एमटी मारिवाक्स हादसा: सभी 24 भारतीय नाविक सुरक्षित, घटना से पहले अमेरिकी नौसेना से हुई थी बातचीत
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को पुष्टि की कि ओमान तट के पास हादसे का शिकार हुए पलाऊ-ध्वज वाहक जहाज एमटी मारिवाक्स और अमेरिकी नौसेना के बीच घटना से पहले संपर्क हुआ था। जहाज पर सवार सभी 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि एमटी मारिवाक्स ओमान के तट के निकट निष्क्रिय हो गया था। उन्होंने कहा, "उपलब्ध जानकारी के अनुसार, घटना से पहले जहाज और अमेरिकी नौसेना के बीच वार्तालाप हुई थी। जहाज पर भारत के 24 नागरिक कार्यरत थे और सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया है।"
बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार, जहाज में सोमवार दोपहर लगभग 1:30 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिण में हुई इस घटना के बाद बचाव अभियान तुरंत शुरू किया गया।
बचाव अभियान और ओमान की भूमिका
जायसवाल ने बताया कि मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ने घटना के बाद ओमानी अधिकारियों से तत्काल संपर्क किया, जिन्होंने बिना देरी के बचाव कार्य शुरू किया। उन्होंने कहा, "हम इस अभियान में सहयोग के लिए ओमान सरकार का आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने क्रू का बचाव करने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई।"
भारतीय दूतावास ने भी स्वतंत्र रूप से पुष्टि की थी कि सभी 24 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और ओमानी अधिकारियों की त्वरित प्रतिक्रिया की सराहना की।
प्रोजेक्टाइल की आशंका पर जाँच जारी
शिपिंग डिवीजन के निदेशक ओपेश कुमार शर्मा ने कहा कि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि जहाज किसी प्रोजेक्टाइल की चपेट में आया था या नहीं। उन्होंने बताया कि तथ्यों की पुष्टि की जा रही है और मंत्रालय जहाज के मालिकों, विदेश मंत्रालय तथा ओमान स्थित भारतीय मिशन के साथ लगातार संपर्क में है।
सरकार की प्रतिक्रिया
जायसवाल ने बताया कि भारत सरकार सभी हितधारकों के संपर्क में है, जिनमें नौवहन मंत्रालय, मैरीटाइम रेस्क्यू कॉर्डिनेशन सेंटर (MRCC) और अन्य संबंधित पक्ष शामिल हैं। भारतीय मिशन अभी भी नाविकों के संपर्क में बना हुआ है।
यह घटना ऐसे समय में आई है जब होर्मुज जलडमरूमध्य और उसके आसपास के समुद्री मार्गों पर वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंताएँ बढ़ी हुई हैं। गौरतलब है कि यह क्षेत्र वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए सबसे महत्वपूर्ण जलमार्गों में से एक है। जाँच के नतीजे आने के बाद इस घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।