सूरत में पासपोर्ट ऑफिस और पोस्ट ऑफिस को बम से उड़ाने की धमकी, बम स्क्वाड की जांच में कुछ नहीं मिला
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के सूरत में बुधवार, 15 जुलाई को नानपुरा स्थित पासपोर्ट ऑफिस और पोस्ट ऑफिस को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिलने से प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही सूरत पुलिस, बम स्क्वाड और डॉग स्क्वाड की टीमें तत्काल मौके पर पहुँचीं और व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया। जांच में किसी भी संदिग्ध वस्तु का पता नहीं चला।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस को एक धमकी भरा संदेश मिला जिसमें दावा किया गया था कि नानपुरा स्थित पासपोर्ट ऑफिस और पोस्ट ऑफिस में विस्फोटक रखे गए हैं। इसके बाद पोस्ट ऑफिस के कर्मचारियों को तत्काल और व्यवस्थित तरीके से इमारत से बाहर निकाला गया। बम स्क्वाड की टीम ने पूरी इमारत की बारीकी से जांच की।
पुलिस की प्रतिक्रिया
नानपुरा पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर तेजस गढ़वी ने बताया, 'पुलिस को एक धमकी भरा मैसेज मिला जिसमें दावा किया गया था कि नानपुरा में पासपोर्ट ऑफिस और पोस्ट ऑफिस में बम रखे गए हैं। तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस मौके पर पहुँची और बिना किसी घबराहट के पोस्ट ऑफिस से कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।' उन्होंने आगे कहा, 'बम स्क्वाड की टीम से पोस्ट ऑफिस की पूरी इमारत की चेकिंग कराई गई। चेकिंग के दौरान धमकी से संबंधित कोई ऐसी चीज हम लोगों को नहीं मिली है। यहाँ शांति है और कोई परेशानी वाली बात नहीं है।'
पहले भी मिल चुकी हैं धमकियाँ
गौरतलब है कि यह धमकी अलग-थलग घटना नहीं है। 13 जुलाई को — यानी मात्र दो दिन पहले — सूरत डिस्ट्रीक्ट कोर्ट में आरडीएक्स होने का ईमेल आया था, जिसने पूरे प्रशासन को सतर्क कर दिया था। इससे पहले 17 जून को गुजरात के जामनगर और वडोदरा महानगरपालिका कार्यालयों को भी ईमेल के ज़रिए बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। उस मामले में भी संबंधित भवनों को एहतियातन खाली कराया गया था और सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक जांच की थी, लेकिन कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला था।
उस समय एसीपी आर.आर. अहीर ने बताया था, 'बम की धमकी वाला ईमेल मिलने के बाद सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के हेडक्वार्टर को खाली करा लिया गया। पुलिस, डॉग स्क्वाड और बम डिस्पोजल टीमों ने इमारत की अच्छी तरह से तलाशी ली। लेकिन अभी तक कुछ भी संदिग्ध बरामद नहीं हुआ है।'
आगे क्या होगा
इंस्पेक्टर गढ़वी ने पुष्टि की कि पुलिस कंट्रोल रूम से सूचना मिलने के बाद तत्काल कार्रवाई की गई और अब इस मामले में आगे की जांच शुरू की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, ईमेल के स्रोत और प्रेषक की पहचान करने के प्रयास जारी हैं। पिछले एक महीने में गुजरात के विभिन्न सरकारी दफ्तरों को मिली इस श्रृंखलाबद्ध धमकियों के मद्देनज़र सुरक्षा एजेंसियाँ सतर्क हैं।