इल्तिजा मुफ्ती ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की तारीफ की, J&K में नशे के खिलाफ व्यापक पुनर्वास की माँग

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इल्तिजा मुफ्ती ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की तारीफ की, J&K में नशे के खिलाफ व्यापक पुनर्वास की माँग

सारांश

PDP नेता महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के नशा-विरोधी अभियान की सराहना करते हुए एक बड़ी माँग रख दी — नशे की गिरफ्त में आए लोगों के लिए व्यापक पुनर्वास कार्यक्रम और अभियान को शराब तक भी विस्तारित करना। यह बयान राजनीतिक दलों की सीमाओं से परे एक साझा सामाजिक चिंता को उजागर करता है।

Key Takeaways

इल्तिजा मुफ्ती ने 3 मई 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के नशा-विरोधी अभियान की सराहना की। उन्होंने माँग की कि सरकार नशे की गिरफ्त में आए लोगों के लिए व्यापक पुनर्वास कार्यक्रम शुरू करे। अभियान को केवल ड्रग्स तक सीमित न रखते हुए शराब की लत के खिलाफ भी विस्तारित करने की अपील की गई। उपराज्यपाल सिन्हा ने श्रीनगर के टीआरसी स्टेडियम से हज़ारों लोगों के साथ नशा-विरोधी मार्च का नेतृत्व किया। सिन्हा ने इस अभियान को जनता का सामूहिक संकल्प बताया, न कि केवल प्रशासनिक घोषणा।

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) प्रमुख महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने 3 मई 2026 को जम्मू-कश्मीर में बढ़ते नशे के संकट पर गहरी चिंता जताते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के नशा-विरोधी अभियान की खुलकर सराहना की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया में उन्होंने कहा कि नशे की लत और नार्को इकोनॉमी के खिलाफ उपराज्यपाल के प्रयास सराहनीय हैं, लेकिन इसके साथ एक व्यापक पुनर्वास कार्यक्रम की भी ज़रूरत है।

इल्तिजा मुफ्ती ने क्या कहा

इल्तिजा मुफ्ती ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में नशे की बढ़ती समस्या ने अनगिनत लोगों की जिंदगी तबाह कर दी है और कई परिवार बर्बाद हो चुके हैं। उन्होंने माँग की कि नशे के खिलाफ चल रहा अभियान केवल ड्रग्स तक सीमित न रहे, बल्कि इसे शराब की लत के विरुद्ध भी विस्तारित किया जाए। उनका कहना था कि नशे की गिरफ्त में आ चुके लोगों के लिए सरकार को इलाज और पुनर्वास का ठोस ढाँचा खड़ा करना होगा।

उपराज्यपाल सिन्हा का जनसंदेश अभियान

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रीनगर के टीआरसी स्टेडियम से नशे के खिलाफ एक बड़े जनसंदेश अभियान का नेतृत्व किया। घाटी में हज़ारों लोगों ने एकजुट होकर मार्च निकाला और नशे की लत तथा नार्को-टेररिज्म को हराने का स्पष्ट संदेश दिया। सिन्हा ने कहा कि यह जनआंदोलन इस उम्मीद को मज़बूत करता है कि जम्मू-कश्मीर को नशे की गिरफ्त से मुक्त किया जा सकता है।

उपराज्यपाल की भावनात्मक अपील

उपराज्यपाल सिन्हा ने अपने संबोधन में कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सड़कों पर नहीं, बल्कि घर-घर में लड़ी जा रही है। उन्होंने कहा,

Point of View

पुनर्वास कार्यक्रम की माँग उस खालीपन की ओर इशारा करती है जो मौजूदा अभियान में है — केवल प्रवर्तन से नशे की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता। असली परीक्षा यह है कि प्रशासन इस जनभावना को ठोस नीतिगत ढाँचे में कब और कैसे बदलता है।
NationPress
03/05/2026

Frequently Asked Questions

इल्तिजा मुफ्ती ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की तारीफ क्यों की?
इल्तिजा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर में नशे की लत और नार्को इकोनॉमी के खिलाफ उपराज्यपाल मनोज सिन्हा द्वारा चलाए गए अभियान की सराहना की। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि यह प्रयास सराहनीय है, लेकिन इसके साथ पुनर्वास कार्यक्रम भी ज़रूरी है।
जम्मू-कश्मीर में नशे के खिलाफ उपराज्यपाल ने क्या किया?
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रीनगर के टीआरसी स्टेडियम से नशा-विरोधी जनसंदेश अभियान का नेतृत्व किया, जिसमें हज़ारों लोगों ने मार्च निकाला। उन्होंने इसे जनता का सामूहिक संकल्प बताया।
इल्तिजा मुफ्ती ने पुनर्वास कार्यक्रम की माँग क्यों रखी?
इल्तिजा मुफ्ती का मानना है कि केवल प्रवर्तन से नशे की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। नशे की गिरफ्त में आ चुके लोगों के इलाज और समाज में पुनः एकीकरण के लिए एक व्यापक पुनर्वास ढाँचा ज़रूरी है।
क्या नशा-विरोधी अभियान शराब पर भी लागू होगा?
इल्तिजा मुफ्ती ने माँग की है कि अभियान को ड्रग्स तक सीमित न रखते हुए शराब की लत के खिलाफ भी विस्तारित किया जाए। हालाँकि, प्रशासन की ओर से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
PDP और उपराज्यपाल प्रशासन के बीच संबंध कैसे हैं?
PDP और जम्मू-कश्मीर प्रशासन के बीच आमतौर पर राजनीतिक मतभेद रहे हैं। इल्तिजा मुफ्ती का उपराज्यपाल की तारीफ करना असामान्य है और यह नशे की समस्या की गंभीरता को दर्शाता है जो दलगत राजनीति से परे है।
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