3 अगस्त 2026
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पश्चिम बंगाल मतगणना 2026: चुनाव आयोग ने 432 पर्यवेक्षक नियुक्त किए, 293 सीटों पर सोमवार सुबह 8 बजे से गिनती

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पश्चिम बंगाल मतगणना 2026: चुनाव आयोग ने 432 पर्यवेक्षक नियुक्त किए, 293 सीटों पर सोमवार सुबह 8 बजे से गिनती

सारांश

पश्चिम बंगाल की 293 विधानसभा सीटों पर सोमवार सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होगी। चुनाव आयोग ने 432 मतगणना पर्यवेक्षक और 77 पुलिस पर्यवेक्षक तैनात किए हैं। सीआरपीएफ महानिदेशक जीपी सिंह ने खुद मतगणना केंद्र का दौरा कर सुरक्षा की समीक्षा की — यह राज्य की सत्ता का फैसला करने वाली गिनती है।

मुख्य बातें

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की 294 सीटों के लिए 432 मतगणना पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं।
मतगणना सोमवार, 4 मई 2026 को सुबह 8 बजे से शुरू होगी; कुल 293 विधानसभा सीटों पर वोट गिने जाएँगे।
सबसे अधिक 49 पर्यवेक्षक उत्तर 24 परगना में; सबसे कम 6 पर्यवेक्षक अलीपुरदुआर में तैनात।
77 पुलिस पर्यवेक्षक मतगणना केंद्रों के बाहर सुरक्षा संभालेंगे, लेकिन उन्हें मतगणना कक्षों में प्रवेश की अनुमति नहीं ।
केंद्रों में प्रवेश केवल क्यूआर कोड वाले पहचान पत्र से; मोबाइल फोन प्रतिबंधित ।
सीआरपीएफ महानिदेशक जीपी सिंह ने मतगणना पूर्व संध्या पर केंद्र का दौरा कर सुरक्षा समीक्षा की।

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना से ठीक एक दिन पहले 432 मतगणना पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है, ताकि 293 विधानसभा सीटों पर वोटों की गिनती सुचारू, शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके। आयोग की आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, ये पर्यवेक्षक 294 सीटों के लिए राज्यभर में तैनात किए गए हैं और मतगणना सोमवार, 4 मई 2026 को सुबह 8 बजे से शुरू होगी।

जिलेवार पर्यवेक्षकों की तैनाती

आयोग की अधिसूचना के अनुसार, सबसे अधिक पर्यवेक्षक उत्तर 24 परगना जिले में तैनात किए गए हैं, जहाँ 33 विधानसभा क्षेत्रों के लिए लगभग 49 पर्यवेक्षक मतगणना की निगरानी करेंगे। दक्षिण 24 परगना की 31 सीटों के लिए 45 पर्यवेक्षक तैनात रहेंगे।

मुर्शिदाबाद में 22 सीटों के लिए 33 पर्यवेक्षक होंगे, जबकि कोलकाता की 11 सीटों के लिए 12 मतगणना पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं। सबसे कम पर्यवेक्षक अलीपुरदुआर जिले में हैं, जहाँ 5 सीटों की निगरानी के लिए केवल 6 पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं।

पुलिस पर्यवेक्षकों की भूमिका और सीमाएँ

मतगणना प्रक्रिया के लिए 77 पुलिस पर्यवेक्षक भी नियुक्त किए गए हैं। प्रत्येक पुलिस पर्यवेक्षक राज्यभर में स्थित 77 मतगणना केंद्रों के बाहर सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखेगा। हालाँकि, आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतगणना के दिन इन पुलिस पर्यवेक्षकों को मतगणना कक्षों के अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

प्रवेश और मोबाइल फोन पर सख्त नियम

चुनाव आयोग ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि मतगणना केंद्रों में केवल क्यूआर कोड वाले पहचान पत्र रखने वाले व्यक्तियों को ही प्रवेश दिया जाएगा। अब यह भी स्पष्ट किया गया है कि केंद्रों के अंदर मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। गौरतलब है कि ये कदम पारदर्शिता सुनिश्चित करने और किसी भी विवाद की संभावना को कम करने के लिए उठाए गए हैं।

सीआरपीएफ महानिदेशक का दौरा

मतगणना दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक जीपी सिंह ने एक मतगणना केंद्र का दौरा किया और सुरक्षा व कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। इस दौरे का उद्देश्य चुनाव अधिकारियों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) और राज्य पुलिस के बीच समन्वय को मजबूत करना था, ताकि मतगणना शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके।

आगे क्या

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल की राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है। 293 सीटों पर मतगणना के नतीजे राज्य की सत्ता का भविष्य तय करेंगे। आयोग के पर्यवेक्षकों की बड़े पैमाने पर तैनाती यह संकेत देती है कि इस बार प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनियमितता के लिए कोई जगह नहीं छोड़ी गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि राज्य में मतगणना के बाद हिंसा का इतिहास रहा है। मोबाइल प्रतिबंध और क्यूआर-आधारित प्रवेश व्यवस्था तकनीकी पारदर्शिता की दिशा में सकारात्मक कदम हैं। असली परीक्षा यह होगी कि जमीनी स्तर पर ये नियम कितनी सख्ती से लागू होते हैं, खासकर उन जिलों में जहाँ राजनीतिक तनाव सबसे अधिक है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल में मतगणना कब और कहाँ होगी?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना सोमवार, 4 मई 2026 को सुबह 8 बजे से शुरू होगी। राज्य की 293 विधानसभा सीटों के लिए 77 मतगणना केंद्रों पर वोटों की गिनती होगी।
चुनाव आयोग ने कितने मतगणना पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं?
चुनाव आयोग ने कुल 432 मतगणना पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं, जो 294 सीटों के लिए राज्यभर में तैनात हैं। इसके अलावा 77 पुलिस पर्यवेक्षक भी मतगणना केंद्रों के बाहर सुरक्षा के लिए नियुक्त किए गए हैं।
मतगणना केंद्रों में प्रवेश के लिए क्या नियम हैं?
चुनाव आयोग के अनुसार, केवल क्यूआर कोड वाले पहचान पत्र रखने वाले व्यक्तियों को ही मतगणना केंद्रों में प्रवेश दिया जाएगा। इसके साथ ही केंद्रों के अंदर मोबाइल फोन ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
सीआरपीएफ महानिदेशक जीपी सिंह ने मतगणना केंद्र का दौरा क्यों किया?
सीआरपीएफ महानिदेशक जीपी सिंह ने मतगणना की पूर्व संध्या पर एक मतगणना केंद्र का दौरा कर सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। इसका उद्देश्य चुनाव अधिकारियों, सीएपीएफ और राज्य पुलिस के बीच समन्वय को मजबूत करना था।
किस जिले में सबसे अधिक और सबसे कम पर्यवेक्षक तैनात हैं?
उत्तर 24 परगना में सबसे अधिक 49 पर्यवेक्षक तैनात हैं, जो 33 विधानसभा क्षेत्रों की निगरानी करेंगे। वहीं अलीपुरदुआर में सबसे कम 6 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं, जो 5 सीटों की मतगणना देखेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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