NEP 2020 से बनेगा 'विकसित ओडिशा' और 'विकसित भारत': राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति का बड़ा बयान

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NEP 2020 से बनेगा 'विकसित ओडिशा' और 'विकसित भारत': राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति का बड़ा बयान

सारांश

ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति ने भुवनेश्वर में स्पष्ट किया कि NEP 2020 महज नीति नहीं, बल्कि 2036 के 'विकसित ओडिशा' और 2047 के 'विकसित भारत' की नींव है। रटने की शिक्षा से अनुभव-आधारित बहुविषयक शिक्षा की ओर यह बदलाव 21वीं सदी की माँग है — और ओडिशा इसे लागू करने में अग्रणी भूमिका निभाने का दावा करता है।

Key Takeaways

राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति ने 3 मई 2026 को भुवनेश्वर में NEP 2020 को ' विकसित ओडिशा ' ( 2036 ) और ' विकसित भारत ' ( 2047 ) के लक्ष्य की कुंजी बताया। NEP 2020 रटने की शिक्षा की जगह अनुभव-आधारित, समग्र और बहुविषयक शिक्षा को बढ़ावा देती है। ओडिशा ने ओडिशा विश्वविद्यालय (संशोधन) अधिनियम और विश्वविद्यालय शिक्षक कैडर आरक्षण अधिनियम लागू किए। राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों से आसपास के गाँवों को गोद लेने और सरकारी कल्याण योजनाओं में योगदान देने की अपील की। उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यवंशी सूरज ने NEP 2020 के क्रियान्वयन की भविष्य की कार्ययोजना प्रस्तुत की।

ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति ने रविवार, 3 मई 2026 को भुवनेश्वर में आयोजित एक राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला में कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 एक परिवर्तनकारी सुधार है, जो 2036 तक 'विकसित ओडिशा' और 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य को हासिल करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि शिक्षा राष्ट्र निर्माण का सबसे शक्तिशाली साधन है।

कार्यशाला का संदर्भ और उद्देश्य

यह कार्यशाला राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन और उच्च शिक्षा सुधारों पर केंद्रित थी। राज्यपाल कंभमपति ने इसे एक दूरदर्शी पहल बताते हुए कहा कि यह आयोजन राष्ट्रीय प्रगति और मानव विकास की नींव के रूप में शिक्षा को सुदृढ़ करने की सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भारत ऐतिहासिक रूप से गणित, खगोल विज्ञान, चिकित्सा और साहित्य में अपने योगदान के कारण ज्ञान, बुद्धि और बौद्धिक नेतृत्व का वैश्विक केंद्र रहा है।

NEP 2020 की प्रासंगिकता और बदलती वैश्विक जरूरतें

राज्यपाल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बायोटेक्नोलॉजी, डेटा साइंस और डिजिटल इनोवेशन के कारण तेज़ी से हो रहे वैश्विक बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज की ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था में आलोचनात्मक सोच, रचनात्मकता, अनुकूलन क्षमता और बहुविषयक शिक्षा अनिवार्य हो गई है। उन्होंने कहा कि NEP 2020 रटने की परंपरागत शिक्षा से हटकर अनुभव-आधारित, समग्र विकास और बहुविषयक शिक्षा की ओर एक बड़ा बदलाव है, जो 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप है। यह नीति भारत के जनसांख्यिकीय लाभ (डेमोग्राफिक डिविडेंड) का उपयोग करने और एक मज़बूत, समावेशी तथा भविष्य के लिए तैयार शिक्षा प्रणाली बनाने का रोडमैप प्रस्तुत करती है।

ओडिशा में उच्च शिक्षा सुधारों की स्थिति

राज्यपाल ने बताया कि ओडिशा ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण सुधार किए हैं, जिनमें पाठ्यक्रम में व्यापक बदलाव, कौशल-आधारित शिक्षा को प्रोत्साहन और पारदर्शिता, जवाबदेही तथा समावेशी विकास सुनिश्चित करने के ठोस कदम शामिल हैं। उन्होंने ओडिशा विश्वविद्यालय (संशोधन) अधिनियम और विश्वविद्यालय शिक्षक कैडर आरक्षण अधिनियम को उच्च शिक्षा में समानता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण विधायी कदम बताया।

