15 जुलाई 2026
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उत्तराखंड: पराग फार्म में बनेगी एविएशन एकेडमी, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने दिए निर्देश

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उत्तराखंड: पराग फार्म में बनेगी एविएशन एकेडमी, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने दिए निर्देश

सारांश

उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने पराग फार्म में एविएशन एकेडमी, बद्रीनाथ-केदारनाथ के लिए ATC और पूरे राज्य में हेलीपोर्ट नेटवर्क स्थापित करने के निर्देश दिए। यह राज्य की हवाई आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है।

मुख्य बातें

उधमसिंह नगर के पराग फार्म में राज्य की अपनी एविएशन एकेडमी स्थापित करने के निर्देश जारी।
देहरादून को सभी जनपद मुख्यालयों से हवाई सेवा से जोड़ने और पौड़ी में नियमित उड़ान शुरू करने का निर्देश।
बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम के लिए शीघ्र एयर ट्रैफिक कंट्रोल स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू होगी; सिविल कार्य राज्य सरकार और तकनीकी सहायता AAI देगा।
प्रदेशभर में ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन (AWS) और PTZ कैमरे लगाने के लिए IMD से अनुरोध किया जाएगा।
गुंजी और आदि कैलाश में पर्यटन के मद्देनज़र एयरस्ट्रिप या हेलीपोर्ट की संभावनाएँ तलाशी जाएँगी।
उड़ान-2 योजना के तहत सभी जनपदों के लिए नए हवाई मार्ग प्रस्तावित करने के निर्देश।

उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने 15 जुलाई 2026 को देहरादून स्थित सचिवालय में नागरिक उड्डयन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने राज्य में हवाई कनेक्टिविटी की मौजूदा स्थिति का जायज़ा लेते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए, जिनमें सबसे अहम है उधमसिंह नगर के पराग फार्म में राज्य की अपनी एविएशन एकेडमी स्थापित करने का निर्देश।

एविएशन एकेडमी और पायलट प्रशिक्षण

मुख्य सचिव बर्द्धन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रदेश में एक स्वतंत्र पायलट ट्रेनिंग स्कूल विकसित किया जाए। इसके लिए उधमसिंह नगर जिले के पराग फार्म को उपयुक्त स्थान के रूप में चिह्नित किया गया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में आवश्यक प्रक्रियाएँ तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिए। यह कदम उत्तराखंड को एविएशन प्रशिक्षण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ठोस पहल के रूप में देखा जा रहा है।

हेलीपोर्ट और हवाई कनेक्टिविटी का विस्तार

मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पहाड़ी और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों वाले राज्य के लिए हेलीपोर्ट और हेलीपैड किसी लाइफलाइन से कम नहीं हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि देहरादून को प्रदेश के सभी जनपद मुख्यालयों से हवाई सेवा के माध्यम से जोड़ा जाए। इसके अतिरिक्त, पौड़ी जनपद को भी नियमित हवाई सेवा से जोड़ने के निर्देश दिए गए। उन्होंने लैंसडाउन — जो उत्तराखंड के प्रमुख हिल स्टेशनों में से एक है — को हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ने की संभावनाएँ तलाशने को भी कहा।

बद्रीनाथ-केदारनाथ के लिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल

मुख्य सचिव ने बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम के लिए शीघ्र एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्य में सिविल निर्माण की ज़िम्मेदारी राज्य सरकार की होगी, जबकि जनशक्ति और तकनीकी सहायता भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) द्वारा प्रदान की जाएगी। उन्होंने उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) को पूरे प्रदेश में ATC सैचुरेशन का लक्ष्य देते हुए AAI से निरंतर समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया।

मौसम निगरानी और सुरक्षा अवसंरचना

हवाई यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए मुख्य सचिव ने प्रदेशभर में ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन (AWS) और PTZ कैमरे स्थापित करने पर जोर दिया। इसके लिए भारत मौसम विभाग (IMD) से अनुरोध कर निरंतर फॉलोअप करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने गुंजी और आदि कैलाश में बढ़ती पर्यटन गतिविधियों को देखते हुए वहाँ एयरस्ट्रिप या हेलीपोर्ट स्थापित करने की दिशा में कार्य करने की भी बात कही।

पंतनगर विस्तार और उड़ान-2 योजना

पंतनगर हवाई अड्डे के विस्तारीकरण कार्य का उल्लेख करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि इसके पूर्ण होने पर कुमाऊँ क्षेत्र के लिए संपूर्ण कनेक्टिविटी योजना तैयार की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि भारत सरकार द्वारा उड़ान-2 योजना लॉन्च किए जाने के बाद सभी जनपदों के लिए नए हवाई मार्ग प्रस्तावित किए जाएँ। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ये सभी योजनाएँ समयबद्ध तरीके से क्रियान्वित हों, तो उत्तराखंड की पर्यटन अर्थव्यवस्था और आपदा प्रबंधन क्षमता दोनों में उल्लेखनीय सुधार हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि भूमि अधिग्रहण, DGCA अनुमोदन और बजट आवंटन की प्रक्रिया कितनी तेज़ी से आगे बढ़ेगी। बद्रीनाथ-केदारनाथ के लिए ATC की ज़रूरत चारधाम यात्रा के बढ़ते हवाई यातायात को देखते हुए अब अनिवार्य हो चुकी है, फिर भी यह प्रस्ताव अभी प्रारंभिक चरण में है। निर्देश देना और क्रियान्वयन करना — दोनों के बीच की खाई उत्तराखंड में पहले भी चौड़ी रही है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तराखंड की एविएशन एकेडमी कहाँ बनेगी और इसका उद्देश्य क्या है?
एविएशन एकेडमी उधमसिंह नगर जिले के पराग फार्म में स्थापित की जाएगी। इसका उद्देश्य राज्य में स्थानीय पायलट प्रशिक्षण की सुविधा विकसित करना और उत्तराखंड को एविएशन प्रशिक्षण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है।
बद्रीनाथ और केदारनाथ के लिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल कब तक स्थापित होगा?
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने 15 जुलाई 2026 को अधिकारियों को सभी आवश्यक प्रक्रियाएँ शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए हैं। सिविल निर्माण राज्य सरकार करेगी और तकनीकी सहायता भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) देगा, लेकिन अभी कोई निश्चित समयसीमा घोषित नहीं की गई है।
उत्तराखंड में हेलीपोर्ट और हेलीपैड नेटवर्क क्यों ज़रूरी है?
उत्तराखंड की दुर्गम पहाड़ी भूगोल और आपदा-संवेदनशीलता को देखते हुए हेलीपोर्ट और हेलीपैड आपातकालीन बचाव और दूरदराज़ इलाकों में कनेक्टिविटी के लिए अनिवार्य हैं। मुख्य सचिव ने इन्हें राज्य की 'लाइफलाइन' बताया है।
उड़ान-2 योजना से उत्तराखंड को क्या फायदा होगा?
भारत सरकार की उड़ान-2 योजना के तहत उत्तराखंड के सभी जनपदों के लिए नए हवाई मार्ग प्रस्तावित किए जाएँगे। इससे दूरदराज़ के जिलों तक किफायती हवाई सेवा का विस्तार होगा और पर्यटन व व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
गुंजी और आदि कैलाश के लिए क्या योजना है?
बढ़ती पर्यटन गतिविधियों को देखते हुए गुंजी और आदि कैलाश में एयरस्ट्रिप या हेलीपोर्ट स्थापित करने की संभावनाएँ तलाशने के निर्देश दिए गए हैं। अभी यह प्रारंभिक अन्वेषण चरण में है।
राष्ट्र प्रेस
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