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सेंसेक्स 130 अंक चढ़कर 77,185 पर बंद, पश्चिम एशिया तनाव के बीच मिली-जुली रही बाजार की चाल

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सेंसेक्स 130 अंक चढ़कर 77,185 पर बंद, पश्चिम एशिया तनाव के बीच मिली-जुली रही बाजार की चाल

सारांश

पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की ऊँची कीमतों के बावजूद सेंसेक्स 130 अंक चढ़ा — लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यह असली रिकवरी नहीं, बल्कि तकनीकी बाउंस-बैक है। बाजार की असली परीक्षा तब होगी जब तेल 70 डॉलर से नीचे आएगा।

मुख्य बातें

सेंसेक्स 15 जुलाई को 130.49 अंक (0.17%) बढ़कर 77,185.43 पर बंद हुआ।
निफ्टी50 26.45 अंक (0.11%) की बढ़त के साथ 24,078.50 पर बंद।
इंट्रा-डे में सेंसेक्स 77,646.27 और निफ्टी 24,220.35 तक पहुँचा, लेकिन मुनाफावसूली से लाभ घटा।
निफ्टी पीएसयू बैंक में करीब 1% की तेजी; निफ्टी मेटल में 1% से अधिक की गिरावट।
विशेषज्ञ सुनील शाह के अनुसार यह तकनीकी बाउंस-बैक है; कच्चे तेल की कीमतें 85-86 डॉलर के स्तर पर बनी हुई हैं।
अल्ट्राटेक सीमेंट, एसबीआई टॉप गेनर्स; हिंडाल्को, इंफोसिस टॉप लूज़र्स।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स बुधवार, 15 जुलाई को 130.49 अंक यानी 0.17 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,185.43 पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी50 26.45 अंक यानी 0.11 प्रतिशत उछलकर 24,078.50 पर आ गया। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की ऊँची कीमतों के चलते वैश्विक बाजारों के मिले-जुले संकेतों ने घरेलू बाजार की बढ़त को सीमित रखा।

कारोबारी सत्र का घटनाक्रम

सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 77,054.94 से 0.17 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,192.76 पर खुला। दिन के कारोबार में यह एक समय 591.33 अंक यानी 0.76 प्रतिशत की छलांग लगाकर 77,646.27 के इंट्रा-डे उच्चतम स्तर तक पहुँचा, लेकिन बाद में मुनाफावसूली के दबाव में लाभ काफी घट गया।

निफ्टी50 अपने पिछले बंद 24,052.05 से 0.14 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,085.85 पर खुला और दिन के कारोबार में 168.3 अंक यानी 0.69 प्रतिशत की उछाल के साथ 24,220.35 के इंट्रा-डे हाई तक गया।

व्यापक बाजार और सेक्टरवार प्रदर्शन

व्यापक बाजारों में भी सकारात्मक रुझान रहा — निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.28 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.67 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।

सेक्टरवार देखें तो निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में करीब 1 प्रतिशत की तेजी रही। निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.73 प्रतिशत, निफ्टी ऑयल एंड गैस में 0.69 प्रतिशत और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 0.63 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई। निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी ऑटो भी हरे निशान में बंद हुए।

दूसरी ओर, निफ्टी मेटल में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट रही। निफ्टी आईटी, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी मीडिया और निफ्टी रियल्टी भी दबाव में रहे।

टॉप गेनर्स और लूज़र्स

निफ्टी50 में अल्ट्राटेक सीमेंट, इटरनल, एचडीएफसी लाइफ, श्रीराम फाइनेंस, आयशर मोटर्स और एसबीआई के शेयर सबसे अधिक चढ़े। वहीं, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, पावर ग्रिड, टाटा स्टील, एलएंडटी, जेएसडब्ल्यू स्टील और इंफोसिस के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

