15 जुलाई 2026
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धनबाद में डाकघर और पासपोर्ट कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी, परिसर खाली कराया गया

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धनबाद में डाकघर और पासपोर्ट कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी, परिसर खाली कराया गया

सारांश

धनबाद में एक अज्ञात ई-मेल से मुख्य डाकघर और पासपोर्ट कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिली। दोपहर 1:15 बजे विस्फोट का दावा करने वाले इस ई-मेल के बाद परिसर खाली कराया गया, बम निरोधक दस्ते ने तलाशी ली और साइबर सेल स्रोत की जाँच में जुट गई।

मुख्य बातें

धनबाद के मुख्य डाकघर और क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय को 15 जुलाई को अज्ञात ई-मेल से बम की धमकी मिली।
ई-मेल में दोपहर 1:15 बजे विस्फोट का दावा किया गया था; इसमें आपत्तिजनक धार्मिक टिप्पणियाँ भी थीं।
बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड ने पूरे परिसर की सघन तलाशी ली; खबर लिखे जाने तक कोई विस्फोटक नहीं मिला।
बीएसएनएल कार्यालय और EPFO कार्यालय को भी एहतियातन खाली कराया गया।
साइबर सेल ई-मेल के आईपी एड्रेस और स्रोत की जाँच कर रही है।

झारखंड के धनबाद में बुधवार, 15 जुलाई को मुख्य डाकघर और उसी परिसर में संचालित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियाँ तत्काल हरकत में आ गईं। एक अज्ञात ई-मेल के ज़रिए भेजी गई इस धमकी में दोपहर 1:15 बजे विस्फोट का दावा किया गया था, जिसके बाद पूरे परिसर को खाली करा दिया गया।

धमकी का स्वरूप और ई-मेल की सामग्री

पुलिस के अनुसार, धमकी भरा ई-मेल संबंधित अधिकारियों को प्राप्त हुआ, जिसमें मुख्य डाकघर और पासपोर्ट कार्यालय को दोपहर 1:15 बजे विस्फोट से उड़ाने की बात कही गई थी। ई-मेल में आपत्तिजनक धार्मिक टिप्पणियाँ भी की गई थीं और एक विशेष समुदाय के लोगों को बाहर निकालने जैसी उकसावे भरी भाषा का इस्तेमाल किया गया था। सुरक्षा एजेंसियाँ ई-मेल की भाषा, उसके स्रोत और दावों की गंभीरता की जाँच कर रही हैं।

मुख्य घटनाक्रम और सुरक्षा कार्रवाई

धमकी की सूचना मिलते ही धनबाद थाना पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की टीमें तत्काल मौके पर पहुँच गईं। एहतियात के तौर पर मुख्य डाकघर और पासपोर्ट कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों, आवेदकों और अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके साथ ही डाकघर से सटे बीएसएनएल कार्यालय और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के कार्यालय को भी खाली करा दिया गया, ताकि किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में जनहानि न हो।

बम निरोधक दस्ते की तलाशी

बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड ने पूरे परिसर की बारीकी से जाँच शुरू की। आसपास के क्षेत्र में भी सघन तलाशी ली गई और संदिग्ध वस्तुओं की जाँच की गई। खबर लिखे जाने तक किसी विस्फोटक सामग्री के मिलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी। परिसर के आसपास आम लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई और आवश्यक सुरक्षा घेरा बनाया गया।

साइबर सेल की जाँच

साइबर सेल को भी जाँच में लगाया गया है, जो यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि धमकी भरा ई-मेल किस आईपी एड्रेस या सर्वर से भेजा गया और इसके पीछे किसी व्यक्ति, समूह या संगठन की भूमिका है या नहीं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया गया है और सभी पहलुओं पर जाँच जारी है।

प्रशासन की अपील

अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है। गौरतलब है कि हाल के महीनों में देश के कई हिस्सों में सरकारी कार्यालयों को ई-मेल के ज़रिए बम की धमकियाँ मिलने की घटनाएँ सामने आई हैं, जिससे यह मामला व्यापक सुरक्षा परिदृश्य में भी महत्त्वपूर्ण हो जाता है। सुरक्षा एजेंसियाँ पूरे घटनाक्रम पर नज़र बनाए हुए हैं और जाँच जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अदालतों और हवाई अड्डों को अज्ञात ई-मेल के ज़रिए बम की धमकियाँ दी जा रही हैं — और हर बार प्रशासन को भारी संसाधन झोंकने पड़ते हैं। असली सवाल यह है कि क्या ऐसी धमकियों के लिए साइबर अपराधियों पर कठोर कार्रवाई हो रही है, या यह सिलसिला बेरोकटोक जारी रहेगा। ई-मेल में सांप्रदायिक भाषा का इस्तेमाल इसे महज़ 'हूल' से अलग करता है और जाँच एजेंसियों के लिए प्राथमिकता बढ़ाता है। जब तक साइबर सेल त्वरित और पारदर्शी जाँच से दोषी को सार्वजनिक नहीं करती, ऐसी धमकियाँ सामाजिक तनाव बढ़ाने का सस्ता हथियार बनी रहेंगी।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धनबाद डाकघर और पासपोर्ट कार्यालय को बम की धमकी कैसे मिली?
एक अज्ञात ई-मेल के ज़रिए संबंधित अधिकारियों को धमकी भेजी गई, जिसमें दोपहर 1:15 बजे मुख्य डाकघर और पासपोर्ट कार्यालय में विस्फोट का दावा किया गया था। ई-मेल में आपत्तिजनक धार्मिक टिप्पणियाँ भी शामिल थीं।
धमकी मिलने के बाद पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने तत्काल पूरे परिसर को खाली कराया और बम निरोधक दस्ते तथा डॉग स्क्वायड से सघन तलाशी शुरू कराई। बीएसएनएल और EPFO कार्यालयों को भी एहतियातन खाली कर दिया गया और परिसर के आसपास सुरक्षा घेरा बनाया गया।
क्या धनबाद के डाकघर परिसर में कोई विस्फोटक मिला?
खबर लिखे जाने तक किसी विस्फोटक सामग्री के मिलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी। बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड की तलाशी जारी थी।
धमकी भरे ई-मेल की जाँच कौन कर रहा है?
साइबर सेल को जाँच में लगाया गया है, जो यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ई-मेल किस आईपी एड्रेस या सर्वर से भेजा गया और इसके पीछे किसी व्यक्ति, समूह या संगठन की भूमिका है या नहीं।
आम लोगों के लिए पुलिस की क्या अपील है?
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है। परिसर के आसपास आम लोगों की आवाजाही भी सीमित कर दी गई है।
राष्ट्र प्रेस
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