युवाओं को रोज़गार सृजक बनाने पर ज़ोर

कौशल विकास, उद्यमिता और रोज़गार क्षमता पर विशेष बल देते हुए राज्यपाल कंभमपति ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी माँगने वाला नहीं, बल्कि रोज़गार सृजन करने वाला बनाना होना चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालयों से अपील की कि वे आसपास के गाँवों को गोद लें और केंद्र तथा राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय योगदान दें।

सरकार, उद्योग और समाज के सामूहिक प्रयास ज़रूरी

राज्यपाल ने NEP 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सरकार, शिक्षाविदों, उद्योग और समाज के समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। कार्यशाला में उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यवंशी सूरज ने ओडिशा में NEP 2020 के क्रियान्वयन के लिए सुझाव और भविष्य की कार्ययोजना प्रस्तुत की। गौरतलब है कि यह कार्यशाला ऐसे समय में आयोजित की गई है जब देशभर में NEP 2020 के क्रियान्वयन की गति और व्यापकता पर राष्ट्रीय विमर्श तेज़ हो रहा है।

Point of View

लेकिन असली सवाल क्रियान्वयन की गति का है — देश के कई राज्यों में यह नीति अभी भी कागज़ों तक सीमित है। ओडिशा ने विधायी कदम उठाए हैं, पर शिक्षकों की कमी, ग्रामीण बुनियादी ढाँचे की खामियाँ और मातृभाषा में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सामग्री की अनुपलब्धता जैसी चुनौतियाँ अभी भी बनी हुई हैं। 'रोज़गार सृजक बनाने' का लक्ष्य तब तक अधूरा है जब तक उद्योग-शिक्षा के बीच की खाई को पाटने के लिए ठोस साझेदारियाँ नहीं बनतीं। कार्यशाला में नीयत सही दिखती है — परन्तु 2036 और 2047 के लक्ष्य महत्वाकांक्षी हैं, और समय तेज़ी से बीत रहा है।
NationPress
03/05/2026

Frequently Asked Questions

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 क्या है और यह पुरानी नीति से कैसे अलग है?
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भारत की 34 साल पुरानी शिक्षा नीति की जगह लेने वाला व्यापक सुधार है, जो रटने की शिक्षा की बजाय अनुभव-आधारित, बहुविषयक और कौशल-केंद्रित शिक्षा पर ज़ोर देती है। यह मातृभाषा में प्रारंभिक शिक्षा, लचीले पाठ्यक्रम और उच्च शिक्षा में एकाधिक प्रवेश-निकास विकल्पों की भी वकालत करती है।
'विकसित ओडिशा 2036' और 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य क्या हैं?
'विकसित ओडिशा 2036' का लक्ष्य ओडिशा की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने तक राज्य को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक रूप से विकसित बनाना है। 'विकसित भारत 2047' भारत की स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष तक देश को एक विकसित राष्ट्र बनाने का केंद्र सरकार का दीर्घकालिक विज़न है, जिसमें शिक्षा को मुख्य स्तंभ माना गया है।
ओडिशा में NEP 2020 के क्रियान्वयन के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
ओडिशा ने ओडिशा विश्वविद्यालय (संशोधन) अधिनियम और विश्वविद्यालय शिक्षक कैडर आरक्षण अधिनियम लागू किए हैं। इसके अलावा पाठ्यक्रम में बदलाव, कौशल-आधारित शिक्षा को प्रोत्साहन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के कदम उठाए गए हैं।
कार्यशाला में उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यवंशी सूरज ने क्या प्रस्तुत किया?
उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यवंशी सूरज ने ओडिशा में NEP 2020 के क्रियान्वयन के लिए सुझाव और भविष्य की कार्ययोजना प्रस्तुत की। उनकी प्रस्तुति में राज्य में उच्च शिक्षा सुधारों की दिशा और आगामी कदमों की रूपरेखा शामिल थी।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों से क्या अपील की?
राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति ने विश्वविद्यालयों से अपील की कि वे आसपास के गाँवों को गोद लें और केंद्र तथा राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाएँ। उन्होंने NEP 2020 के सफल क्रियान्वयन के लिए सरकार, शिक्षाविदों, उद्योग और समाज के सामूहिक प्रयासों को अनिवार्य बताया।
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