होर्मुज हमले में 3 भारतीय नाविकों की मौत: विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी सीडीए को तलब किया, सीएम सुक्खू ने पार्थिव शरीर जल्द लाने की माँग की
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 11 जून 2026 को पुष्टि की कि होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट ओमान तट पर पलाऊ के झंडे वाले जहाज एमटी सेटेबेलो पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई है। मंत्रालय ने इस हमले के लिए अमेरिकी नौसेना को जिम्मेदार ठहराते हुए अमेरिकी चार्जडी अफेयर्स (सीडीए) को तलब किया और कड़ा विरोध दर्ज कराया।
मुख्य घटनाक्रम
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा, 'जब पलाऊ के झंडे वाले एमटी सेटेबेलो पर यह हमला हुआ तो हमने अमेरिकी पक्ष के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया। हमने अमेरिकी सीडीए को बुलाया और उन्हें हमलों की चल रही घटनाओं के बारे में अपनी गहरी चिंताओं से अवगत कराया। ये हमले वहाँ तैनात अमेरिकी नेवी की तरफ से हुए थे।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन घटनाओं में शामिल तीनों जहाज विदेशी झंडे वाले हैं और भारतीय मालिकाना हक के नहीं हैं।
नाविकों की सुरक्षा पर सरकार का रुख
बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने बताया कि अभी 562 भारतीय नाविक भारतीय झंडे वाले जहाजों पर तैनात हैं — जिनमें होर्मुज के पश्चिम में फारस की खाड़ी में 329 और होर्मुज के पूर्व में ओमान की खाड़ी में 233 शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पूरे खाड़ी क्षेत्र में 18,000 से अधिक भारतीय नाविक कार्यरत हैं।
सीएम सुक्खू और अनुराग ठाकुर की प्रतिक्रिया
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक्स पर लिखा कि उनके विधानसभा क्षेत्र नादौन के गलोड़ निवासी आदित्य शर्मा के निधन से वे अत्यंत व्यथित हैं और उन्होंने दिवंगत की आत्मा की शांति तथा परिवार के लिए संबल की कामना की।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा, 'हमारे एक युवा साथी, जो देश से बाहर रहकर अपनी सेवाएं दे रहे थे, उनकी जान चली गई। ना केवल परिवार, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश में इस घटना से बहुत दुख है।' उन्होंने विदेश मंत्री और विदेश मंत्रालय से माँग की कि कंपनी, स्थानीय सरकार और भारतीय दूतावास के साथ समन्वय कर आदित्य शर्मा का पार्थिव शरीर जल्द से जल्द परिवार को वापस दिलाया जाए। ठाकुर ने यह भी जानना चाहा कि उन्हें वहाँ भेजने का निर्णय किसने लिया और क्या उनकी सहमति से यह फैसला हुआ था।
हिमाचल सरकार की कोशिशें
हिमाचल प्रदेश के उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि इस हादसे में 21 लोगों को बचाया गया और तीन की मौत हुई, जिनमें हिमाचल का एक युवक भी शामिल है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विदेश मंत्रालय के संपर्क में है और पार्थिव शरीर जल्द वापस लाने की कोशिश की जा रही है। हमीरपुर के डिप्टी कमिश्नर की परिवार से बात हो चुकी है।
व्यापक असर: युद्ध और आपूर्ति श्रृंखला पर खतरा
मंत्री चौहान ने चेतावनी दी कि मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष का असर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ रहा है। उनके अनुसार, पिछले डेढ़ महीने में भारत में डीजल-पेट्रोल की कीमतें बढ़ी हैं और उत्पादन भी प्रभावित हो रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का एक बड़ा हिस्सा अपनी ऊर्जा आपूर्ति पर निर्भर है। गौरतलब है कि यह क्षेत्र पहले से ही बढ़ते तनाव का केंद्र रहा है और इस हमले ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में भारत सरकार की राजनयिक पहल और पार्थिव शरीर की वापसी की प्रक्रिया पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।