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एमटी सेट्टेबेलो के 21 भारतीय नाविक स्वदेश लौटे, ओमान में भारतीय दूतावास ने की पुष्टि

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एमटी सेट्टेबेलो के 21 भारतीय नाविक स्वदेश लौटे, ओमान में भारतीय दूतावास ने की पुष्टि

सारांश

ओमान के सोहर तट पर हुए हमले में 3 नाविकों की जान गँवाने के बाद एमटी सेट्टेबेलो के 21 भारतीय चालक दल सुरक्षित स्वदेश लौटे। भारत ने अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई पर कड़ा कूटनीतिक विरोध दर्ज कराया और वाणिज्यिक जहाजों पर हमले तुरंत रोकने की माँग की।

मुख्य बातें

एमटी सेट्टेबेलो से बचाए गए 21 भारतीय नाविक सुरक्षित स्वदेश लौट आए हैं।
पलाऊ-ध्वज वाले इस जहाज पर ओमान के सोहर तट से 30 समुद्री मील दूर हमला हुआ था; 3 नाविकों की मृत्यु हुई।
ओमान में भारतीय राजदूत प्रशांत पीसे ने वापसी से पूर्व चालक दल से मुलाकात कर उनके साहस की सराहना की।
जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से बात कर वाणिज्यिक जहाज पर हमले को 'उचित नहीं' बताया।
12 जून को विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी चार्ज डी'अफेयर्स जेसन मीक्स को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया था।

ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने 16 जून 2026 को पुष्टि की कि पलाऊ-ध्वज वाले जहाज एमटी सेट्टेबेलो से बचाए गए 21 भारतीय नाविक सुरक्षित स्वदेश लौट आए हैं। यह जहाज ओमान के सोहर तट से लगभग 30 समुद्री मील दूर हमले का शिकार हुआ था, जिसमें 3 भारतीय नाविकों की जान चली गई थी।

घटनाक्रम: हमला और बचाव अभियान

दूतावास के अनुसार, एमटी सेट्टेबेलो पर हमले की सूचना मिलते ही ओमान मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर को तत्काल अवगत कराया गया। इसके बाद ओमानी अधिकारियों ने खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया, जिसके परिणामस्वरूप 21 भारतीय चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाला गया। दूतावास ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस घटना का विवरण साझा करते हुए लिखा: 'एमटी सेट्टेबेलो, एक पलाऊ-ध्वज वाला जहाज, ओमान के सोहर तट से लगभग 30 समुद्री मील दूर था जब उस पर हमला हुआ... 21 भारतीय चालक दल को सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन इस दुखद समुद्री घटना में 3 लोगों की जान चली गई।'

राजदूत की मुलाकात और सराहना

ओमान में भारत के राजदूत प्रशांत पीसे ने नाविकों की स्वदेश वापसी से पूर्व उनसे व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। उन्होंने चालक दल के सदस्यों को शुभकामनाएँ दीं और अत्यंत कठिन परिस्थितियों में उनके साहस तथा धैर्य की प्रशंसा की। दूतावास ने विदेश में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।

भारत का कूटनीतिक विरोध

इस घटना को लेकर भारत ने कड़ा कूटनीतिक रुख अपनाया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से बात करते हुए ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना द्वारा तेल टैंकर पर किए गए हमले पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। जयशंकर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वाणिज्यिक जहाजों पर इस तरह की जानलेवा कार्रवाई 'उचित नहीं है।' गौरतलब है कि इससे पहले 12 जून को विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के चार्ज डी'अफेयर्स जेसन मीक्स को तलब कर लगातार हो रहे हमलों पर औपचारिक विरोध जताया था।

विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि भारत ने वाणिज्यिक पोत पर हमले और 3 नाविकों की मृत्यु को लेकर सख्त आपत्ति दर्ज कराई है और यह अपेक्षा व्यक्त की है कि ऐसे हमले तत्काल रोके जाएँ। यह ऐसे समय में आया है जब समुद्री सुरक्षा को लेकर भारत की चिंताएँ पहले से बढ़ी हुई हैं और खाड़ी क्षेत्र में तनाव का स्तर ऊँचा बना हुआ है।

आगे क्या

बचाए गए 21 नाविकों के स्वदेश लौटने के साथ तात्कालिक राहत अभियान पूरा हो गया है, लेकिन कूटनीतिक मोर्चे पर स्थिति अभी भी संवेदनशील बनी हुई है। भारत सरकार ने समुद्री हमलों को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बनाए रखने के संकेत दिए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और उनकी सुरक्षा के लिए द्विपक्षीय बातचीत से आगे एक ठोस बहुपक्षीय समुद्री सुरक्षा ढाँचे की ज़रूरत है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एमटी सेट्टेबेलो पर हमला कहाँ और कब हुआ?
एमटी सेट्टेबेलो, एक पलाऊ-ध्वज वाला तेल टैंकर, ओमान के सोहर तट से लगभग 30 समुद्री मील दूर हमले का शिकार हुआ। इस घटना में 3 भारतीय नाविकों की मृत्यु हुई और 21 को सुरक्षित बचाया गया।
बचाए गए 21 भारतीय नाविकों को स्वदेश कैसे लाया गया?
ओमान मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर को सूचित किए जाने के बाद ओमानी अधिकारियों ने खोज एवं बचाव अभियान चलाया। इसके बाद ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने 21 नाविकों की स्वदेश वापसी की व्यवस्था सुनिश्चित की।
भारत ने इस हमले पर क्या कूटनीतिक कदम उठाए?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से बात कर कड़ा विरोध दर्ज कराया। इससे पहले 12 जून को विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी चार्ज डी'अफेयर्स जेसन मीक्स को तलब किया था।
भारत ने अमेरिका के खिलाफ विरोध क्यों जताया?
रिपोर्टों के अनुसार, ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना द्वारा तेल टैंकर पर किए गए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हुई। जयशंकर ने इसे वाणिज्यिक जहाजों पर 'उचित नहीं' कार्रवाई बताते हुए ऐसे हमले तुरंत रोकने की माँग की।
ओमान में भारतीय राजदूत ने नाविकों से क्यों मुलाकात की?
ओमान में भारतीय राजदूत प्रशांत पीसे ने नाविकों की स्वदेश वापसी से पूर्व उनसे मिलकर शुभकामनाएँ दीं और कठिन परिस्थितियों में उनके साहस व धैर्य की सराहना की। यह भारतीय दूतावास की नागरिक कल्याण प्रतिबद्धता का हिस्सा था।
राष्ट्र प्रेस
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