई जाती है?
स्कंद षष्ठी हर महीने की शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाई जाती है, जो भगवान कार्तिकेय को समर्पित है।
इस दिन का शुभ मुहूर्त क्या है?
शुभ मुहूर्त ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:26 से 6:20 तक, अभिजित मुहूर्त 12:12 से 12:55 तक और विजय मुहूर्त 2:20 से 3:03 तक रहेगा।
गुप्त नवरात्रि कैसे मनाई जाती है?
गुप्त नवरात्रि में माता के विभिन्न रूपों की पूजा और तंत्र साधना की जाती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 दिन पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले