एमटी जलवीर के 20 भारतीय नाविकों ने ओमानी नेवी और भारतीय दूतावास का जताया आभार, सुरक्षित लौटे घर
सारांश
मुख्य बातें
एमटी जलवीर से बचाए गए 20 भारतीय चालक दल सदस्यों ने ओमान में भारतीय दूतावास और ओमान सरकार की त्वरित कार्रवाई के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है, जिनके समन्वित प्रयासों से सभी नाविक सुरक्षित घर लौट सके। 11 जून 2026 को जहाज से जुड़ी घटना के बाद शुरू हुआ यह बचाव अभियान 14 जून 2026 तक चला, जिसमें ओमानी नौसेना ने अग्रणी भूमिका निभाई।
बचाव अभियान का घटनाक्रम
एमटी जलवीर के कैप्टन सुबोध ने बताया कि संकट की स्थिति में सबसे पहले ओमानी नेवी ने उन्हें बचाया। इसके तुरंत बाद मस्कट स्थित भारतीय दूतावास उनके निरंतर संपर्क में रहा और शिपिंग कंपनी ने भी हर संभव सहायता प्रदान की। 11 जून से 14 जून 2026 तक सभी 20 क्रू सदस्यों को होटल में सुरक्षित रखा गया।
पोत के सेकेंड ऑफिसर नाजिम ने भी इस सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि दूतावास, ओमान सरकार और कंपनी ने पूरा साथ दिया। उन्होंने कहा, 'आम लोगों की दुआओं और सबके साथ की वजह से हम अपने परिजनों से मिल पा रहे हैं।'
राजदूत की मुलाकात और दूतावास की भूमिका
ओमान में भारत के राजदूत प्रशांत पिसे ने एमटी जलवीर के सभी 20 भारतीय क्रू सदस्यों से मस्कट में व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उनकी सुरक्षित घर वापसी की कामना की। भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए लिखा, 'ओमान में भारत के राजदूत ने एमटी जलवीर के 20 भारतीय क्रू सदस्यों से मस्कट में मुलाकात की और उनकी सुरक्षित घर वापसी की कामना की।'
दूतावास ने यह भी स्पष्ट किया कि वह संकट में फंसे भारतीय नागरिकों को तत्काल सहायता और समर्थन प्रदान करने तथा उनकी कुशलता और सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। दूतावास ने बचाए गए क्रू सदस्यों की एक वीडियो क्लिप भी साझा की।
क्रू सदस्यों की प्रतिक्रिया
चालक दल के सदस्यों ने एकमत से कहा कि संकट की घड़ी में मिली सहायता ने उनकी जान बचाने में निर्णायक भूमिका निभाई। उन्होंने भारतीय दूतावास और ओमान प्रशासन की समन्वित कार्रवाई को विशेष रूप से सराहा। यह घटना इस बात का उदाहरण है कि कूटनीतिक सक्रियता और स्थानीय प्रशासन का तालमेल किस प्रकार जीवन-रक्षक साबित हो सकता है।
आगे की स्थिति
सभी 20 भारतीय नाविक अब सुरक्षित रूप से अपने घर लौट चुके हैं। भारतीय दूतावास, मस्कट ने इस पूरे ऑपरेशन में शामिल सभी एजेंसियों — विशेष रूप से ओमानी नौसेना और संबंधित ओमानी अधिकारियों — के प्रति आभार व्यक्त किया है। यह सफल बचाव अभियान विदेशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भारत सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।