ग्रेटर नोएडा में पांच साल के बच्चे की तालाब में मिली लाश: प्रशासन की लापरवाही पर उठे सवाल
सारांश
Key Takeaways
- ईशु 18 फरवरी से लापता था।
- बच्चे का शव 23 फरवरी को तालाब में मिला।
- स्थानीय निवासियों ने प्रशासन की लापरवाही की आलोचना की।
- पुलिस मामले की जांच कर रही है।
- ग्रामीणों ने सुरक्षा इंतजाम की मांग की।
ग्रेटर नोएडा, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। ग्रेटर नोएडा के बिसरख थाना क्षेत्र के चिपयाना गांव में एक अत्यंत दुखद घटना घटी है। यहां एक तालाब में गिरने के कारण पांच साल के एक बच्चे की जान चली गई। बच्चे की पहचान ईशु के रूप में हुई है, जो 18 फरवरी से लापता था।
सूत्रों के अनुसार, ईशु की तलाश लगातार जारी थी। सोमवार को जब उसका शव तालाब में मिला, तो गांव में हड़कंप मच गया। बच्चे की मौत की खबर सुनकर उसके परिवार में शोक का माहौल छा गया।
परिवार वालों का कहना है कि ईशु 18 फरवरी को घर के बाहर खेलते समय अचानक लापता हो गया था। उसके परिजनों और स्थानीय लोगों ने उसकी खोज की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। अंततः उन्होंने पुलिस में बच्चे के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस भी बच्चे की खोज में जुटी हुई थी।
इस बीच, गांव के नजदीक स्थित एक खुले तालाब में बच्चे का शव मिलने की खबर ने सभी को चौंका दिया। स्थानीय निवासियों ने ग्रेटर नोएडा प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि तालाब के आसपास न तो बैरिकेडिंग की गई थी और न ही चेतावनी बोर्ड या रिफ्लेक्टर लगाए गए थे।
ग्रामीणों का आरोप है कि अगर समय पर तालाब को सुरक्षित किया जाता, तो इस बच्चे की जान बचाई जा सकती थी।
घटना की सूचना मिलते ही बिसरख थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने कहा है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और यह भी देखा जा रहा है कि कहीं बच्चे की मौत के पीछे कोई अन्य कारण तो नहीं है। फिलहाल, यह मामला तालाब में डूबने का प्रतीत हो रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे खुले तालाबों और खतरनाक स्थलों की तुरंत घेराबंदी की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। यह घटना प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाती है।