एमटी सेट्टेबेलो हमले में मारे गए आदित्य शर्मा और शिवानंद चौरसिया के पार्थिव शरीर भारत भेजे गए
सारांश
मुख्य बातें
ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने बुधवार, 17 जून 2026 को पुष्टि की कि पलाऊ ध्वजवाहक जहाज एमटी सेट्टेबेलो पर हुए हमले में जान गंवाने वाले दो भारतीय समुद्री कर्मियों — आदित्य शर्मा और शिवानंद चौरसिया — के पार्थिव शरीर भारत भेज दिए गए हैं। दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जारी बयान में मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
हमले का घटनाक्रम
एमटी सेट्टेबेलो पर यह हमला ओमान के बंदरगाह शहर सोहर से लगभग 30 समुद्री मील दूर हुआ था। दूतावास के अनुसार, घटना की सूचना तुरंत ओमान मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर को दी गई, जिसके बाद खोज और बचाव अभियान शुरू किया गया। इस अभियान में 21 भारतीय चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाला गया, जबकि 3 नाविकों की मौत हो गई।
चालक दल की स्वदेश वापसी
मंगलवार को दूतावास ने बताया कि जहाज के सभी 21 भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित रूप से ओमान से भारत लौट रहे हैं। रवाना होने से पहले ओमान में भारत के राजदूत प्रशांत पीसे ने चालक दल से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उनका हौसला बढ़ाया।
भारत सरकार की कूटनीतिक प्रतिक्रिया
इस घटना पर भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने अमेरिकी समकक्ष से बातचीत कर इस हमले पर औपचारिक विरोध दर्ज कराया। विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी चार्ज डी'अफेयर्स को तलब करते हुए स्पष्ट कहा कि नागरिक जहाजों पर इस प्रकार की कार्रवाई पूरी तरह अस्वीकार्य है और यह अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड की स्वीकारोक्ति
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने स्वीकार किया कि उसने इस जहाज को निशाना बनाया था। कमांड का आरोप था कि जहाज ईरान से तेल ले जा रहा था और अमेरिकी निर्देशों का पालन नहीं कर रहा था। सेना के अनुसार कार्रवाई के दौरान जहाज को निष्क्रिय किया गया।
आगे की राह
भारत ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए नागरिक समुद्री जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने की अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है। यह मामला भारत-अमेरिका संबंधों और अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के संदर्भ में कूटनीतिक दबाव का एक अहम बिंदु बना हुआ है।