ऑपरेशन सीवाई-वज्रा: नोएडा में 8 अवैध कॉल सेंटर ध्वस्त, ₹60 करोड़ की साइबर ठगी का नेटवर्क उजागर
सारांश
मुख्य बातें
गौतमबुद्धनगर में उत्तर प्रदेश पुलिस के प्रदेशव्यापी अभियान 'ऑपरेशन सीवाई-वज्रा' के तहत 15 जुलाई को 8 अवैध कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ किया गया और ₹60 करोड़ से अधिक की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ। इस कार्रवाई में 49 अभियुक्तों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की गई है और एक नाइजीरियाई नागरिक को भी गिरफ्तार किया गया है।
अभियान की पृष्ठभूमि और उद्देश्य
उत्तर प्रदेश पुलिस ने साइबर अपराध पर नकेल कसने के लिए प्रदेशस्तरीय विशेष अभियान 'ऑपरेशन सीवाई-वज्रा' की शुरुआत की थी। गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट पुलिस ने डिजिटल और मैनुअल इंटेलिजेंस के समन्वय से व्यापक सत्यापन अभियान चलाया, जिसके परिणामस्वरूप इस बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में साइबर ठगी के मामलों में तेज़ी से वृद्धि दर्ज की जा रही है।
मुख्य घटनाक्रम और बरामदगी
पुलिस के अनुसार, छापेमारी के दौरान 700 से अधिक लोगों का सत्यापन और पूछताछ की गई। 49 अभियुक्तों के कब्जे से 67 मोबाइल फोन, 19 लैपटॉप, 76 सिम कार्ड, 81 डेबिट एवं क्रेडिट कार्ड तथा ₹5 लाख से अधिक की नकदी बरामद की गई।
जाँच में यह भी सामने आया कि कुछ गिरोह साइबर अपराधियों को म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराते थे और बैंक खातों की खरीद-फरोख्त कर ठगी के नेटवर्क को सक्रिय सहयोग दे रहे थे। प्रारंभिक जाँच में गिरफ्तार व्यक्तियों का ₹60 करोड़ से अधिक की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी से प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष संबंध पाया गया है।
नाइजीरियाई नागरिक की गिरफ्तारी
अभियान के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने एक नाइजीरियाई नागरिक को भी हिरासत में लिया है। प्रारंभिक जाँच में उसका संबंध बड़े पैमाने पर संचालित साइबर वित्तीय धोखाधड़ी से सामने आया है। उसके पास से बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डिजिटल साक्ष्यों का राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज विभिन्न शिकायतों से संबंध मिला है। इन उपकरणों की फॉरेंसिक जाँच जारी है ताकि पूरे नेटवर्क तक पहुँचा जा सके।
पुलिस की नीति और आगे की जाँच
गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट पुलिस ने स्पष्ट किया है कि साइबर अपराध के मामले में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है। पुलिस अब गिरफ्तार अभियुक्तों के बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजैक्शन और अन्य संबद्ध नेटवर्क की गहन जाँच कर रही है।
आम जनता के लिए अपील
पुलिस ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि साइबर धोखाधड़ी या किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की सूचना तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या NCRP पोर्टल पर दर्ज कराएँ और निकटतम पुलिस थाने को भी सूचित करें। गौरतलब है कि साइबर ठगी की त्वरित रिपोर्टिंग से धनराशि की रिकवरी की संभावना काफी बढ़ जाती है।