ओडिशा में OMFED दूध ₹4 महंगा, बीजेडी का आरोप — 3 रुपए सरकार की जेब में, किसानों को सिर्फ 1 रुपया

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ओडिशा में OMFED दूध ₹4 महंगा, बीजेडी का आरोप — 3 रुपए सरकार की जेब में, किसानों को सिर्फ 1 रुपया

सारांश

OMFED ने ओडिशा में दूध ₹4 महंगा किया, लेकिन बीजेडी का आरोप है कि इस बढ़ोतरी का सिर्फ ₹1 किसानों तक पहुँचेगा और ₹3 सरकारी खजाने में जाएगा। रसोई गैस के बाद अब दूध — आम उपभोक्ता की थाली पर महँगाई की दोहरी मार।

Key Takeaways

OMFED ने ओडिशा में दूध की कीमतों में ₹4 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। टोंड दूध ₹50 से ₹54 , गोल्ड प्रीमियम प्लस ₹60 से ₹64 प्रति लीटर हुआ। बीजेडी का आरोप — ₹4 में से केवल ₹1 डेयरी किसानों को, शेष ₹3 सरकारी खजाने में। पार्टी की माँग — बढ़ी हुई पूरी ₹4 राशि सीधे किसानों को दी जाए। पिछले 6 महीनों में 4 बार रसोई गैस की कीमतें बढ़ चुकी हैं — बीजेडी ने इसे भी उठाया।

बीजू जनता दल (बीजेडी) ने रविवार, 3 मई 2026 को ओडिशा की राज्य सरकार पर ओडिशा राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक महासंघ (OMFED) द्वारा दूध की कीमतों में ₹4 प्रति लीटर की बढ़ोतरी को लेकर तीखा हमला बोला। पार्टी ने आरोप लगाया कि बढ़ी हुई राशि में से केवल ₹1 डेयरी किसानों तक पहुँचेगा, जबकि शेष ₹3 सरकारी खजाने में जाएगा। बीजेडी ने इसे 'डबल इंजन' सरकार द्वारा आम उपभोक्ताओं पर थोपा गया अतिरिक्त बोझ करार दिया।

क्या हैं नई दूध की कीमतें

OMFED ने पूरे ओडिशा में सभी वेरिएंट के दूध की कीमतों में ₹4 प्रति लीटर की एकसमान बढ़ोतरी की है। रिपोर्ट्स के अनुसार, टोंड दूध की कीमत ₹50 से बढ़कर ₹54 प्रति लीटर हो गई है। प्रीमियम दूध अब ₹54 की जगह ₹58 प्रति लीटर मिलेगा।

गोल्ड प्रीमियम वेरिएंट ₹56 से बढ़कर ₹60 प्रति लीटर हो गया है, जबकि गोल्ड प्रीमियम प्लस अब ₹60 की जगह ₹64 प्रति लीटर में बिकेगा। इसके अलावा, 500 मिलीलीटर के टोंड दूध और प्रीमियम दूध के पैकेट की कीमत क्रमशः ₹27 और ₹29 कर दी गई है।

बीजेडी का मुख्य आरोप

भुवनेश्वर स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेडी के प्रवक्ता एवं मीडिया समन्वयक डॉ. लेनिन मोहंती ने कहा कि सरकार ने पहले किसानों को ₹1 अधिक देने का विज्ञापन देकर प्रचार बटोरने की कोशिश की, लेकिन अब उसकी असली मंशा सामने आ गई है।

उन्होंने कहा, ''किसानों को ₹1 देने के नाम पर उपभोक्ताओं से ₹4 वसूले जा रहे हैं।'' मोहंती ने माँग की कि सरकार बढ़ी हुई पूरी राशि — यानी ₹4 — सीधे डेयरी किसानों को दे, न कि केवल एक रुपया।

रसोई गैस की बढ़ती कीमतों से जुड़ा सवाल

बीजेडी ने दूध की कीमत बढ़ोतरी को व्यापक महँगाई के संदर्भ में रखते हुए कहा कि पिछले छह महीनों में चार बार रसोई गैस की कीमतों में इज़ाफा हो चुका है। डॉ. मोहंती ने इसे

Point of View

लेकिन बीजेडी का ₹1 बनाम ₹3 का गणित — अगर सही है — तो यह एक गंभीर नीतिगत विरोधाभास उजागर करता है: किसान कल्याण के नाम पर उपभोक्ता की जेब काटना। गौरतलब है कि रसोई गैस में छह महीनों में चार बढ़ोतरी के बाद यह कदम आया है, जो ओडिशा में जीवन-यापन की लागत पर बढ़ते दबाव की व्यापक प्रवृत्ति को दर्शाता है। सरकार ने अभी तक राशि के वितरण का कोई पारदर्शी ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया है, जो इस विवाद को और हवा दे रहा है।
NationPress
03/05/2026

Frequently Asked Questions

OMFED दूध की नई कीमतें क्या हैं?
OMFED ने सभी वेरिएंट में ₹4 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। टोंड दूध ₹50 से ₹54, प्रीमियम दूध ₹54 से ₹58, गोल्ड प्रीमियम ₹56 से ₹60 और गोल्ड प्रीमियम प्लस ₹60 से ₹64 प्रति लीटर हो गया है।
बीजेडी ने दूध की कीमत बढ़ोतरी पर आपत्ति क्यों जताई?
बीजेडी का आरोप है कि ₹4 की बढ़ोतरी में से केवल ₹1 डेयरी किसानों को मिलेगा और ₹3 सरकारी खजाने में जाएगा। पार्टी का कहना है कि किसान कल्याण के नाम पर उपभोक्ताओं पर अनुचित बोझ डाला जा रहा है।
बीजेडी ने सरकार से क्या माँग की है?
बीजेडी ने माँग की है कि बढ़ी हुई पूरी ₹4 राशि सीधे डेयरी किसानों को दी जाए, न कि सरकारी खजाने में जमा की जाए। पार्टी ने वितरण का पारदर्शी ब्यौरा सार्वजनिक करने की भी अपील की है।
ओडिशा में हाल ही में और कौन-सी कीमतें बढ़ी हैं?
बीजेडी के अनुसार, पिछले छह महीनों में चार बार रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी हो चुकी है। दूध की ताज़ा बढ़ोतरी इसके बाद आई है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर महँगाई का दोहरा दबाव पड़ रहा है।
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