होर्मुज जहाज हमले में हमीरपुर के डेक कैडेट आदित्य शर्मा शहीद, तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि
सारांश
मुख्य बातें
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के युवा डेक कैडेट आदित्य शर्मा की 11 जून 2026 को मौत की पुष्टि हो गई, जब होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट एक पालाउ-ध्वज वाले वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले में लापता हुए तीनों भारतीय नाविकों के जीवित न होने की खबर सामने आई। 22-23 वर्षीय आदित्य अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे और उन्होंने हाल ही में अपने समुद्री करियर की शुरुआत की थी।
हमले का घटनाक्रम
हमले के समय जहाज पर सवार कुल चालक दल में से 21 नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया था, जबकि तीन भारतीय नाविक लापता बताए जा रहे थे। अब इन तीनों की मृत्यु की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। आदित्य के परिजनों को उनके लापता होने की सूचना पहले उनके भाई से मिली, जिसके बाद परिवार कंपनी से लगातार संपर्क करता रहा, लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी।
परिवार की पीड़ा और माँगें
आदित्य के चाचा ने बताया कि वह 24 मई को वापस आने वाले थे, लेकिन उन्होंने एक महीने के लिए अपना कॉन्ट्रैक्ट बढ़ाया था। कुछ दिन पहले ही ग्रुप कॉल पर परिवार से उनकी बातचीत हुई थी। परिवार के बुजुर्ग सदस्य सिसकते हुए बोले कि उनका एकमात्र बच्चा चला गया। परिजनों ने सांसद, मुख्यमंत्री, विदेश मंत्री और शिपिंग मंत्रालय से अपील की है कि शव को जल्द से जल्द भारत लाया जाए।
उठाए गए सवाल
आदित्य के चाचा ने कई गंभीर सवाल उठाए हैं — हमले के समय आदित्य इंजन रूम में क्या कर रहे थे? क्या उनसे ओवरटाइम काम करवाया जा रहा था? क्या उन्हें समय पर मदद मुहैया कराई गई? परिवार के एक बुजुर्ग सदस्य ने यह भी सवाल उठाया कि जब कैप्टन को आगे बढ़ने से मना किया गया था, तो किसके निर्देश पर जहाज को खतरनाक क्षेत्र में ले जाया गया। परिवार ने मामले की निष्पक्ष जाँच और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की माँग की है।
आगे क्या होगा
परिजन और स्थानीय प्रशासन शव वापसी के लिए शिपिंग कंपनी और सरकारी तंत्र से समन्वय कर रहे हैं। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंताएँ पहले से बढ़ी हुई हैं। भारतीय नाविकों की इस क्षेत्र में तैनाती और उनकी सुरक्षा व्यवस्था पर अब नए सिरे से सवाल उठने लगे हैं।