ओडिशा में OMFED दूध ₹4 महंगा, बीजेडी का आरोप — 3 रुपए सरकार की जेब में, किसानों को सिर्फ 1 रुपया
सारांश
Key Takeaways
बीजू जनता दल (बीजेडी) ने रविवार, 3 मई 2026 को ओडिशा की राज्य सरकार पर ओडिशा राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक महासंघ (OMFED) द्वारा दूध की कीमतों में ₹4 प्रति लीटर की बढ़ोतरी को लेकर तीखा हमला बोला। पार्टी ने आरोप लगाया कि बढ़ी हुई राशि में से केवल ₹1 डेयरी किसानों तक पहुँचेगा, जबकि शेष ₹3 सरकारी खजाने में जाएगा। बीजेडी ने इसे 'डबल इंजन' सरकार द्वारा आम उपभोक्ताओं पर थोपा गया अतिरिक्त बोझ करार दिया।
क्या हैं नई दूध की कीमतें
OMFED ने पूरे ओडिशा में सभी वेरिएंट के दूध की कीमतों में ₹4 प्रति लीटर की एकसमान बढ़ोतरी की है। रिपोर्ट्स के अनुसार, टोंड दूध की कीमत ₹50 से बढ़कर ₹54 प्रति लीटर हो गई है। प्रीमियम दूध अब ₹54 की जगह ₹58 प्रति लीटर मिलेगा।
गोल्ड प्रीमियम वेरिएंट ₹56 से बढ़कर ₹60 प्रति लीटर हो गया है, जबकि गोल्ड प्रीमियम प्लस अब ₹60 की जगह ₹64 प्रति लीटर में बिकेगा। इसके अलावा, 500 मिलीलीटर के टोंड दूध और प्रीमियम दूध के पैकेट की कीमत क्रमशः ₹27 और ₹29 कर दी गई है।
बीजेडी का मुख्य आरोप
भुवनेश्वर स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेडी के प्रवक्ता एवं मीडिया समन्वयक डॉ. लेनिन मोहंती ने कहा कि सरकार ने पहले किसानों को ₹1 अधिक देने का विज्ञापन देकर प्रचार बटोरने की कोशिश की, लेकिन अब उसकी असली मंशा सामने आ गई है।
उन्होंने कहा, ''किसानों को ₹1 देने के नाम पर उपभोक्ताओं से ₹4 वसूले जा रहे हैं।'' मोहंती ने माँग की कि सरकार बढ़ी हुई पूरी राशि — यानी ₹4 — सीधे डेयरी किसानों को दे, न कि केवल एक रुपया।
रसोई गैस की बढ़ती कीमतों से जुड़ा सवाल
बीजेडी ने दूध की कीमत बढ़ोतरी को व्यापक महँगाई के संदर्भ में रखते हुए कहा कि पिछले छह महीनों में चार बार रसोई गैस की कीमतों में इज़ाफा हो चुका है। डॉ. मोहंती ने इसे