एमवी जीएफएस गैलेक्सी हमला: दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने जताया शोक, पुणे के हेरंब करमरकर की मौत की पुष्टि
सारांश
मुख्य बातें
दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने 12 जुलाई 2026 को ओमान तट के पास वाणिज्यिक जहाज एमवी जीएफएस गैलेक्सी पर हुए हमले में पुणे के मरीन इंजीनियर हेरंब करमरकर की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। दूतावास ने पुष्टि की कि वह शोकसंतप्त परिवार के संपर्क में है और हरसंभव सहायता सुनिश्चित करने के लिए यूएई अधिकारियों तथा संबंधित शिपिंग कंपनी के साथ समन्वय कर रहा है।
मौत की पुष्टि और परिवार की पीड़ा
हेरंब करमरकर की आयु 30 वर्ष थी। वे 12 जुलाई 2026 को जहाज पर हुए हमले के बाद से लापता थे। मंगलवार को उनके लापता होने की सूचना सामने आई, जबकि बुधवार को उनके परिवार और ससुर विवेक टंडन ने उनकी मौत की आधिकारिक पुष्टि की।
विवेक टंडन ने कहा, 'हमारा 30 साल का बच्चा था, कोई बुजुर्ग नहीं था। हमारी भारत सरकार से यही विनती है कि हमारे बच्चे की बॉडी सही सलामत हमें हैंड ओवर की जाए और उसे उसके घर पहुँचा दिया जाए।'
वाणिज्य दूतावास का आधिकारिक बयान
दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने एक्स पर जारी बयान में कहा, '12 जुलाई 2026 को वाणिज्यिक जहाज एमवी जीएफएस गैलेक्सी पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। वाणिज्य दूतावास शोक संतप्त परिवार के संपर्क में है और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित यूएई अधिकारियों और शिपिंग कंपनी के साथ करीबी समन्वय कर रहा है।'
भारत सरकार की प्रतिक्रिया
भारत ने इस हमले की कड़ी निंदा की और ओमान तट के आसपास वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों को 'बेहद चिंताजनक' करार दिया। विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि ओमान में भारतीय दूतावास स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहा है और जारी खोज एवं बचाव अभियान में ओमान के अधिकारियों के साथ सक्रिय तालमेल बनाए हुए है। मंत्रालय ने सहयोग के लिए ओमान के अधिकारियों का धन्यवाद भी किया।
हमले का संदर्भ और क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताएँ
गौरतलब है कि यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब ओमान की खाड़ी और अरब सागर में वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं। यह क्षेत्र भारत के लिए महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग है और हज़ारों भारतीय नागरिक इन जहाजों पर कार्यरत हैं। इस हादसे ने समुद्री सुरक्षा और भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
आगे क्या होगा
परिवार की प्राथमिक माँग है कि हेरंब करमरकर का पार्थिव शरीर सुरक्षित रूप से भारत लाया जाए। वाणिज्य दूतावास और विदेश मंत्रालय इस दिशा में यूएई व ओमान के अधिकारियों के साथ काम कर रहे हैं। खोज और बचाव अभियान अभी भी जारी बताया जा रहा है।