31 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एमटी जलवीर के 20 भारतीय नाविकों ने ओमानी नेवी और भारतीय दूतावास का जताया आभार, सुरक्षित लौटे घर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एमटी जलवीर के 20 भारतीय नाविकों ने ओमानी नेवी और भारतीय दूतावास का जताया आभार, सुरक्षित लौटे घर

सारांश

संकट में फंसे एमटी जलवीर के 20 भारतीय नाविकों को 11–14 जून 2026 के बीच ओमानी नेवी और भारतीय दूतावास के संयुक्त प्रयासों से सुरक्षित बचाया गया। राजदूत प्रशांत पिसे ने मस्कट में क्रू से मुलाकात की और सभी नाविक अब घर लौट चुके हैं।

मुख्य बातें

एमटी जलवीर के 20 भारतीय चालक दल सदस्यों को 11 जून 2026 को जहाज से जुड़ी घटना के बाद सुरक्षित बचाया गया।
ओमानी नेवी ने बचाव अभियान का नेतृत्व किया; भारतीय दूतावास, मस्कट पूरे समय क्रू के संपर्क में रहा।
11 जून से 14 जून 2026 तक सभी 20 क्रू सदस्यों को मस्कट के होटल में सुरक्षित रखा गया।
कैप्टन सुबोध और सेकेंड ऑफिसर नाजिम ने दूतावास, ओमान सरकार और शिपिंग कंपनी के सहयोग की सराहना की।
ओमान में भारत के राजदूत प्रशांत पिसे ने मस्कट में सभी क्रू सदस्यों से व्यक्तिगत मुलाकात की।
सभी 20 भारतीय नाविक अब सुरक्षित रूप से अपने घर लौट चुके हैं।

एमटी जलवीर से बचाए गए 20 भारतीय चालक दल सदस्यों ने ओमान में भारतीय दूतावास और ओमान सरकार की त्वरित कार्रवाई के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है, जिनके समन्वित प्रयासों से सभी नाविक सुरक्षित घर लौट सके। 11 जून 2026 को जहाज से जुड़ी घटना के बाद शुरू हुआ यह बचाव अभियान 14 जून 2026 तक चला, जिसमें ओमानी नौसेना ने अग्रणी भूमिका निभाई।

बचाव अभियान का घटनाक्रम

एमटी जलवीर के कैप्टन सुबोध ने बताया कि संकट की स्थिति में सबसे पहले ओमानी नेवी ने उन्हें बचाया। इसके तुरंत बाद मस्कट स्थित भारतीय दूतावास उनके निरंतर संपर्क में रहा और शिपिंग कंपनी ने भी हर संभव सहायता प्रदान की। 11 जून से 14 जून 2026 तक सभी 20 क्रू सदस्यों को होटल में सुरक्षित रखा गया।

पोत के सेकेंड ऑफिसर नाजिम ने भी इस सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि दूतावास, ओमान सरकार और कंपनी ने पूरा साथ दिया। उन्होंने कहा, 'आम लोगों की दुआओं और सबके साथ की वजह से हम अपने परिजनों से मिल पा रहे हैं।'

राजदूत की मुलाकात और दूतावास की भूमिका

ओमान में भारत के राजदूत प्रशांत पिसे ने एमटी जलवीर के सभी 20 भारतीय क्रू सदस्यों से मस्कट में व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उनकी सुरक्षित घर वापसी की कामना की। भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए लिखा, 'ओमान में भारत के राजदूत ने एमटी जलवीर के 20 भारतीय क्रू सदस्यों से मस्कट में मुलाकात की और उनकी सुरक्षित घर वापसी की कामना की।'

दूतावास ने यह भी स्पष्ट किया कि वह संकट में फंसे भारतीय नागरिकों को तत्काल सहायता और समर्थन प्रदान करने तथा उनकी कुशलता और सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। दूतावास ने बचाए गए क्रू सदस्यों की एक वीडियो क्लिप भी साझा की।

क्रू सदस्यों की प्रतिक्रिया

चालक दल के सदस्यों ने एकमत से कहा कि संकट की घड़ी में मिली सहायता ने उनकी जान बचाने में निर्णायक भूमिका निभाई। उन्होंने भारतीय दूतावास और ओमान प्रशासन की समन्वित कार्रवाई को विशेष रूप से सराहा। यह घटना इस बात का उदाहरण है कि कूटनीतिक सक्रियता और स्थानीय प्रशासन का तालमेल किस प्रकार जीवन-रक्षक साबित हो सकता है।

आगे की स्थिति

सभी 20 भारतीय नाविक अब सुरक्षित रूप से अपने घर लौट चुके हैं। भारतीय दूतावास, मस्कट ने इस पूरे ऑपरेशन में शामिल सभी एजेंसियों — विशेष रूप से ओमानी नौसेना और संबंधित ओमानी अधिकारियों — के प्रति आभार व्यक्त किया है। यह सफल बचाव अभियान विदेशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भारत सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि एमटी जलवीर पर आखिर क्या घटना हुई — जिसका विस्तृत विवरण अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। शिपिंग उद्योग में पारदर्शिता की माँग के बीच, घटना की पूरी जानकारी सामने आना ज़रूरी है ताकि भविष्य में ऐसी स्थितियों से बचा जा सके।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एमटी जलवीर पर क्या घटना हुई थी?
रिपोर्टों के अनुसार, 11 जून 2026 को भारतीय जहाज एमटी जलवीर से जुड़ी एक घटना हुई, जिसके बाद 20 भारतीय क्रू सदस्यों को बचाव अभियान के तहत सुरक्षित निकाला गया। घटना का विस्तृत विवरण अभी तक आधिकारिक रूप से सार्वजनिक नहीं किया गया है।
एमटी जलवीर के नाविकों को किसने बचाया?
ओमानी नेवी ने एमटी जलवीर के चालक दल को बचाने में अग्रणी भूमिका निभाई। इसके बाद मस्कट स्थित भारतीय दूतावास और शिपिंग कंपनी ने मिलकर सभी 20 नाविकों की देखभाल सुनिश्चित की।
बचाव के बाद क्रू सदस्यों को कहाँ रखा गया?
11 जून से 14 जून 2026 तक सभी 20 क्रू सदस्यों को मस्कट के एक होटल में सुरक्षित रखा गया। इस दौरान भारतीय दूतावास उनके निरंतर संपर्क में रहा।
भारतीय राजदूत प्रशांत पिसे ने क्या किया?
ओमान में भारत के राजदूत प्रशांत पिसे ने मस्कट में एमटी जलवीर के सभी 20 भारतीय क्रू सदस्यों से व्यक्तिगत मुलाकात की और उनकी सुरक्षित घर वापसी की कामना की।
क्या सभी भारतीय नाविक अपने घर लौट चुके हैं?
हाँ, भारतीय दूतावास, मस्कट के अनुसार एमटी जलवीर के सभी 20 भारतीय चालक दल सदस्य अब सुरक्षित रूप से अपने घर लौट चुके हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 1 साल पहले