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होर्मुज में जहाज हमले में पुणे के मरीन इंजीनियर हेरंब करमरकर की मौत, परिवार ने की पुष्टि

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होर्मुज में जहाज हमले में पुणे के मरीन इंजीनियर हेरंब करमरकर की मौत, परिवार ने की पुष्टि

सारांश

होर्मुज जलडमरूमध्य में IRGC के हमले का शिकार हुए जीएफएस गैलेक्सी जहाज से लापता पुणे के 30 वर्षीय मरीन इंजीनियर हेरंब करमरकर की मौत की पुष्टि उनके परिवार ने की। 10 अन्य भारतीय नाविक सुरक्षित बचाए गए। परिवार ने सरकार से पार्थिव शरीर वापस लाने की गुहार लगाई है।

मुख्य बातें

पुणे के 30 वर्षीय मरीन इंजीनियर हेरंब करमरकर की मौत की पुष्टि बुधवार, 16 जुलाई को उनके परिजनों और ससुर विवेक टंडन ने की।
जीएफएस गैलेक्सी जहाज पर ईरान के IRGC ने होर्मुज जलडमरूमध्य में रविवार को हमला किया था।
जहाज पर सवार 10 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया; करमरकर एकमात्र लापता भारतीय थे।
विदेश मंत्रालय ने हमले को 'बेहद चिंताजनक' बताया; ओमान स्थित भारतीय दूतावास खोज अभियान में जुटा।
परिवार ने भारत सरकार से पार्थिव शरीर सुरक्षित रूप से वापस लाने की अपील की है।
होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के कुल व्यापारिक तेल का लगभग पाँचवाँ हिस्सा गुजरता है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में जीएफएस गैलेक्सी व्यापारी जहाज पर हुए हमले के बाद लापता हुए पुणे के मरीन इंजीनियर हेरंब करमरकर की मौत की पुष्टि हो गई है। बुधवार, 16 जुलाई को उनके परिजनों और ससुर विवेक टंडन ने इस दुखद खबर की आधिकारिक पुष्टि की। यह हमला ओमान के तट के निकट रविवार को हुआ था, जिसके बाद से करमरकर लापता थे।

हमले का घटनाक्रम

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, साइप्रस के झंडे वाले कंटेनर जहाज जीएफएस गैलेक्सी पर ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते समय हमला किया। इस हमले में जहाज पर सवार एक क्रू मेंबर लापता हो गया, जिनकी पहचान बाद में पुणे निवासी हेरंब करमरकर के रूप में हुई। विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की कि जहाज पर सवार 10 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया।

परिवार की पीड़ा और अपील

हेरंब करमरकर के ससुर विवेक टंडन ने गहरे दुख के साथ कहा, "हमारा 30 साल का बच्चा था, कोई बुजुर्ग नहीं था। हमारी भारत सरकार से यही विनती है कि हमारे बच्चे की बॉडी सही सलामत हमें हैंडओवर की जाए और उसे उसके घर पहुंचा दिया जाए।" परिवार की यह मार्मिक अपील उस पीड़ा को उजागर करती है, जो समुद्री मार्गों पर बढ़ते हमलों की कीमत आम भारतीय परिवारों को चुकानी पड़ रही है।

भारत सरकार की प्रतिक्रिया

भारत ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इस क्षेत्र में कमर्शियल जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों को "बेहद चिंताजनक" बताया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि ओमान स्थित भारतीय दूतावास स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहा है और जारी खोज एवं बचाव अभियान में ओमान के अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है। मंत्रालय ने सहयोग के लिए ओमान के अधिकारियों का आभार भी जताया। दूतावास ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि उसके अधिकारी जहाज प्रबंधन और संबंधित पक्षों के साथ निरंतर संपर्क में हैं।

अमेरिका का ईरान पर कड़ा रुख

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि पहले के हमलों की ज़िम्मेदारी तय होने के बाद ईरान को मेमोरैंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) का पालन करने का एक और अवसर दिया गया था, लेकिन वह "फिर से नाकाम रहा।" अमेरिकी कमांड ने स्पष्ट किया कि वह ईरान की उस क्षमता को कम करने के लिए कदम उठा रहा है, जिसके ज़रिए वह जलडमरूमध्य से गुजरने वाले आम नाविकों और व्यापारी जहाजों पर हमले करता है।

होर्मुज का वैश्विक महत्व और बढ़ता तनाव

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास समुद्री तनाव लगातार बढ़ रहा है। इस रणनीतिक जलमार्ग से दुनिया के कुल व्यापारिक तेल का लगभग पाँचवाँ हिस्सा गुजरता है, जो इसे वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बनाता है। गौरतलब है कि यह क्षेत्र पिछले कुछ महीनों से व्यापारी जहाजों पर बार-बार हमलों का गवाह बन रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। हेरंब करमरकर की मौत उस बड़े संकट का मानवीय चेहरा है — और उनका परिवार अब केवल यही चाहता है कि उनका बेटा घर लौटे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे भारत अब तक कूटनीतिक संयम से संभालता आया है। होर्मुज में IRGC के हमले लंबे समय से जारी हैं, फिर भी भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस द्विपक्षीय या बहुपक्षीय ढाँचा सामने नहीं आया। विदेश मंत्रालय की 'बारीकी से नज़र रखने' वाली भाषा उस परिवार को राहत नहीं देती जो अपने 30 साल के बेटे का पार्थिव शरीर माँग रहा है। भारत को अब केवल निंदा से आगे बढ़कर अपने समुद्री नागरिकों की सुरक्षा के लिए स्पष्ट राजनयिक और परिचालन नीति बनानी होगी।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हेरंब करमरकर कौन थे और उनकी मौत कैसे हुई?
हेरंब करमरकर पुणे के 30 वर्षीय मरीन इंजीनियर थे, जो जीएफएस गैलेक्सी व्यापारी जहाज पर कार्यरत थे। ओमान के तट के निकट होर्मुज जलडमरूमध्य में IRGC द्वारा जहाज पर हमले के बाद वे लापता हो गए थे, और बुधवार को उनके परिवार ने उनकी मौत की पुष्टि की।
जीएफएस गैलेक्सी जहाज पर हमला किसने किया?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, साइप्रस के झंडे वाले कंटेनर जहाज जीएफएस गैलेक्सी पर ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते समय हमला किया। यह हमला रविवार को हुआ था।
जहाज पर सवार अन्य भारतीय नागरिकों का क्या हुआ?
विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की कि जहाज पर सवार 10 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। हेरंब करमरकर एकमात्र भारतीय थे जो हमले के बाद लापता थे।
भारत सरकार ने इस हमले पर क्या कदम उठाए?
भारत ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे 'बेहद चिंताजनक' बताया। ओमान स्थित भारतीय दूतावास खोज और बचाव अभियान में ओमान के अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है। विदेश मंत्रालय ने सहयोग के लिए ओमान का आभार जताया।
होर्मुज जलडमरूमध्य इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के कुल व्यापारिक तेल का लगभग पाँचवाँ हिस्सा गुजरता है, जो इसे वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत रणनीतिक बनाता है। इस क्षेत्र में व्यापारी जहाजों पर बढ़ते हमले अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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