कोलकाता के पासपोर्ट कार्यालयों को मिली बम से उड़ाने की धमकी
सारांश
Key Takeaways
- कोलकाता में पासपोर्ट कार्यालयों को बम से उड़ाने की धमकी मिली।
- पुलिस व बम निरोधक दल ने तुरंत कार्रवाई की।
- पहले भी अदालतों को इसी तरह की धमकियां मिल चुकी हैं।
- सुरक्षा स्थिति पर ध्यान देने की आवश्यकता।
कोलकाता, 26 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल की अदालतों में पिछले दो दिनों में घटित घटनाओं के मद्देनजर, आज गुरुवार को कोलकाता स्थित पासपोर्ट कार्यालयों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है।
सूत्रों के अनुसार, ब्राबोर्न रोड और आनंदपुर क्षेत्र के पासपोर्ट कार्यालयों को ईमेल के माध्यम से बम की धमकी भेजी गई। इस धमकी में कहा गया कि कार्यालय में एक बम रखा हुआ है। इसके तुरंत बाद, दोनों कार्यालयों को खाली करवा दिया गया और कर्मचारी दहशत
पुलिस और बम निरोधक दल को तुरंत सूचित किया गया। सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे। हालांकि, अब तक किसी भी परिसर से कोई बम बरामद नहीं हुआ है।
वहीं, विभिन्न जिलों के कई डाकघरों को भी इसी तरह की धमकियां भेजी गईं। गुरुवार को हावड़ा मैदान डाकघर को एक ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें कहा गया था कि कार्यालय में बम रखा गया है। तत्पश्चात, पूरे डाकघर को तुरंत खाली करा दिया गया। पुलिस और बम निरोधक दल के सदस्य मौके पर पहुंचे और तलाशी शुरू की।
पश्चिम मिदनापुर जिले के आसनसोल हेड पोस्ट ऑफिस और उत्तर 24 परगना जिले के बसीरहाट हेड पोस्ट ऑफिस को भी इसी तरह की धमकियां भेजी गईं।
गौरतलब है कि कलकत्ता उच्च न्यायालय सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में मंगलवार और बुधवार को अदालतों को उड़ाने की धमकी देने वाले इसी तरह के ईमेल न्यायाधीशों को भेजे गए थे।
मंगलवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय, शहर के सिटी सेशंस कोर्ट, बीरभूम के सूरी कोर्ट, और पश्चिम बर्दवान जिले के आसनसोल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल भेजे गए। उस दिन हुगली जिला न्यायालय में भी दहशत फैल गई। हालांकि, पुलिस ने दिनभर तलाशी के बावजूद कहीं भी कुछ संदिग्ध नहीं पाया।
बुधवार को भी आसनसोल जिला एवं सत्र न्यायालय में बम की धमकी मिली थी। धमकी भरा ईमेल पश्चिम बर्दवान के जिला न्यायाधीश तक पहुंचा, जिसमें लिखा था, "अदालत में बम रखा है। यह कुछ देर में फट जाएगा।"
बीरभूम के सूरी जिला न्यायालय में भी ऐसी ही स्थिति उत्पन्न हुई।
अदालती सूत्रों के अनुसार, धमकी भरा संदेश जिला न्यायाधीश को भेजा गया था। इस संदेश में दावा किया गया था कि अदालत परिसर में आरडीएक्स रखा हुआ है। हालांकि, पुलिस को तलाशी में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।