मार्केट विशेषज्ञ सुनील शाह ने कहा, 'कल तेल की कीमतों में तेजी की वजह से सेंसेक्स 500 से ज्यादा अंक गिर गया था। आज यह गैप-अप के साथ खुला और ट्रेडिंग के पहले घंटे में ही 400 अंक ऊपर था। यह सकारात्मक है, लेकिन यह ज्यादातर एक तकनीकी बाउंस-बैक जैसा लग रहा है क्योंकि कच्चे तेल की कीमतें अभी भी 85-86 डॉलर के स्तर के आसपास हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि अगर कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर से नीचे आती हैं और पश्चिम एशिया में तनाव घटता है, तो घरेलू बाजार को और सहारा मिलेगा और रिकवरी की राह खुल सकती है।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक निवेशक पश्चिम एशिया की स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं। कच्चे तेल की ऊँची कीमतें भारत के चालू खाते के घाटे और मुद्रास्फीति पर दबाव बना सकती हैं, जो बाजार की धारणा को प्रभावित करने वाला प्रमुख कारक बना रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल में यह बाजार की कमज़ोरी को छुपाती है — सेंसेक्स दिन में 591 अंक ऊपर था और महज 130 अंक पर बंद हुआ, यानी तीन-चौथाई से अधिक लाभ दिन में ही गँवा दिया। कच्चे तेल की कीमतें 85-86 डॉलर के स्तर पर टिकी हैं, जो भारत के आयात बिल और मुद्रास्फीति दोनों के लिए जोखिम है। पश्चिम एशिया तनाव कोई नई घटना नहीं — पर हर बार बाजार इसे 'अस्थायी' मानकर चलता है और फिर अचानक बड़ी गिरावट झेलता है। जब तक तेल 70 डॉलर से नीचे नहीं आता और भू-राजनीतिक स्थिरता नहीं आती, तब तक हर बाउंस-बैक को सतर्कता से देखना ज़रूरी है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

15 जुलाई को सेंसेक्स कितने अंक बढ़कर बंद हुआ?
15 जुलाई को सेंसेक्स 130.49 अंक यानी 0.17 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,185.43 पर बंद हुआ। निफ्टी50 भी 26.45 अंक की तेजी के साथ 24,078.50 पर बंद रहा।
पश्चिम एशिया तनाव का भारतीय शेयर बाजार पर क्या असर पड़ा?
पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की ऊँची कीमतों ने बाजार की बढ़त को सीमित रखा। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 591 अंक तक चढ़ा था, लेकिन अंत में केवल 130 अंक की बढ़त पर बंद हुआ।
आज किन सेक्टरों में सबसे ज्यादा तेजी और गिरावट रही?
निफ्टी पीएसयू बैंक में करीब 1 प्रतिशत, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.73 प्रतिशत और निफ्टी ऑयल एंड गैस में 0.69 प्रतिशत की तेजी रही। वहीं निफ्टी मेटल में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज हुई और आईटी, एफएमसीजी, मीडिया व रियल्टी भी कमज़ोर रहे।
बाजार में आज की बढ़त को विशेषज्ञ कैसे देख रहे हैं?
मार्केट विशेषज्ञ सुनील शाह के अनुसार यह बढ़त मुख्यतः एक तकनीकी बाउंस-बैक है, असली रिकवरी नहीं। उनका कहना है कि जब तक कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर से नीचे नहीं आतीं और पश्चिम एशिया में तनाव नहीं घटता, बाजार को टिकाऊ सपोर्ट नहीं मिलेगा।
निफ्टी50 के टॉप गेनर और लूज़र शेयर कौन से रहे?
अल्ट्राटेक सीमेंट, इटरनल, एचडीएफसी लाइफ, श्रीराम फाइनेंस, आयशर मोटर्स और एसबीआई टॉप गेनर्स रहे। हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, पावर ग्रिड, टाटा स्टील, एलएंडटी, जेएसडब्ल्यू स्टील और इंफोसिस में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।
राष्ट्र प्रेस
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