15 जुलाई 2026
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एमवी जीएफएस गैलेक्सी हमला: दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने जताया शोक, पुणे के हेरंब करमरकर की मौत की पुष्टि

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एमवी जीएफएस गैलेक्सी हमला: दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने जताया शोक, पुणे के हेरंब करमरकर की मौत की पुष्टि

सारांश

ओमान तट के पास 12 जुलाई को हुए जहाज हमले में पुणे के 30 वर्षीय मरीन इंजीनियर हेरंब करमरकर की मौत की पुष्टि हो गई है। दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने शोक जताते हुए परिवार को हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है। परिवार ने सरकार से पार्थिव शरीर स्वदेश लाने की गुहार लगाई है।

मुख्य बातें

12 जुलाई 2026 को ओमान तट के पास वाणिज्यिक जहाज एमवी जीएफएस गैलेक्सी पर हमला हुआ।
पुणे के 30 वर्षीय मरीन इंजीनियर हेरंब करमरकर की मौत की पुष्टि बुधवार को परिवार ने की।
दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने एक्स पर बयान जारी कर गहरी संवेदना व्यक्त की और यूएई अधिकारियों व शिपिंग कंपनी से समन्वय का आश्वासन दिया।
ससुर विवेक टंडन ने सरकार से पार्थिव शरीर सुरक्षित रूप से भारत लाने की अपील की।
विदेश मंत्रालय ने हमले को 'बेहद चिंताजनक' बताया; ओमान में भारतीय दूतावास खोज-बचाव अभियान में सक्रिय।

दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने 12 जुलाई 2026 को ओमान तट के पास वाणिज्यिक जहाज एमवी जीएफएस गैलेक्सी पर हुए हमले में पुणे के मरीन इंजीनियर हेरंब करमरकर की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। दूतावास ने पुष्टि की कि वह शोकसंतप्त परिवार के संपर्क में है और हरसंभव सहायता सुनिश्चित करने के लिए यूएई अधिकारियों तथा संबंधित शिपिंग कंपनी के साथ समन्वय कर रहा है।

मौत की पुष्टि और परिवार की पीड़ा

हेरंब करमरकर की आयु 30 वर्ष थी। वे 12 जुलाई 2026 को जहाज पर हुए हमले के बाद से लापता थे। मंगलवार को उनके लापता होने की सूचना सामने आई, जबकि बुधवार को उनके परिवार और ससुर विवेक टंडन ने उनकी मौत की आधिकारिक पुष्टि की।

विवेक टंडन ने कहा, 'हमारा 30 साल का बच्चा था, कोई बुजुर्ग नहीं था। हमारी भारत सरकार से यही विनती है कि हमारे बच्चे की बॉडी सही सलामत हमें हैंड ओवर की जाए और उसे उसके घर पहुँचा दिया जाए।'

वाणिज्य दूतावास का आधिकारिक बयान

दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने एक्स पर जारी बयान में कहा, '12 जुलाई 2026 को वाणिज्यिक जहाज एमवी जीएफएस गैलेक्सी पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। वाणिज्य दूतावास शोक संतप्त परिवार के संपर्क में है और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित यूएई अधिकारियों और शिपिंग कंपनी के साथ करीबी समन्वय कर रहा है।'

भारत सरकार की प्रतिक्रिया

भारत ने इस हमले की कड़ी निंदा की और ओमान तट के आसपास वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों को 'बेहद चिंताजनक' करार दिया। विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि ओमान में भारतीय दूतावास स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहा है और जारी खोज एवं बचाव अभियान में ओमान के अधिकारियों के साथ सक्रिय तालमेल बनाए हुए है। मंत्रालय ने सहयोग के लिए ओमान के अधिकारियों का धन्यवाद भी किया।

हमले का संदर्भ और क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताएँ

गौरतलब है कि यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब ओमान की खाड़ी और अरब सागर में वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं। यह क्षेत्र भारत के लिए महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग है और हज़ारों भारतीय नागरिक इन जहाजों पर कार्यरत हैं। इस हादसे ने समुद्री सुरक्षा और भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

आगे क्या होगा

परिवार की प्राथमिक माँग है कि हेरंब करमरकर का पार्थिव शरीर सुरक्षित रूप से भारत लाया जाए। वाणिज्य दूतावास और विदेश मंत्रालय इस दिशा में यूएई व ओमान के अधिकारियों के साथ काम कर रहे हैं। खोज और बचाव अभियान अभी भी जारी बताया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि भारत सरकार इन जलमार्गों पर बढ़ते हमलों के बीच अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए कौन-सा ठोस कूटनीतिक या सुरक्षा ढाँचा खड़ा कर रही है। पार्थिव शरीर वापस लाने की माँग न्यूनतम अपेक्षा है — दीर्घकालिक प्रश्न यह है कि क्या भारत अपने समुद्री कामगारों के लिए जोखिम-मूल्यांकन और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल को अद्यतन करेगा।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एमवी जीएफएस गैलेक्सी पर हमला कब और कहाँ हुआ?
यह हमला 12 जुलाई 2026 को ओमान तट के पास हुआ, जब वाणिज्यिक जहाज एमवी जीएफएस गैलेक्सी पर अज्ञात हमलावरों ने हमला किया। जहाज पर भारतीय नागरिक सवार थे।
हेरंब करमरकर कौन थे और उनकी मौत की पुष्टि कैसे हुई?
हेरंब करमरकर पुणे के 30 वर्षीय मरीन इंजीनियर थे जो एमवी जीएफएस गैलेक्सी पर कार्यरत थे। हमले के बाद से वे लापता थे और बुधवार को उनके परिवार तथा ससुर विवेक टंडन ने उनकी मौत की पुष्टि की।
दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने क्या कदम उठाए हैं?
दूतावास ने एक्स पर आधिकारिक बयान जारी कर शोक व्यक्त किया और पुष्टि की कि वह शोकसंतप्त परिवार के संपर्क में है। साथ ही यूएई अधिकारियों और शिपिंग कंपनी के साथ समन्वय कर हरसंभव सहायता सुनिश्चित करने का भरोसा दिया।
परिवार ने भारत सरकार से क्या माँग की है?
ससुर विवेक टंडन ने सरकार से अपील की है कि हेरंब करमरकर का पार्थिव शरीर सुरक्षित और सम्मानपूर्वक भारत लाया जाए और उनके घर पहुँचाया जाए। उन्होंने कहा कि उनका बेटा महज 30 साल का था।
भारत सरकार ने इस हमले पर क्या रुख अपनाया है?
भारत ने इस हमले की कड़ी निंदा की और क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर बढ़ते हमलों को 'बेहद चिंताजनक' बताया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि ओमान में भारतीय दूतावास खोज-बचाव अभियान में ओमान के अधिकारियों के साथ सक्रिय रूप से समन्वय कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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