25 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एमटी मारिवाक्स हादसा: सभी 24 भारतीय नाविक सुरक्षित, घटना से पहले अमेरिकी नौसेना से हुई थी बातचीत

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एमटी मारिवाक्स हादसा: सभी 24 भारतीय नाविक सुरक्षित, घटना से पहले अमेरिकी नौसेना से हुई थी बातचीत

सारांश

ओमान तट पर आग की चपेट में आए जहाज एमटी मारिवाक्स पर सवार सभी 24 भारतीय नाविक सुरक्षित बचाए गए। विदेश मंत्रालय ने खुलासा किया कि घटना से पहले जहाज और अमेरिकी नौसेना के बीच बातचीत हुई थी। जहाज प्रोजेक्टाइल की चपेट में आया था या नहीं, इसकी जाँच जारी है।

मुख्य बातें

पलाऊ-ध्वज वाहक जहाज एमटी मारिवाक्स पर सवार सभी 24 भारतीय नाविक सुरक्षित बचाए गए।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पुष्टि की कि घटना से पहले जहाज और अमेरिकी नौसेना के बीच वार्तालाप हुई थी।
जहाज में सोमवार दोपहर 1:30 बजे आग लगने की सूचना मिली; घटना होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिण में हुई।
शिपिंग डिवीजन के निदेशक ओपेश कुमार शर्मा के अनुसार जहाज पर प्रोजेक्टाइल हमले की आशंका की जाँच जारी है।
मस्कट स्थित भारतीय दूतावास और MRCC बचाव अभियान में सक्रिय रहे; ओमान सरकार के सहयोग की सराहना की गई।

विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को पुष्टि की कि ओमान तट के पास हादसे का शिकार हुए पलाऊ-ध्वज वाहक जहाज एमटी मारिवाक्स और अमेरिकी नौसेना के बीच घटना से पहले संपर्क हुआ था। जहाज पर सवार सभी 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि एमटी मारिवाक्स ओमान के तट के निकट निष्क्रिय हो गया था। उन्होंने कहा, "उपलब्ध जानकारी के अनुसार, घटना से पहले जहाज और अमेरिकी नौसेना के बीच वार्तालाप हुई थी। जहाज पर भारत के 24 नागरिक कार्यरत थे और सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया है।"

बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार, जहाज में सोमवार दोपहर लगभग 1:30 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिण में हुई इस घटना के बाद बचाव अभियान तुरंत शुरू किया गया।

बचाव अभियान और ओमान की भूमिका

जायसवाल ने बताया कि मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ने घटना के बाद ओमानी अधिकारियों से तत्काल संपर्क किया, जिन्होंने बिना देरी के बचाव कार्य शुरू किया। उन्होंने कहा, "हम इस अभियान में सहयोग के लिए ओमान सरकार का आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने क्रू का बचाव करने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई।"

भारतीय दूतावास ने भी स्वतंत्र रूप से पुष्टि की थी कि सभी 24 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और ओमानी अधिकारियों की त्वरित प्रतिक्रिया की सराहना की।

प्रोजेक्टाइल की आशंका पर जाँच जारी

शिपिंग डिवीजन के निदेशक ओपेश कुमार शर्मा ने कहा कि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि जहाज किसी प्रोजेक्टाइल की चपेट में आया था या नहीं। उन्होंने बताया कि तथ्यों की पुष्टि की जा रही है और मंत्रालय जहाज के मालिकों, विदेश मंत्रालय तथा ओमान स्थित भारतीय मिशन के साथ लगातार संपर्क में है।

सरकार की प्रतिक्रिया

जायसवाल ने बताया कि भारत सरकार सभी हितधारकों के संपर्क में है, जिनमें नौवहन मंत्रालय, मैरीटाइम रेस्क्यू कॉर्डिनेशन सेंटर (MRCC) और अन्य संबंधित पक्ष शामिल हैं। भारतीय मिशन अभी भी नाविकों के संपर्क में बना हुआ है।

यह घटना ऐसे समय में आई है जब होर्मुज जलडमरूमध्य और उसके आसपास के समुद्री मार्गों पर वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंताएँ बढ़ी हुई हैं। गौरतलब है कि यह क्षेत्र वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए सबसे महत्वपूर्ण जलमार्गों में से एक है। जाँच के नतीजे आने के बाद इस घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इस हादसे को महज एक समुद्री दुर्घटना से कहीं अधिक जटिल बनाता है। होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे संवेदनशील क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर बढ़ते खतरों के बीच प्रोजेक्टाइल की आशंका की जाँच का परिणाम निर्णायक होगा। भारत का यह कदम — कि दूतावास ने तुरंत ओमानी अधिकारियों से संपर्क किया — अपने नागरिकों की सुरक्षा में सक्रिय कूटनीति दर्शाता है, लेकिन समुद्री सुरक्षा की दीर्घकालिक चुनौती के लिए बहुपक्षीय तंत्र की ज़रूरत बनी रहेगी।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एमटी मारिवाक्स जहाज हादसा क्या है?
एमटी मारिवाक्स एक पलाऊ-ध्वज वाहक जहाज है जो ओमान तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिण में सोमवार दोपहर आग की चपेट में आया। जहाज पर सवार सभी 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
क्या एमटी मारिवाक्स पर हमला हुआ था?
शिपिंग डिवीजन के निदेशक ओपेश कुमार शर्मा के अनुसार, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि जहाज किसी प्रोजेक्टाइल की चपेट में आया था या नहीं। तथ्यों की पुष्टि के लिए जाँच जारी है।
अमेरिकी नौसेना और एमटी मारिवाक्स के बीच क्या बातचीत हुई थी?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पुष्टि की कि घटना से पहले जहाज और अमेरिकी नौसेना के बीच वार्तालाप हुई थी, हालाँकि उस बातचीत का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
24 भारतीय नाविकों को कैसे बचाया गया?
मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ने घटना के तुरंत बाद ओमानी अधिकारियों से संपर्क किया, जिन्होंने बचाव अभियान शुरू किया। MRCC और नौवहन मंत्रालय भी इस अभियान में सक्रिय रहे।
भारत सरकार इस मामले में आगे क्या कदम उठाएगी?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारतीय मिशन अभी भी नाविकों के संपर्क में है और जहाज के मालिकों तथा संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय जारी है। प्रोजेक्टाइल हमले की आशंका की जाँच के नतीजों का इंतज़ार है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले